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आयुष्मान भारत नहीं होता तो झारखण्ड के गरीबों के जेब से जाता 206 करोड़ रूपये


सिविल सर्जन हर दिन एक अटल क्लिनिक का निरीक्षण जरूर करें

रांची। प्रयत्न से ही परिवर्तन होता है। यही प्रयत्न राज्य सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में करना चाहती है। शहरी क्षेत्र में झुग्गी बस्ती में निवास करनेवाले लोगों को प्रारंभिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज पूरे राज्य में 25 अटल क्लिनिक का शुभारंभ किया जा रहा है। 25 सितंबर तक करीब 100 अटल क्लिनिक चरणबद्ध तरीके से प्रारंभ करने की योजना पर सरकार कार्य कर रही है। साथ ही 25 सितंबर तक राज्य में निवास करनेवाले सवा तीन करोड़ लोगों में से सभी अहर्ता रखने वाले लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित है। आयुष्मान भारत आज राज्य के गरीबों के लिए वरदान साबित हो रहा। सरकार ने लाभुकों को स्वास्थ्य लाभ देने हेतु अबतक 206 करोड़ रुपये उनकी बीमारी पर खर्च कर 10 माह में 2 लाख 27 हजार जरूरतमंदों का इलाज सुनिश्चित किया। अगर यह योजना नहीं होती तो इलाज पर गरीबों का 2 करोड़ 25 लाख रुपये उनकी बीमारी में खर्च हो जाती। ये बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने मोरहाबादी स्थित एदलहातु सामुदायिक भवन में अटल क्लिनिक योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में कही।

हर दिन सिविल सर्जन एक अटल क्लिनिक का निरीक्षण करें, गंभीर बीमारी से बचाना उद्देश्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि कम से कम एक अटल क्लिनिक का निरीक्षण हर दिन सिविल सर्जन करेंगे। ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले। क्लिनिक में काम करने वाले चिकित्सक और नर्स सेवा भाव से काम करें। योजना प्रारम्भ करने की वजह गरीब लोगों को गंभीर बीमारी से बचाना है। क्योंकि मैं भी एक गरीब परिवार ने आता हूं और मैंने भी एक छोटी बीमारी को पैसे खर्च हो जाने के डर से इलाज नहीं कराया और बीमारी गंभीर हो गई। लेकिन अटल क्लिनिक में जरूरतमंद लोग मुफ्त में अपना प्रारंभिक इलाज करा सकेंगे। ताकि लापरवाही में उनकी छोटी बीमारी गंभीर रूप न ले। 

राज्य के लोगों की क्रय शक्ति बढ़ रही है, लोग गरीबी रेखा से उपर आ रहें हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि UNDP ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि दुनिया में झारखण्ड दूसरा ऐसा राज्य है जो तेजी से गरीबी रेखा से ऊपर आ रहा है। साथ ही राज्य के लोगों की क्रय शक्ति में भी वृद्धि हुई है। झारखण्ड में पेट्रोल और डीजल की खपत में 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। ऐसे में कहा जा सकता है कि लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है। 

महिलाओं को बनाना है सशक्त

राज्य की महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन प्रदान करने के उद्देश्य से सखी मंडल की महिलाओं को Ready to Eat के संचालन की जिम्मेवारी सौंपी जाएगी। इसके लिए रामगढ़ में पायलट प्रोजेक्ट के तहत रामगढ़ में 2 करोड़ की लागत से Ready to Eat यूनिट प्रारम्भ की जा रही है। यह योजना सफल रही तो राज्य के सभी प्रखंड में योजना को धरातल पर उतारा जाएगा। 

हर क्षेत्र में हो रहा है कार्य

नगर विकास मंत्री श्री सीपी सिंह ने कहा कि सरकार हर क्षेत्र में कार्य कर रही है। आयुष्मान भारत योजना का लाभ लोग ले रहें हैं। हर जरूरतमंद को गोल्डन कार्ड आयुष्मान भारत योजना के तहत दिया जा रहा है। अटल क्लिनिक भी गरीब और जरूरतमंद लोगों के इलाज में सहायक होगा। यहां दवा भी मुफ्त मिलेगी। आयुष्मान भारत योजना के तहत कुछ निजी अस्पताल इलाज करने में आनाकानी कर रहें हैं। सरकार इस तरह की शिकायत पर ध्यान दे रही है।

रैबीज की दवा भी उपलब्ध होगी

रांची सांसद श्री संजय सेठ ने कहा कि अस्पताल आपके द्वार का शुभारंभ हो रहा है। यह जरूरतमंदों के इलाज में सहायक होगा। आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड सभी जरूरतमंदों को मिल सके यह सरकार सुनिश्चित कर रही है। इस मौके पर मेयर श्रीमती आशा लकड़ा व स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सांकेतिक तौर पर तब्बसुम परवीन, संदीप दास, ज्योत्सना देवी, सुधा देवी, सुशीला देवी, नमिता देवी, रजनी प्रिया को आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड उपलब्ध कराया।कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री श्री सीपी सिंह, सांसद रांची श्री संजय सेठ, महापौर श्रीमती आशा लकड़ा, उपमहापौर श्री संजीव विजयवर्गीय, स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी, सचिव नगर विकास विभाग श्री अजय कुमार सिंह, नगर आयुक्त श्री मनोज कुमार व अन्य उपस्थित थे।