पलामू : उर्दू जिंदाबाद, हिंदुस्तां जिंदाबाद के नारे से गूंजा पलामू, , आतंकवाद को पटककर दफन करने का आह्वान


डालटनगंज  25 फरबरी : हम अपने मां के कदम को मी चूमते हैं और वतन को भी चूमते हैं। आसपास के पड़ोसी को भी अपना भोजन देकर उसकी भूख मिटाने चाहिए। आतंकवाद को पटककर दफन कर भी देना चाहिए। छप्पन ईंच वाले मौन हैं। मुसलमान को गाली देकर वोट की खातिर राजनीति करते हैं। बाबरी मस्जिद तोड़ने में साथ देने वाले सेक्युलरिज्म हो गये। उलमा काउंसिल के लिए हमने घर-घर चंदा एकत्रित करने के लिए गया था।


 उक्त बातें पलामू जिले के पांकी स्थित लालू मैदान मे कौमी इत्त्तेहाद मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व राज्य सभा सांसद सह बिहार विधान पार्षद हजरत अलामा मौलाना गुलाम रसूल बलियावी ने कही। उन्होंने कहा कि हमारे वोट से मायावती, लालू यादव, नितीश कुमार, ममता बनर्जी आदि को हमने सेक्युलरिज्म का नेता बना दिया। 18000 उर्दू शिक्षकों की जगह खाली है। बहाली नहीं हो रही । इंटर विद्यालयों से उर्दू विषय को खत्म करा दिया गया। उर्दू सरकरी जबान पहले से ही थी। 


2018 के दिसंबर तक कौमी एकता मोर्चा हर विधानसभा क्षेत्र तक पहुंच बनाएगी। जातियों के आधार पर, वनभूमि मे रहने वालों को आरक्षण दिया जा रहा है। दुमका के अब्दुल हमीद के बेटे का सर काटकर घुमाया गया। तब सेक्युलरिज्म वाले मौन थे। जब हमारे बच्चे देश के दुश्मन है तो लटका दो उन्हें फांसी पर। अन्यथा बेगुनाह बच्चों को परेशान करोगे तो जेल की दीवारों का ईंट से ईट बजा देंगे। एमपी मे लकड़ी की चाभी से जेल का ताला खोल एनकाउन्टर मे सात युवकों की हत्या कर दी गयी। तीन व सात, पांच, बारह प्रतिशत आबादी वाले के नेताओं को राजा बनाया। 


झारखंड-बिहार में आरक्षण के नाम पर हमारे साथ धोखा हुआ। सेक्युलर पार्टियां हमारे कौम को टिकट नहीं देता। सत्ता की चाभी तभी हाथ आयेगी जब हमे अपने लोगों को सत्ता तक भेजना होगा। सियासत की बातें जाने बगैर ही लोग बहस करने लगते हैं। भारतीय प्रधानमंत्री से मैने कहा आतंकवाद का जन्म जगमोहन नाक राष्ट्रपति के कार्यकाल से शुरु हुआ। सिर्फ 30 प्रतिशत फौज मे जगह दे दो पाकिस्तान को मिटा देंगे। मुसलमानों का बच्चा सीने में गोली खाकर देश के लिए कुर्बान हो गये। मुसलमानों के वोट से सभी को प्यार है। परंतु मुसलमानों की सुरक्षा से कोई मतलब नहीं। राजनीतिक दलों  ने सेक्युलरिज्म के नाम पर मुसलमानों को पूंजी खड़ी की है। उर्दू मुसलमानों की जुबान नहीं है। उर्दू आजादी का इंकलाब है। 


इसके पूर्व रूमाना खातून, गुलनाज ने स्वागत  गीत से कार्यक्रम की शुरुआत की। हमारे मुल्क में हिन्दू मुसलमा साथ रहते हैं, ये हिन्दुस्तान हिन्दुस्तान हिदुस्तां हमारा है। तिरंगे की बुलंदी को कोई झुका सकता नहीं, ये हिन्दुस्तान हमारा है। आदि नारे लगाये गए।


रांची जिलाध्यक्ष सैयद खुर्शीद ने कहा दहशतगर्दी को मुल्क से मिटाना है। बच्चियों को शिक्षित कर घर बसाना है। देश को आतंकवाद से मुक्त करने के लिए हमे एकत्रित होना है। गरीब की बेटियों की शादी आसान तरीकों से करायी जाएगी। हमारी लडाई सरकारी तंत्र में रहकर दहशतगर्दी फैलाने वालों से है। बच्चों को उच्ची तालीम देकर काबिल बनायें। सोहराबुद्दीन आतंकी करार देकर मार दिया गया। समाज सेवी मुमताज अहमद खां ने कहा पूरे संसार मे मुसलमानों की हालत बहुत खराब है। भारत में मुसलमानों को संविधान आधारित आधार से महफूज हैं। बावजूद इसके हमे कभी कभी निराश किया जाता है। आज हमे अपने ईमान को देखने की जरूरत है। नबी के पैगाम मे इंसान से इंसान को मोब्बत करने की सीख दिया है। संजर नवाज ने कहा 1857के लड़ाई मे मुसलमानों ने आहूति दी। करीम खां ने तोप चलाने के दौरान तोप के बाहरी हिस्से में हुए सुराख को अपने बदन से तोप कर तोप को उड़ाया। 


गुल खां ने कहा मुसलमान बागी हो सकता है परंतु गद्दार नहीं हो सकता। मौके पर मुमताज खां,रईस अंसारी, एजाज खां, नसीम अख्तर, मुमताज अली, लातेहार अध्यक्ष शमशूल होदा, कलीम अंसारी,  गढ़वा जिलाध्यक्ष ओवैदुल्लाह समेत कई लोग उपस्थित थे।


दिलीप कुमार। पलामू 25,2,18