शहरी क्षेत्र में रहने वालें 232 मतदाताओं का नाम मतदाता सुची से गायब,



मामले को लेकर कांग्रेस के पूर्व सांसद बागुन सुंब्रई के नेतृत्व में अपने मौलिक अधिकार की मांग व स्थानिय जिला प्रशासन की अनियमितता को लेकर हेमंत केशरी व काबु दत्ता मिले राज्यपाल से और कि कार्रवाई की मांग


2013 व 15 में हुए चुनाव में मतदान करने से वंचित रह गये 400 मतदाता 


समय रहते हुए नहीं जोड़ा गया मतदाताओं का नाम तो फिर 232 मतदाता रह जायेगें मतदान करने से वंचित


लालु यादव को मिली सजा पर भी बोले बागुंन सुंब्रई और कहा जांच पड़ताल के बाद ही सुनाया गया सही फैसला, सजा सुनाने वाले जज को दिये धन्यवाद


राज्यपाल ने दी उचित कार्रवाई करने कि आश्वासन, श्री सुब्रई ने कहा स्थानिय सरकार का यह फर्जी और लापरवाही के कारण स्थानिय जिला प्रशासन गलत कार्य किए है दोषी पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, मतदाता को मताधिकार से वंचित करना बड़ा अपराध है



संतोष वर्मा। एक ओर केंद्रीय निर्वाचन आयोग द्वारा देश में मतदाता जागरूकता अभियान चला रही है और देश का एक भी वेक्ती अपने मताधिकार से वंचित ना हो इसके लिए करोड़ो खर्च प्रचार प्रसार पर किये जा रहें है.वहीं राज्य के पश्चिमी सिंहभुम जिला चाईबासा में शहरी क्षेत्र से हटाकर ग्रामीण क्षेत्र में चार सौ मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से गायब हो गये. जिसके कारण चार सौ लोग 2013 व 2015 में हुए चुनाव में अपना मत का प्रयोग करने से वंचित रह गये.इधर अब 16 अफ्रेल को नगर निकाय चुनाव के तहट होने वाले मतदान में पुनः मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित ना रह जायें और अपने मौलिक अधिकार की मांग को लेकर जिले के पुरानी उपायुक्त कार्यलय के समक्ष भाजपा के ही हेंमत केशरी द्वारा मतदाता सुची में नाम जोड़ने कि मांग को लेकर अनशन पर बैठे है, लेकिन जिला प्रशासन के कोई भी पदाधिकारी अनशन पर बैठे हेंमत केशरी का सुधी लेने के लिए नहीं आये.अंतः क्षेत्र के पुर्व सांसद सह कांग्रेस के बायोबृद्व नेता बागुन सुंब्रय अनशन स्थल पर पहुंच कर श्री केशरी का अनश्न तोड़वाये और कहा कि जायज मांग और दोषियों के बिरूद्व कार्रवाई के लिए राज्यपाल के समक्ष जायेगें और शिकायत रखेगें.इसी आश्वासन के बाद अनशन तोड़ कर श्री सुब्रई के साथ श्री केशरी व कांग्रेसी नेता काबु दत्ता राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू के पास पहुंच कर अपनी मांग को रखा.इस दौरान श्री केशरी ने कहा कि राज्य में 2013 में हुए नगर निकाय चुनाव में  चाईबासा शहरी क्षेत्र से हटा कर ग्रामीण क्षेत्र में मतदाता सुची में नाम जोड़े जाने कि बात कह कर चुनाव के समय मतदान करने से चार सौ मतदाता को बंचित कर दिया गया.उसके बाद 2015 में हुए त्रिपक्क्षीय पंचायत चुनाव में भी ग्रामीण क्षेत्र में मतदान करने से वंचित रह गये क्यों इन मतदाताओं का नाम शहरी क्षेत्र में होने की बात कही गयी.इन सारी मामले को लेकर जब आरओ सह बीडीओ से मिले तो बताया गया की हम लोग शहरी क्षेत्र में आते है, ग्रामीण क्षेत्रों में नही.जबकी उस समय मतदाताओं का निम बुथ संख्या 70 में नाम था और उस समय एक से 54 तक ग्रामीण क्षेत्र में बुथ संख्या थे.इस मामले को श्री केशरी द्वारा उपायुक्त, नगर विकास मंत्री व मुख्यमंत्री तक को पत्र लिखा गया था.उस समय भी नगर विकास मंत्री द्वारा चाईबासा उपायूक्त को पत्र लिख कर मतदाता सुची से कैसे नाम हटाया गया इस अभिलेख का दस्तावेज शिकायत कर्ता को उपलब्ध कराने को पत्र दिया गया था लेकिन आज तक जबाब नहीं मिला.काफी प्रयास के बाद मतदाता सुची कि एक छाया प्रति मुझे मिला तो पता चला कि बारह नंबर बुथ से 11703 मतदाताओं का नाम हटाकरशहरी क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्रों में कर दिया गया है.उपायूक्त द्वारा नप पदाधिकारी से सूची लेकर वैसी कार्य कि गई है.इधर जब 9 फरवरी से 20 फरवरी तक हुए सर्वे में वार्ड नंबर चार में हमारा नाम चढ़ा था लेकिन वहां से फिर एक सोची समझी साजिश के तहत 232 मतदाताओं का नाम हटा दिया गया है.इस मामले को लेकर जब राज्यपाल से भेंट कर सभु मामले से अवगत करारा गया तो कहा गया इस मामले पर कार्रवाई होगी और सरकार के पास पत्राचार कर कार्रवाई के लिए पत्र लिखुंगा.निश्चित रूप से दोषियों केबिरूद्व कार्रवाइ होगी. वहीं इस मामले पर पूर्व सांसद बागुन सुंब्रई ने कहा कि इस बात कि शिकायत राज्यपाल महोदया से कि गई है.राज्यपाल द्वारा कार्रवाई करने को लेकर आश्वासन दिया गया है.इस मामले को लेकर केंद्रिय निर्वाचन आयोग व राज्य निर्वाचन आयोग से भी शिकायत की गई है.तथा यह कहा गया कि जबतक मतदाता सुची में हुई फर्जीवाड़ा का मामला सुलझ नहीं जाता है तब तक चुनाव कार्य स्थागित किया जाय नहीं तो आंदोलन होगा. किसी भी नागरिक का मौलिक अधिकार है मतदान का प्रयोग करना. यह तो सरकार का फर्जी और लापरवाही बरते जाने का कार्य कर रहे है.इस मामले पर दोषी पर कार्रवाई होना तय है यह बड़ा अपराध है मताधिकार का अधिकार छिन्ना. साथ ही लालु यादव को मिले सजा पर कहा गया कि सजा सुनाया गया यह उचित है.क्यों घोटाले कि पुरी जांच पड़ताल के बाद ही सजा सुनाई गई है और मैं उन जज को भी धन्यवाद देता हूं जिन्होंने सही फैसला सुनाया है उनका सम्मान करना चाहिए. वहीं कांग्रेसी नेता काबु दता ने भी कहा कि मुझे एक सड़यंत्र के तहत चुनाव लड़ने से वंचित किया गया है. जब हम सभी लोग शहरी क्षेत्र का हॉलडिंग टैक्स व बिजली बिल का भुगतान नगरपालिका को करते है हमलोगों का अधिकार क्यों छिन्ना जा रहा है.इसलिए स्थानिय जिला प्रशासन से मांग किया गया उचित किर्रवाई करें और दोषियों को सजा दिलायें.नहीं तो वृहत पैमाने पर आंदोलन होगी.