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पुरुष नसबंदी को लेकर भ्रांतियाँ तोड़ने में माया देवी को मिली सफलता

पुरुष नसबंदी को लेकर भ्रांतियाँ तोड़ने में माया देवी को मिली सफलता 

भभुआ/24 अगस्त: परिवार नियोजन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए महिलाओं के साथ पुरुषों की समान सहभागिता अत्यंत जरूरी है। लेकिन राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 के आंकड़े में 32.2 प्रतिशत महिला नसबंदी के सापेक्ष जिले में 0 प्रतिशत पुरुष नसबंदी इस दिशा में पुरुषों की उदासीनता को दर्शाता है। सरकार के तमाम प्रयासों के बाद भी पुरुष नसबंदी एक चुनौती की तरह है। इन चुनौतियों के बीच जिले के मोहनिया प्रखंड के कुलहढ़िया गाँव की आशा माया देवी 3 पुरुष नसबंदी करवा चुकी हैं एवं 5 पुरुषों को नसबंदी के लिए चिन्हित भी की है।यह बदलाव माया देवी की अथक मेहनत को तो प्रदर्शित करता ही है,साथ में पुरुष नसबंदी को लेकर समुदाय में आ रहे सकारात्मक बदलाव को भी इंगित करता है। 

भ्रांतियाँतोड़ने में मिली सफ़लता: ग्रामीण परिवेश में आज भी एक महिला द्वारा पुरुष से नसबंदी पर बात करना आसान नहीं होता। शुरुआत में मायादेवी को भी पुरुषों से इस मुद्दे पर बात करने में झिझक महसूस होती थी। कई बार तो मायादेवी को उपहास का भी पात्र बनना पड़ा। लेकिन उसने हार नहीं मानी। पहले घर की महिलाओं को पुरुष नसबंदी के फायदों को समझाया। पुरुष नसबंदी से पुरुषत्व का ह्रास नहीं होता और बिना चीड़-फाड़ के कुछ मिनटों में ही यह पूरा हो जाता है। महिलाओं को ऐसी जानकारियां देकर उनके डर को पहले खत्म किया। फ़िर पुरुषों से भी इस पर खुलकर बात करना शुरू की। निरंतर प्रयास से बदलाव दिखने लगा। इस बदलाव का नतीजा रहा कि माया देवी 3 पुरुष नसबंदी कराने में सफ़ल रही एवं 5 पुरुषों को नसबंदी के लिए राजी कर चुकी हैं,जिन्हें वह नसबंदी के लिए जल्दी ही मोहनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर जाने वाली हैं।

अधिकारियों की सलाह एवं मार्गदर्शन से कार्य हुआ आसान : केयर इंडिया के जिला परिवार नियोजन समन्वयक राहुल ने बताया माया देवी पुरुष नसबंदी को लेकर शुरू से ही गंभीर रही हैं। चिन्हित पुरुषों को पुरुष नसबंदी पर सलाह देने के लिए माया देवी ने उनसे भी मदद मांगी थी। उन्होंनेकुछ चिन्हित पुरुषों से इस संबंध में बात भी की एवं पुरुष नसबंदी को लेकर फ़ैली भ्रांतियों को दूर करने का भी प्रयास किया। 

प्रखण्ड समुदाय समन्वयक शिवानन्दपाण्डेय ने बताया मायादेवी अपने दृढ़निश्चय के लिए जानी जाती हैं।परिवार नियोजन कार्यक्रमों को लेकर उनकी समझ काफी अच्छी है। वह प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षणों में हमेशा शामिल होती हैं। परिवार नियोजन में पुरुषों की सहभागिता सुनिश्चित करने का उनका प्रयास प्रशंसनीय है। 

पुरुष नसबंदी आसान एवं सुरक्षित है : कुल्हडिया गाँव के रहने वाले 38 वर्षीय कृपाशंकरपासवान ने बताया कि उनके मन में भी पुरुष नसबंदी को लेकर पहले कई भ्रांतियाँ थी। लेकिन मायादेवी ने उनकी सारी भ्रांतियों को दूर किया। उन्हें हर्निया की शिकायत थी तथा इसका जिक्र उन्होंने मायादेवी से किया था। मायादेवी ने इसका संज्ञान लेते हुए उन्हें लेकर भभुआ सदरअस्पताल गयीं तथा उनके हर्निया एवं नसबंदी दोनों का सफल ऑपरेशन करवाया.।

‘‘चंद मिनटों में बिना चीड़-फाड़ के ही नसबंदी हो गया। नसबंदी के बाद मुझे किसी भी तरह की कमजोरी महसूस नहीं होती। पहले की ही तरह सारे कार्य कर पा रहा हूँ। आशा माया देवी के सहयोग का नतीजा है कि पुरुष नसबंदी के साथ मेरे हार्निया का भी सफलतमऑपरेशन हो सका’’-कृपाशंकरपासवान ने बताया।