एन पी यू के प्रो वाइस चांसलर ने पलामू के कबराकलां का दौरा किया


गुरूवार को नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय के प्रो वाइस चांसलर विजय कुमार सिंह एवं यूनिवर्सिटी प्रोफेसर एवं चर्चित साहित्यकार कुमार वीरेंद्र ने पुरातात्विक गांव कबरा कलां का भ्रमण किया। इस अवसर पर सोन घाटी पुरातत्व परिषद के अध्यक्ष अंगद किशोर, सचिव तापस डे एवं सह सचिव रंजीत कुमार भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि विगत साठ दिनों से आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, रांची के नेतृत्व में पलामू जिले के हैदरनगर प्रखंड में स्थित कबरा कलां गांव में पुरातात्विक उत्खनन बदस्तूर जारी है।

          मौके पर उपस्थित सहायक पुरातत्वविद डॉ पूनम बिंद एवं सौरभ कुमार ने प्रो वाइस चांसलर श्री सिंह को बताया कि कबरा कलां में छह स्थानों पर खुदाई जारी है। उन्होंने राम वचन शर्मा के घर के पास की गई खुदाई को दिखलाया। लगभग पच्चीस वर्ग मीटर में उत्खनन किया गया है। लगभग बीस फीट गहराई पर 23 मृदभांड मिलें हैं, जो अभी निकाला नहीं गया है। इसमें​ टेराकोटा का एक रिंगवेल भी मिला है।साथ इस गड्ढे के ऊपर में ही ईंट की एक दीवार मिली है।

         प्रो वाइस चांसलर श्री सिंह ने पुरातत्व को नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल करने की अनिवार्यता पर बल दिया।साथ में आए यूनिवर्सिटी प्रोफेसर एवं साहित्यकार डॉ कुमार वीरेंद्र ने सोन नदी के तट पर अवस्थित पुरातात्विक महत्व के गांव कबरा कलां का मनोरम दृश्य देखकर अभिभूत हो गये। ग्रामीण एवं पंचायत समिति के सदस्य रामप्रवेश सिंह ने किंवदंती के हवाले से बताया कि यहां कभी 52 गली और 53 बाज़ार था।

       सोन घाटी पुरातत्व परिषद के अध्यक्ष अंगद किशोर एवं सचिव तापस डे ने संयुक्त रूप से  नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय के प्रो वाइस चांसलर से आग्रह किया कि सोन एवं उत्तर कोयल नदी की तटीय बस्तियों में हजारों वर्ष पुराने अवशेष भरे पड़े हैं।उन अवशेषों की खोज एवं शोध की जरूरत है।अतएव विश्वविद्यालय में पुरातत्व की पढ़ाई प्रारंभ होने से सोन घाटी का छुपा इतिहास प्रकाश में आएगा। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों, मसलन संजीव कुमार सिंह, शालीग्राम चौधरी आदि, ने यूनिवर्सिटी की टीम को विभिन्न उत्खनन स्थलों का भ्रमण कराया।