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बिना कारण हड़ताल जारी रखने वाली आंगनबाड़ी सेविका/सहायिकाओं को अविलंब कार्य पर लौटने का निर्देश

बिना कारण हड़ताल जारी रखने वाली आंगनबाड़ी सेविका/सहायिकाओं को अविलंब कार्य पर लौटने का निर्देश

 रांची: एक सप्ताह के अंदर कार्य पर नहीं लौटते हैं आंगनबाड़ी कर्मी तो उन्हें चयनमुक्त करते हुए उनके स्थान पर अन्य सेविका व सहायिकाओं का नियमानुसार चयन सुनिश्चित किया जाएगा.

महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव श्री अमिताभ कौशल ने समेकित बाल विकास योजना अंतर्गत कार्यरत आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को एक सप्ताह के अंदर अपने कार्य पर लौटने का निदेश जारी किया है. इस बाबत राज्य के सभी जिलों के उपायुक्त को पत्र के माध्यम से आंगनबाड़ी कर्मियों को काम पर लौटने का निर्देश दिए गये है.

ज्ञात हो कि राज्य सरकार द्वारा आंगनबाड़ी कर्मियों की सेवा आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष की गई है. आंगनबाड़ी कर्मियों को अतिरिक्त मानदेय के संबंध में निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास के निर्देश पर विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन करने का आदेश भी दिया गया है. कमेटी के रिपोर्ट के आलोक में राज्य सरकार अतिरिक्त मानदेय के निर्धारण पर निर्णय लेगी. आंगनवाड़ी सेविका सहायिका को भारत सरकार की प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से जोड़ा जाने का निर्देश दिया गया है. राज्य सरकार आंगनबाड़ी कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल द्वारा समर्पित विभिन्न मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है बावजूद उसके देखा जा रहा है कि विभिन्न केंद्रों की सेविका व सहायिकाओं द्वारा बिना कारण हड़ताल जारी रखी गई है, जिसके फलस्वरूप आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्दिष्ट कार्य दुष्प्रभावित हो रहे हैं.

महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव स्तर से जारी पत्र पर यह साफ-साफ निर्देश दिया गया है कि आंगनबाड़ी कर्मी अविलंब कार्य पर नहीं लौटते हैं तो उन्हें चयनमुक्त करते हुए उनके स्थान पर अन्य सेविका व सहायिकाओं का नियमानुसार चयन सुनिश्चित किया जाएगा.