पलामू में परीक्षा में चोरी करना मतलब सलाखों के पीछे जाना



 नकारात्मकता को रोकने के लिए संवेदनशीलता का साथ मिलता है तो दोषी चिन्हित भी होता है , और उसे सजा भी मिलती है। तभी पलामू जैसे जिले में किसी भी परीक्षा में गड़बड़झाला करना,  मतलब जेल की हवा खाना है।  जिसके लिए जागरूकता और जिम्मेदार बनाने का श्रेय जाता है पलामू उपायुक्त अमित कुमार को .....


जब पलामू के हुसैनाबाद अंतर्गत आर के प्लस टू गर्ल्स स्कूल के कमरा नंबर 10 में मोहम्मद जैद नूर नामक  छात्र को इंटरमीडिएट की परीक्षा में WhatsApp से जूलॉजी का प्रश्न पत्र लिक कर , उसका उत्तर छापते रंगे हाथ पकड़ा गया । जिसे परीक्षा से निष्कासित करने के बाद उस पर प्राथमिकी भी दर्ज करा दी गई है। वहीं उस परीक्षा हॉल में मौजूद दो वीक्षक , महेंद्र पांडे एवं फारुख अहमद खान पर पलामू उपायुक्त के पास कार्रवाई के लिए शिकायत भेज दिया गया है।  दरअसल एक जागरुक नागरिक की सूचना पर मीडिया  ने पड़ताल किया , तो जूलॉजी की परीक्षा में चोरी का मामला सामने आया ।  जिसकी सूचना उपायुक्त को दी गई , फिर क्या था.... जिले के सुधारक कर्ता-धर्ता ने अपने चिरपरिचित अंदाज में एक और मुन्ना भाई को कदाचार करते पर्दाफाश कर दिया । वहीं प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने का भी निर्देश भी दे दिया । हुसैनाबाद के मोहम्मदाबाद निवासी जलालुद्दीन अंसारी के पुत्र मोहम्मद जैद नूर का शातिरपंथी उसे सलाखों के पीछे तक ले गया । परीक्षा की दिशा में उपायुक्त के देखरेख में पलामू की छवि साफ़ सुथरी हो रही है यह आज फिर साबित हो गया है .