पलामू की महत्वपूर्ण खबरें- हुसैनाबाद, हैदरनगर, मोहम्मदगंज , बिहार के नबीनगर व टंडवा थाना क्षेत्र में आतंक व अपराध का पर्याय व जेजेएमपी नामक संगठन के नाम पर लेवी वसूली करने वाला रविंद्र पासवान उर्फ डीजीएम को हैदरनगर रेलवे स्टेशन के समीप से पुलिस ने गिरफतार कर लिया।

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पलामू -हुसैनाबाद.

हुसैनाबाद, हैदरनगर, मोहम्मदगंज , बिहार के नबीनगर व टंडवा थाना क्षेत्र में आतंक व अपराध का पर्याय व जेजेएमपी नामक संगठन के नाम पर लेवी वसूली करने वाला रविंद्र पासवान उर्फ डीजीएम को हैदरनगर रेलवे स्टेशन के समीप से पुलिस ने गिरफतार कर लिया। एसडीपीओ मनोज कुमार महतो के नेतृत्व में आरक्षी अरक्षी अधीक्षक इंद्रजीत महथा ने टीम का गठन किया। टीम ने विभिन्न स्थानो पर छापामारी की। छापामारी के दौरान हैदरनगर रेलवे स्टेशन के समीप से उसे गिरफतार कर लिया गया। पुलिस को उसकी काफी दिनो से तलाष थी। एसडीपीओ मनोज कुमार महतो ने बताया कि रविंद्र पासवान के खिलाफ हैदरनगर समेत विभिन्न थानों में लूट ,हत्या समेत दर्जनो मामले दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि हैदरनगर के कांड संख्या 29/11 व 34/15 में उसके खिलाफ आरोप गठित है। उन्होंने बताया कि रविंद्र पासवान उर्फ डीजीएम ने अपने 14 साथियों के नाम का खुलासा किया है। जिसमें निर्भय पासवान गोरीऔटा, लवकुश पासवान सिकनी, हुसैनाबाद, अमरजीत व धीरज अंबा ,बिहार, भीम यादव मोहम्मदगंज, गुड्डु मेहता कडंडा, मोहम्मदगंज, अजय यादव सड़ेया, हैदरनगर, कृष्णा  राम सडेया, हैदरनगर, मुन्ना पासवान जपला, दिनेश  विष्वकर्मा डीह पर, रविंद्र राम कुकही ,हैदरनगर, मुकेश तांतो, कुकही हैदरनगर, विकास पटवा कुकही ,नयकाडीह, हरिंद्र राम बनाही, कुकही व परवेज खान परता, कोठी शामिल है। एसडीपीओ श्री महतो ने बताया कि इनमें कई लोगों को पहलें ही गिरफतार कर जेल भेज दिया गया है। कुछ लोग हैं। पुलिस उन्हें भी जल्द ही शलाखों के पीछे ढकेल देगी। एसडीपीओ ने बताया कि गिरफतार रविंद्र पासवान उर्फ डीजीएम रोड लूट व लेवी वसूली का काम जेजेएमपी नामक संगठन के नाम पर करता था। उन्होंने कहा कि छापामारी अभियान में हैदरनगर के थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह, एएसआइ कलेष्वर लोहरा, एएसआइ अजय कुमार, आरक्षी ऐनुल बैठा व अजीत कुमार दूबे शामिल थे।[7:46 PM, 3/20/2018] Zafar: डालटनगंज: लावारिस पशुओं की आवारागर्दी को कौन रोकेगा ?

डालटनगंज, 20 मार्च: नगर निगम का दर्जा प्राप्त कर फूले नहीं समा रही मेदिनीनगर नगरपालिका के कर्णधारों को यह बताना चाहिए कि शहर में आंतक मचाए हुए लावारिस पशुओं को मनमानी रोकने के क्या उपाय किए गए हैं ? पूरे शहर के हर चैक-चैराहों पर लावारिस पशुओं की मनमानी जारी है। लावारिस गाय-बैल के अलावा सुअर और बेलगाम कुत्तों का कहर भी झेल रहे हैं शहरवासी। 

नगर निगम के अधिकारी एक ओर शहर के सुन्दरीकरण के दावे ठोंक रहे हैं लेकिन शहर की टैªफिक व्यवस्था को अस्त-व्यस्त करने वाले छुट्टा पशुओं पर उनका कोई नियंत्रण नहीं रहा। पिछले दिनों पत्रकार एस.एस.रूबी को वार्ड नंबर-22 में जायंट्स भवन पथ पर एक बैल ने उठाकर पटक दिया। इस घटना के दो दिन बाद व्यवसायी मो. मुस्लिम और फिर एक दुकानदार राजेश साहू को लावारिस पशुओं ने घेर कर पटक दिया। 

दिलचस्प बात यह है कि यह पशु स्कूटर-कारों पर भी अपना गुस्सा निकालते रहते हैं। शहर के किसी कोने में जाईए लावारिस कुत्तों का जमावड़ा नजर आ जाएगा। कई स्कूली बच्चों को ये कुत्ते घायल कर चुके हैं। अभिभावक अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। ऐंटी रैबिस का अभाव है। प्राईवेट मैडिकल एजेंसियों में लोग ईलाज कराने को विवश हैं। 

अभिभावक संघ के अध्यक्ष एवं सार्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता किशोर पांडेय ने इन घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है और आवारा पशुओं के कहर से छुटकारा दिलाने के लिए कारगर उपाय करने की मांग जिला प्रशासन से की है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में अगर कोई गंभीर घटना हुई तथा जानमाल को नुकसान पहुंचा तो नगर निगम पर मुकदमा  दायर करने में देर नहीं की जायेगी।

[7:46 PM, 3/20/2018] Zafar: पलामू: नक्सल बंद का ग्रामीण क्षेत्रों में दिखा ब्यापक असर

फोटो कैप्शन: हरिहरगंज में बंद पड़ी दुकानें  

डालटनगंज, 20 मार्च: पलामू जिले के छत्तरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मलंगा पहाड़ पर पिछले दिनों मुठभेड़ में पांच साथियों के मारे जाने के विरोध में मंगलवार को प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी का पलामू प्रमंडल बंद का ग्रामीण क्षेत्रों में असर रहा। नक्सलियों के भय से करीब-करीब सारी दुकानें और प्रतिष्ठान बंद रहे। सड़क यातायात पर बुरा असर पड़ा। 

डालटनगंज-रांची और डालटनगंज-औरंगाबाद एनएच 39 और 98 पर लंबी दूरी की यात्री बसों का परिचालन पूरी तरह ठप रहा। छोटे-मोटे यात्री वाहन चलते नजर आए, लेकिन उनकी दूरी भी काफी कम रही। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जिले के छत्तरपुर अनुमंडल क्षेत्र में बंद का खासा असर देखा देखा गया। एनएच 98 किनारे स्थित दुकानें बंद रही।

हरिहरगंज इलाके में नक्सली बंद का ब्यापक असर देखा गया। बाजार क्षेत्र की दुकानें करीब-करीब बंद रही।  

सरहुल से मिला बंद को समर्थन 

सरहुल की सरकारी छुट्टी होने के कारण नक्सलियेां के बंद का ब्यापक समर्थन मिला। सरकारी कार्यालय और बैंकों के बंद रहने के कारण ग्रामीणों का प्रखंड और जिला मुख्यालय में आना-जाना काफी कम हुआ। 

डालटनगंज का बाजार हुआ प्रभावित

नक्सल बंद के कारण डालटनगंज बाजार मंे भी असर दिखा। बाजार क्षेत्र की दुकानें तो खुली रही, लेकिन वहां ग्राहक नहीं थे। चहल-पहल भी देखने को नहीं मिली। 

इधर, नक्सली बंद को देखते हुए रेल प्रशासन एहतियात बरतते हुए टेªनों का परिचालन कर रहा था। पलामू प्रमंडल अंतर्गत कई ऐसे स्टेशन हैं, जो नक्सलियों के गढ़ में स्थित है। वहां सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे।