79 Views

विधानसभा चुनाव में जो पार्टी जरियागढ को प्रखंड बनाने का आश्वासन देगी, ग्रामीण उन्हींको वोट देने का निर्णय लेंगे

  • जरियागढ़ को अलग प्रखंड बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने की बैठक 
  • सरकार ने क्षेत्र का विकास और जनता के दुख, दर्द की नहीं कि चिंता

Repoter- Brajesh Kumar    खूँटी   कर्रा से जरिया गढ़़ को अलग प्रखंड बनाने की मांग को लेकर ग्रामीण लगातार प्रयासरत रहे। मुख्यमंत्री समेत कई मंत्रियों को मांग पत्र सौंपा। मगर कोई सुनवाई नही की गई। गुरुवार को ग्रामीणों  ने इस संबंध में  बैठक की ।

बैठक की अध्यक्षता समाजसेवी रवि मिश्रा ने की। बैठक में ग्रामीणों ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री रघुवर दास, ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, शहरी विकास मंत्री सी पी सिंह को हजारों ग्रामीणों का हस्ताक्षर युक्त आवेदन पूर्व में सौंपा गया है. ग्रामिणों ने कहा कि  कर्रा थाना ‌से काटकर 6 पंचायत का थाना बनाया गया. वहीं ‌छह पंचायत बकसपुर, उडिकेल, जरियागढ़ , गोविंदपुर, लिमड़ा, और डहकेला पंचायत को मिलाकर प्रखंड बनाने की मांग की गई थी. जिसमे कहा गया है कि मिटाकोरा गांव से कर्रा प्रखंड मुख्यालय कि दुरी करीब 35 किलोमीटर है. जिससे ग्रामिणों को एक छोटे से छोटा काम के लिए अधिक समय और पैसा खर्च होता है। कर्रा प्रखंड से दक्षिणी क्षेत्र के छह पंचायत के ग्रामीण शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास कार्य से वंचित हैं. ग्रामीणों ने कहा की कर्रा प्रखंड से पहले 1957 से 1962 तक जरियागढ़ में ही प्रखंड मुख्यालय था.  छह पंचायत में लगभग 50 हजार जनसंख्या है. विधानसभा चुनाव में जो पार्टी जरियागढ को प्रखंड बनाने का आश्वासन देगी, ग्रामीण उन्हींको वोट देने का निर्णय लेंगे।  बैठक में , नटवर मिश्रा, मोतीलाल केशरी, विनय गुप्ता, अशोक प्रसाद, शंकर्षण साहू, शंकर सिंह, राहुल केशरी, संदीप केसरी, दिनबंधु साहू, सचिन पाड़ी, पिंकू साहू, उपमुखिया कृष्णा राम, सोसन होरो, अजय केशरी, पुरुषोत्तम केशरी के अलावे अन्य लोग उपस्थित रहे।