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पलामू: बकोरिया में बच्ची को पटकर हत्या मामला, सीआरपीएफ-मनिका पुलिस पर दर्ज हुई एफआईआर

पलामू: बकोरिया में बच्ची को पटकर हत्या मामला, सीआरपीएफ-मनिका पुलिस पर दर्ज हुई एफआईआर 

पलामू 25 अगस्त: पलामू जिला अंतर्गत सतबरवा के बकोरिया में गत शुक्रवार की रात (जन्माष्टमी के दिन) तीन वर्षीया बच्ची विनीता कुमारी की पटक कर हत्या कर दिए जाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। रविवार को बच्ची की मां के बयान पर सीआरपीएफ और मनिका पुलिस पर सतबरवा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी। सतबरवा के थाना प्रभारी रूपेश कुमार दुबे ने बताया कि विनोद सिंह पत्नी बबीता देवी के आवेदन के आधार पर सर्च ऑपरेशन में शामिल मनिका पुलिस और सीआरपीएफ जवान पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है।   

घटना के 30 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पलामू पुलिस मामले को स्पष्ट नहीं कर पायी है कि बच्ची की हत्या या मौत आखिर किन कारणों से हुई? हालांकि मामले में मजिस्ट्रेट जांच तेज की गयी है। डीआईजी विपुल शुक्ला ने बताया कि मामले में जांच तेज की गयी है। पलामू के एसपी अजय लिंडा और डीएसपी शंभू सिंह घटनास्थल पर आज भी जांच के लिए गए थे। दोनों वहां कैंप कर रहे हैं। जल्द मामले का खुलासा होगा।  

डीआईजी ने कहा कि बच्ची की मां बबीता देवी ने घर में घुसने के जो लोकेशन बताए हैं, उससे काफी कंफ्यूजन है. मनिका पुलिस बताकर सीआरपीएफ जवानों द्वारा दरवाजा खोलवाने का प्रयास करना और फिर दरवाजा नहीं खोले जाने पर भेंटिलेटर से घर में घुस जाना और फिर बच्ची को पटक कर हत्या कर देने का मामला समझ से परे लगता है। डीएसपी शंभू सिंह ने बताया कि घटनास्थल का जायजा लिया। वहां देखा गया कि भेंटिलेटर का साइज काफी छोटा है. एक फीट बाई डेढ़ फीट के खिड़कीनुमा भेंटिलेटर से किसी सीआरपीएफ जवान का घर के अंदर जाना असंभव लगता है. उपर से यह बताना कि जवान के पास बंदूक थीं। उसके पास फाइल थीं। हास्यास्पद लगता है। बावजूद घटना के हर पहलू पर जांच की जा रही है।

डीएसपी शंभू सिंह ने कहा कि जांच के दौरान यह भी देखने की कोशिश की गयी कि अगर कोई जवान भेंटिलेटर से घुसकर अंदर जाता है तो उसके जाने-आने में भेंटिलेटर के आस-पास की गंदगी हटती है, लेकिन ऐसा कुछ वहां देखने को नहीं मिला। धूल पसरी हुई थी और जाला भी लगा हुआ था। कबूतरों का वहां बसेरा था। ऐसे में मामला संदेहास्पद लगता है।       

इधर, बच्ची के शव का पोस्टमार्टम दंडाधिकारी की मौजूदगी में मेडिकल बोर्ड के द्वारा किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गहरे जख्म और चोट के निशान हैं। पोस्टमार्टम के दौरान मेडिकल टीम ने पाया कि 3 साल की बच्ची के शरीर पर गंभीर चोट के निशान थे। बच्ची के सिर के आगे और पिछले हिस्से में गंभीर चोट थी, जबकि शरीर के पिछले हिस्से में काफी चोट है।

मृत बच्ची की मां बबीता देवी ने बताया कि 21 अगस्त को प्रेम प्रसंग के मामले में पंचायत हुई थी। इस दौरान मेरे पति विनोद सिंह और मटलोंग मनिका निवासी मनोज भुईयां के परिजनों के बीच तू-तू मैं-मैं हुई थी. मनोज भुईयां को लड़की पक्ष के लोगों ने आठ दिन से घर में रखा था। इस दौरान मनोज के रिश्ते का भाई भी था। 23 अगस्त को मनोज का भाई घर वापस चला गया और इसी दिन रात में यह घटना घटी। उन्होंने बताया कि मनोज के दो मौसेरे भाई सीआरपीएफ में हैं। 

जेजेएमपी ने झाड़ा पल्ला, जारी की विज्ञप्ति

इस बीच रविवार को उग्रवादी संगठन जेजेएमपी ने घटना को लेकर प्रेस विज्ञप्ति जारी किया है. जेजेएमपी के कर्मवीर ने कहा है कि घटना की स्पष्ट और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए. पुलिस जिस विनोद सिंह को जेजेएमपी का सदस्य या कैडर बताकर उसे गिरफ्तार करने उसके घर पर गयी थी, वह जेजेएमपी से जुड़ा हुआ नहीं है. उसका संगठन से कोई लेना-देना नहीं है. जेजेएमपी का कहना है कि संगठन के नाम पर लोगों को तंग किया जा रहा है। लोगों की सुरक्षा देने की दुहायी देने वाली पुलिस अब लोगों की हत्या करने पर तूल गयी है।