पलामू: पलामू से माओवादियों का सफाया, इनामी सबजोनल कमांडर और एरिया तथा दो महिला नक्सलियों की हुई पहचान


डालटनगंज, 26 फरवरी: नक्सल प्रभावित पलामू जिले से नक्सलियों का सफाया हो गया है।  जिले के घोर नक्सल प्रभावित छत्तरपुर, पाटन और मनातू व बिहार के डुमरिया थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके छत्तरपुर थाना क्षेत्र के हुलसम पंचायत अंतर्गत तारूदाग-बघमनवा जंगल में रविवार की तड़के से सोमवार की सुबह तक हुई पुलिस और प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के साथ हुई मुठभेड़ में चार नक्सली मारे गए। मारे गए नक्सलियों में दो महिला नक्सली और दो बड़े इनामी नक्सली शामिल हैं। सभी की पहचान हो गयी। घटनास्थल पर डीआईजी विपुल शुक्ला, एसपी इन्द्रजीत माहथा, सीआरपीएफ के कमांडेंट सतीश कुमार लिंडा, एएसपी (अभियान) अरूण कुमार सिंह, छत्तरपुर के एसडीपीओ शंभू कुमार सिंह सीआरपीएफ और जिला पुलिस के जवानों के साथ सर्च अभियान चला रहे हैं। 

राकेश भुइयां के दस्ते का सफाया  

जानकारी के अनुसार जिले की जिला पुलिस और सीआरपीएफ की 134 बटालियन के अधिकारी और जवान नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रहे थे। इसी क्रम में पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि छत्तरपुर थाना क्षेत्र के के घोर उग्रवाद प्रभावित हुलसम पंचायत अंतर्गत तारूदाग के बघमनवा में प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के राकेश भुइयां का दस्ता देखा गया है। सूचना पर पुलिस सक्रियता से आगे बढ़ कर नक्सलियों की टोल ले ही रही थी कि अचानक नक्सलियों की ओर से फायरिंग शुरू हो गयी। 

पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की और मोर्चा लेकर नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। इस दौरान चार नक्सली मारे गए।  

इनामी राकेश भुइयां और विमल यादव ढेर 

मारे गए नक्सलियों में 10 लाख के इनामी नक्सली सबजोनल कमांडर राकेश भुइयां उर्फ सुरेश भुइयां उर्फ रामजी और पांच लाख के इनामी एरिया कमांडर लल्लू यादव उर्फ विमल यादव हैं। इनके अलावा महिला नक्सलियों में रिंकी कुमारी और उर्मिला कुमारी हैं। राकेश भुइयां बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आमबिगहा का निवासी था, जबकि विमल यादव उर्फ गणेश यादव उर्फ लल्लू यादव बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र के जमुनिया गांव का रहने वाला था। बिहार सरकार ने विमल पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।  

कहां है चिल्हो?

घटनास्थल जिला मुख्यालय डालटनगंज से 63 किलोमीटर दूर है, जबकि छत्तरपुर थाना मुख्यालय से करीब 22 किलोमीटर दूर है। यह इलाका नक्सलियों का सेफ जोन माना जाता है। नक्सली इस इलाके में पिछले कई दिनों से अपना ठिकाना बनाकर रखे हुए थे। बिहार की सीमा से सटा होने के कारण नक्सलियों का बिहार आना-जाना लगा रहता था।

क्या-क्या मिला घटनास्थल से 

घटनास्थल से दो एसएलआर के अलावा पांच मैग्जीन, 219 राउंड गोलियां, आठ मोबाइल, भारी संख्या में पिट्ठू, वर्दी, नक्सली साहित्य एवं अन्य आपतिजनक सामान बरामद किए गए हैं। 

विदित हो कि जिले के ही नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के झझुनू जंगल में पुलिस व माओवादियों के बीच 8 फरवरी को भी मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान पुलिस ने एक नक्सली को ढेर कर दिया था। वहीं, एक महिला नक्सली को गिरफ्तार कर लिया गया था। इस मुठभेड़ में भी राकेश भुईयां व दीपक का ही दस्ता सक्रिय था।