कोयल नदी के पुल का पहुंच पथ कार्य ग्रामीणों ने रोका, ग्रामीणों ने अंडर पास के निर्माण के बाद ही पहुंच पथ बनाने का निर्णय लिया, एसडीपीओ व निर्माण कंपनी के प्रबंधक ने भी ग्रामीणों की मांग को जायज बताया


पलामूः-

हैदरनगर के पंसा गांव स्थित कोयल नदी पर पंसा -सुड़ीपुर पुल का निर्माण लगभग पूर्ण हो गया है। षुरुआत में ही निर्माण कंपनी राजवीर कंस्ट्क्षन ने ग्रामीणों को अंडर पास बनाने का आष्वासन दिया था। किंतु संवेदक की मनमानी व लापरवाही के कारण अंडर पास का निर्माण अब तक नहीं हो सका है। जिससे स्थानीय ग्रामीण संवेदक के प्रति आक्रोषित हैं। षनिवार को समाजसेवी उपेंद्र सिंह के नेतृत्व में दर्जनों गांव के ग्रामीणों ने पंसा गांव में बन रहे पुल तक पहुंच पथ बनाने से रोक दिया है। कार्य रोकने की सूचना पर हुसैनाबाद के एसडीपीओ मनोज कुमार महतो दल बल के साथ वहां पहुंचकर ग्रामीणों व संवेदक के प्रोजेक्ट मैनेजर जीतेंद्र झां से वार्ता की। जिसमें संवेदक की खुलेआम लापरवाही व मनामनी सामने आई। ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे उपेंद्र सिंह ने कहा कि जब तक अंडर पास का निर्माण प्रारम्भ नहीं होगा, तब तक पुल का पहुंच पथ का निर्माण ग्रामीण नहीं होने देंगे। अंडर पास का निर्माण हो जाने से बिहार के नौहट्टा व रोहतास प्रखंड क्षेत्र से सोन नदी पार कर आने वाले लोगों के अलावा मोहम्मदगंज व हैदरनगर प्रखंड के सोन व कोयल तटवर्तीय लोगों को आने जाने में सुविधा होगी। उपेंद्र सिंह ने कहा कि पुल निर्माण के तीन वर्श पूर्व ही संवेदक व पुल निर्माण में लगे अधिकारी व कर्मचारियों ने ग्रामीणों से वादा किया था कि अंडर पास का निर्माण अवष्य किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अंडर पास नहीं बनने से पुल के बगल पंसा बगीचा स्थित संगम के समीप बने सूर्य मंदिर व अस्मसान जाना मुष्किल हो जायेगा। उन्होंने कहा कि अंडर पास रास्ता से दर्जनों गांव के लोग अस्मसान के साथ साथ सूर्य मंदिर में पूजा अर्चना करने पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि अंडर पास का निर्माण नहीं होने से दर्जनों गांव का संपर्क पंसा गांव व मोहम्मदगंज प्रखंड मुख्यालय से कट जायेगा। उन्होंने कहा कि पुल निर्माण से पंसा सहित दर्जनों गांव के ग्रामीणों से को विषेश लाभ नहीं है। जब तक अंडर पास का निर्माण नहीं होगा। संपर्क पथ नहीं बनने दिया जायेगा। श्री सिंह के साथ उपस्थित ग्रामीणों ने किसी भी कीमत पर अंडर पास निर्माण के बाद ही पहुंच पथ निर्माण कराने का संकल्प दुहराया। उन्होंने कहा कि कंपनी के अधिकारी बोरिया बिस्तर लेकर भागने की फिराक में हैं। मगर ग्रामीण उनकी यह इच्छा पूरी नहीं होने देंगे। मौके पर पहुंचे एसडीपीओ मनोज कुमार महतो ने प्रोजेक्ट मैनेजर जीतेंद्र झां से वार्ता कर कहा कि ग्रामीणों की मांग जायज है। इस पथ से 50 हजार से अधिक की अबादी लाभानवित होगी। उन्होंने कहा कि पहुंच पथ का निर्माण ग्रामीणों ने रोक दिया है। वह इस संबंध में संवेदक को जानकारी दें। उन्होंने कहा कि प्रषासन सुरक्षा देने के लिए है। मगर संवेदक को ग्रामीणों की परेषानी भी समझना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पुल निर्माण के दौरान जब संवेदक ने अंडर पास निर्माण कराने की बात कही थी तो, कार्य अब तक क्यों नहीं कराया गया। ग्रामीणों की मांग जायज है। संवेदक उसे मान लेते हैं तो प्रषासन खड़ा होकर पहुंच पथ का निर्माण कराने में संवेदक की पूरी मदद करेगा। उन्होंने कहा कि विकास के कार्य से जनता को लाभ मिलना चाहिए। उधर रानी देवा, अधौरा, कोईरीयाडीह, रघुनाथपुर, कबरा, पंसा, बरडीहा, बिहर आदि दर्जनों गांव के ग्रामीण पहुंच पथ का निर्माण तब ही कराने का निर्णय लिया है। जब अंडर पास का निर्माण हो जायेगा। इस संबंध में राजबीर कंट्रक्षन के प्रोजेक्ट मैनेजर जीतेंद्र झां ने कहा कि अंडर पास निर्माण के लिये सोमवार को विभागीय सचिव के साथ बैठक है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अंदर अंडर पास बनाने के लिये ड्राईंग की स्वीकृति मिल जायेगी। इसके बाद ग्रामीणों की उपस्थिति में जल्द ही अंडर पास का निर्माण कराकर ग्रामीणों की मांग पूरी की जायेगी। उन्होंने भी कहा कि अंडर पास के लिये ग्रामीणों का मांग जायज है।