टाटा स्टील द्वारा आयोजित प्रथम ‘सारजोम बा’ ने नोआमुंडी को मंत्रमुग्ध कर दिया ओएमक्यू, टाटा स्टील ने पहली बार आयोजित किया आदिवासी संगीत सम्मेलन 465 आदिवासी संगीतकारों और कलाकारों की रिकॉर्ड भागीदारी दर्ज की गयी


नोआमुंडी, 28 मार्च 2018 :


संतोष वर्मा! ओर, माइंस ऐंड क्वैरीज (ओएमक्यू) ने 28 मार्च को स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नोआमुंडी में पहली बार आदिवासी संगीत सम्मेलन ’सारजोम बा’ (साल का पेड़) का आयोजन किया। इस अनोखी पहल का आयोजन विशेष रूप से कोल्हान क्षेत्र के आदिवासियों की सांस्कृतिक विरासत का जश्न मना कर उनकी संस्कृति और संगीत को बढ़ावा देना था। 

सम्मेलन में कुल 465 आदिवासी संगीतकार झारखंड के प्रसिद्ध थिएटर कलाकार जीतराय हांसदा द्वारा निर्देशित एक एकीकृत जनजातीय संगीत छेड़ने के लिए एकत्र हुए। इसमें विभिन्न प्रकार के कई आदिवासी वाद्ययंत्रों का इस्तेमाल किया गया। इस कार्यक्रम को आदिवासी हो समाज महासाभा, चाईबासा और आदिवासी एसोसिएशन, नोआमुंडी का उत्साहजनक सहयोग मिला। इन वाद्ययंत्रों के साथ जुड़े इतिहास को दर्शाने के लिए मांदर, तीरियो, सखवा, बनम, हो बुआंग, संथाली ढाक, खद्रा और नगाड़ा आदि की प्रदर्शनी भी की गई थी।

इस कार्यक्रम के बारे में बोलते हुए श्री पंकज सतीजा, जीएम, ओएमक्यू डिवीजन, टाटा स्टील ने कहा, “यह कार्यक्रम कर्मचारियों और समुदायों की संस्कृति और रीति-रिवाजों को सम्मानित व प्रोत्साहित करने के लिए स्थिरता के अंतर्निहित सिद्धांतों पर आधारित है। नोआमुंडी में ‘सारजोम बा’ एक और पहल है, जो वर्तमान और भविष्य के एक स्थायी व समावेशी समाज के निर्माण में योगदान देगा। इसमें आदिवासी समुदाय की भागीदारी और विभिन्न आदिवासी संगठनों के सहयोग को देख कर मुझे अपार खुशी हो रही है।”

नोआमुंडी अपनी नैसर्गिक सुंदरता और समृद्ध आदिवासी विरासत के लिए प्रसिद्ध है। पूर्व में आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा देने और संरक्षित करने के लिए नोआमुंडी आयरन माइन ने कई पहल की है, जैसे-जोम सुईम (आदिवासी नया साल का उत्सव), ग्रीन थेरेपी (स्थानीय उपचार प्रक्रियाओं पर ज्ञान साझा का मंच), प्रजातीय खाद्योत्सव (कृषि खाद्य विविधता त्योहार), ’दोस्तुर - एक परम्परा’ और जैव-कला विविधता (कला और जैव विविधता त्योहार) आदि। ‘सारजोम बा’ इसी दिशा में एक और पहल है।

इस संगीत समागम में नोआमुंडी और उसके आसपास के करीब 3000 लोगों ने आदिवासी संगीत का आनंद उठाया। टाटा स्टील आदिवासी समुदाय की संस्कृति का जश्न मनाने, उन्हें संरक्षण और बढ़ावा देने के लिए अद्वितीय प्लेटफार्म तैयार कर रही है। टाटा स्टील के आदिवासी सम्मेलन ’सवांद’ ने जमशेदपुर में पिछले चार सालों से भारत के विभिन्न क्षेत्रों के आदिवासी समुदायों में उल्लेखनीय स्वीकृति हासिल की है। नोआमुंडी में ’संवाद’ के तत्वावधान में जनजातीय समुदाय के साथ आदिवासी क्षेत्र में संगीत समारोह ’सारजोम बा’ का आयोजन पहली बार किया गया है।