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कंफ्यूजन खत्म, एक अप्रैल से राज्य में प्राइवेट प्लेयर्स बेचेंगे शराब

कंफ्यूजन खत्म, एक अप्रैल से राज्य में प्राइवेट प्लेयर्स बेचेंगे शराब

Ranchi : राज्य में अब कल से यानि कि एक अप्रैल से प्राइवेट प्लेयर्स शराब बेचेंगे. शराब कौन बेचेगा इसको लेकर कंफ्यूजन बना हुआ था. लेकिन राज्य में अब प्राइवेट प्लेयर्स शराब बेचेंगे इस बात को हरी झंडी दिखा दी गयी है. चुनाव आयोग ने इसकी अनुमति भी दे दी है।उल्लेखनीय है कि अनुमति चुनाव आयोग ने आज ही दी है. राज्य सरकार के द्वारा राज्य भर में 1664 शराब दुकान खोली जानी है. राज्य भर में उत्पाद विभाग के तरफ से 799 ग्रुप बनाए गए हैं जिनकी बंदोबस्ती की जा रही है. इन 799 ग्रुपों में देसी 565 विदेशी 718 और कम्पोजिट 381 दुकानें हैं.कल से पहले चरण की लाॅटरी के जरीए चुने गए लोगों के द्वारा दुकानें संचालित की जाएंगी. पांच मार्च 2019 को लाॅटरी की गयी थी. जो कल से नई व्यवस्था के तहत शराब बेच पाएंगे. उत्पाद विभाग के निदेशक भोर सिंह यादव ने बताया कि जल्द ही दूसरे राउंड की भी लाॅटरी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी.

दुकान खोलने और बंद करने का समय भी तय

विभाग ने तय किया है कि शराब की सरकारी दुकानें सुबह 11 बजे खुलेंगी और रात के 11 बजे तक खुली रहेंगी. इस बीच किसी तरह की कोई छुट्टी का प्रावधान नहीं है. एमआरपी से अधिक राशि पर शराब बेचे जाने की सूरत में लाइसेंसधारियों का लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान है.

हाता के लिए भी रखी गयी शर्त

अगर कोई विदेशी शराब के लाइसेंसधारी हाता में ग्राहकों को बैठा कर शराब पिलाना चाहता है तो उसके लिए 600 स्क्वायर फीट की जगह होनी चाहिए. एसी लगा होना चाहिए और और साफ पानी की व्यवस्था होनी चाहिए.वहीं हाता का लाइसेंस शुल्क विदेशी शराब पर 20 फीसदी और कम्पोजिट पर 10 फीसदी बढ़ा दी जाएगी. इस साल विभाग का टारगेट 1558 करोड़ का है. पिछले वित्त वर्ष में यह टारगेट 1000 करोड़ का था.

हर साल किया जाएगा लाइसेंस रिन्यूअल

ये दुकानें देसी, विदेशी और कम्पोजिट दुकान (देसी+विदेशी) हैं. राज्य भर में उत्पाद विभाग की तरफ से 799 ग्रुप हैं जिनकी बंदोबस्ती की जानी है. इन 799 ग्रुप में देसी-565, विदेशी-718 और कम्पोजिट-381 दुकानें हैं. यानी राज्य भर में सरकार की तरफ से कुल 1664 शराब की दुकानें खोली जानी हैं.हर ग्रुप की बंदोबस्ती तीन साल के लिए की गयी है. लेकिन लाइसेंस रिन्यूअल हर साल किया जाएगा. वहीं, हर साल होने वाले लाइसेंस रिन्यूअल पर विभाग की तरफ से शुल्क बढ़ाया या घटाया जा सकता है.