पलामू: मुठभेड़ में शामिल अधिकारियों और जवानों को डीजीपी ने दिया 23 लाख रूपये का इनाम, कहा 2018 में होगा नक्सलियों का समूल नाश



डालटनगंज, 28 फरवरी: नक्सल उन्मूलन में लगी पलामू पुलिस, सीआरपीएफ, झारखंड जगुआर का हौसला बढ़ाने के लिए बुधवार को राज्य के पुलिस महानिदेशक डीके. पांडेय पलामू पहुंचे। यहां से जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत कुहकुल कला पुलिस पिकेट गए, जहां अधिकारियों और जवानों के साथ बैठक की और चल रहे अभियान की समीक्षा की। कई दिशा निर्देश भी डीजीपी ने दिए। 

23 लाख रूपये इनाम राशि दी    

गत आठ और 26 फरवरी को नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के झुनझुलू पहाड़ और छत्तरपुर थाना क्षेत्र के मलंगा पहाड़ पर सीपीआई माओवादियों के साथ मुठभेड़ में शामिल पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों और जवानों को डीजीपी ने सम्मानित किया। डीजीपी ने करीब 23 लाख रूपये की इनाम राशि भी दी।

कौन-कौन पुलिस अधिकारी साथ थे

डीजीपी के साथ रांची से एडीजी अनुराग गुप्ता, आइजी आॅपरेशन आशीष बत्रा, सीआरपीएफ के आइजी संजय लाथकर, सीआरपीएफ के डीआईजी जयंत पाल, स्पेशल ब्रांच के एसपी क्रांति कुमार गढदेसी, एसपी एसटीएफ हीरालाल चैहान, पलामू के एसपी इन्द्रजीत माहथा, सीआरपीएफ 134 बटालियन के कमांडेंट सतीश कुमार लिंडा, छत्तरपुर के डीएसपी शंभू कुमार सिंह, प्रशिक्षु डीएसपी विमलेश त्रिपाठी आदि उपस्थित थे।

नक्सलियों को दी खुली चेतावनी 

मौके पर डीजीपी ने नक्सलियों को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि वर्ष 2017 में नक्सलियों के खात्मे का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन इसकी डेडलाइन अब वर्ष 2018 कर दी गयी। नक्सलियों के पास अब भी मौका है, वे सरेंडर कर दें या फिर गोली खाने के लिए तैयार रहे।