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फोन पर राजनीति - एसपी-जेल अधीक्षक ने ली लालू के कमरे की तलाशी।

फोन पर राजनीति - एसपी-जेल अधीक्षक ने ली लालू के कमरे की तलाशी।

लालू प्रसाद जेल से भी फोन कर राजनीति करते हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान के बाद झारखंड पुलिस में हड़कंप मच गया। मंगलवार को रिम्स के पेईंग वार्ड में भर्ती सजायाफ्ता लालू प्रसाद के कमरे की जांच की गई। करीब आधे घंटे तक चली इस जांच में पुलिस को कुछ खास हाथ नहीं लगा। सीटी एसपी, जेलर, जेल अधीक्षक सहित अन्य पुलिस पदाधिकारियों ने अचानक शाम को रिम्स पहुंच लालू प्रसाद के कमरे की जांच शुरू कर दी। 

पुलिस को सूचना मिली थी कि लालू प्रसाद अस्पताल के कमरे से ही राजनीति कर रहे हैं, जिसे लेकर कुछ सामान भी वहां मौजूद हैं। हालांकि पुलिस इस जांच को रूटीन जांच बता रही है, लेकिन एक सप्ताह के अंदर पुलिस द्वारा यह दूसरी जांच की गई है। जांच के दौरान पुलिस को कमरे में मौजूद दवाईयां, फल व सब्जियां ही हाथ लगी। 

झारखंड के जेल आईजी विरेंद्र भूषण ने तत्काल अपनी सफाई दी है कि लालू प्रसाद के द्वारा अस्पताल में मोबाइल फोन के इस्तेमाल की बात निराधार है। प्रशासन के द्वारा कई बार औचक निरीक्षण किया गया है, कभी भी मोबाइल की बरामदगी या इसके इस्तेमाल की बात सामने नहीं आयी है। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद से मिलने जाने वाले लोगों का मोबाइल भी मुलाकात के पहले जमा करा लिया जाता है।

बताया जा रहा है कि चुनाव को लेकर पार्टी के कार्यकर्ता लालू प्रसाद से लगातार हर दिन मिलने की कोशिश में लगे हुए हैं। लेकिन सुरक्षा कड़ी होने के कारण मिल पाना मुश्किल है। लेकिन चुनाव को लेकर लालू प्रसाद का संदेश किसी माध्यम से पार्टी तक पहुंचने की सूचना पुलिस को दी गई है। 

लालू की सुरक्षा बढ़ाई गई

लालू प्रसाद की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। पेईंग वार्ड में फर्स्ट फ्लोर पर जहां लालू का कमरा है, उसकी घेराबंदी कर दी गयी है। स्कैनर लगा दिया गया है। स्कैनर से होकर ही डॉक्टर व सेवादारों को जाने की अनुमति है। जानकारी के अनुसार सेवादारों को पुलिस द्वारा सख्त निर्देश दिया गया है कि वह कमरा से पहले ही उनको सामान व खाना मुहैया करा दें। कमरा में जाने की जरूरत नहीं है। उनके कमरे में जिस सेवादार को रहने की अनुमति है वहीं रह सकता है।

मंगलवार को सिटी एसपी ने रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह से भी मुलाकात की। निदेशक से लालू की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाने का आग्रह किया। निदेशक ने कहा कि रिम्स का जिम्मा इलाज का है, जिसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जा रही है। सुरक्षा के लिए पुलिस अपने स्तर से जो करना चाहे वह करने के लिए स्वतंत्र है।