नोआमुंडी में एमईएआई ने माइनिंग इंडस्ट्री में टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन और सेफ्टी पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया


संतोष वर्मा। नोआमुंडी, डायमंड जुबिली के अवसर एमईएआई, बड़ाजामदा चैप्टर ने 23-24 मार्च को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। संगोष्ठी का विषय “माइनिंग इंडस्ट्री में टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन और सेफ्टी“ था। श्री अरुण कोठारी, नेशनल प्रेसिडेंट, एमईएआई उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। श्री सतीश कुमार (डीएमएस, चाईबासा रीजन), श्री एम. फसिहुद्दीन (पूर्व जीएम ओएमक्यू और पूर्व प्रेसिडेंट, एमईएआई), श्री वी.एस. राव (पूर्व डायरेक्टर और पूर्व नेशनल प्रेसिडेंट एमईएआई), श्री पी. साईदेव (ईडी, सेल), श्री संजय पटनायक (एमडी, टीएसआईएल), श्री मानस बिस्वास (जीएम, गुआ, सेल) और श्री एच मजूमदार (सेक्रेट्री, बड़ाजामदा चैप्टर, एमईएआई) कार्यक्रम के अन्य विशिष्ट अतिथि थे। 

सभी अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर संगोष्ठी का पारंपरिक तरीके से शुरुआत की गयी। श्री मानस बिस्वास ने स्वागत भाषण दिया, जिसके बाद अन्य अतिथियों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने खनन उद्योग की मौजूदा चुनौतियों और उत्पादन, सुरक्षा, कार्य श्रेष्ठता व सुधार के लिए प्रौद्योगिकीय समाधानों के विकास और निष्पादन पर प्रकाश डाला। राष्ट्रीय इस्पात नीति 2017 के अनुसार भारतीय स्टील का उत्पादन 300 मीट्रिक टन तक बढ़ाने के प्रस्ताव और इसके लिए संभावित प्रोद्योगिकीय समाधानों पर भी चर्चा की गयी।  इस बात पर भी बल दिया गया कि भविष्य में सीमित संसाधनों और बुनियादी ढांचे के साथ उत्पादन व उत्पादकता में सुधार एवं वैकल्पिक संसाधनों व प्रोद्योगिकीय समाधानों का अनुकूलन खनन उद्योग की सफलता और जीविका के लिए महत्वपूर्ण होगा।

खनन से संबंधित कानून संशोधनों में बड़ाजामदा चैप्टर की सक्रिय भूमिका पर बल दिया गया। 

भाषण सत्र के बाद अतिथियों ने स्मारिका का विमोचन किया गया। दूसरे दिन चार तकनीकी सत्रों में कुल 25 तकनीकी पत्र प्रस्तुत किये गये।

श्री राजेश कुमार (ज्वाइंट सेक्रेट्री, एमईएआई, बड़ाजामदा चैप्टर) ने चैप्टर की गतिविधियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के आरंभ में टीएसआरडीएस ग्रुप के सदस्यों ने आदिवासी नृत्य प्रस्तुत किया। इस अवसर पर आयोजित एक प्रदर्शनी में विभिन्न खनन कंपनियों ने अपने मॉडलों को दर्शाया। 

इस अवसर पर सतीश कुमार, डीएमएस चाईबासा मुख्य अतिथि थे। समापन सत्र में श्री फसीउद्दीन, वी.एस. राव, आर पी माली, श्री अरुण कुमार, डी.एन. पारिड़ा और श्री गणेश त्रिपाठी तकनीकी पत्रों के सारांश और इसकी अनुशंसाओं पर चर्चा की। अरुण कुमार (डीजीएम, गुआ, सेल) के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।