हुसैनाबाद में क्यों लोग कहते हैं पवन की बल्ले बल्ले

                


पलामूः-

नगर पंचायत हुसैनाबाद से झामुमो प्रत्याषी के भाग ले श्रवण का नामांकन रद्द हुआ था। यह हुसैनाबाद के सभी चैक चैराहों पर चर्चा ए आम है। आखिर लोग ऐसा क्यो बोल रहे हैं। मामला यह है कि झामुमो के उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी पवन लाल अग्रवाल व भाजपा से उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन करने वाले श्रवण लाल एक ही जाति से आते हैं। दोने ने नामांकन का परचा भरा। श्रवण लाल ने पर्चे में अपने तीसरे पुत्र का जन्म 2013 के बाद का दर्षाया। यही उनके पर्चे को रद्द होने का सबब बन गया। अब बनिया वर्ग के एकलौते उम्मीदवार पवन लाल बचे। अन्य पार्टियों आरजेडी, बसपा, कांग्रेस व एनसीपी ने उपाध्यक्ष पद पर अल्पसंख्यक प्रत्याशी दिया है। आजसू ने ऐसा प्रत्याशी दिया है कि उस जाति की संख्या दस भी नहीं है। ऐसे में शहर क्षेत्र में पवन लाल का डंका बजने लगा है। लोगों ने चैक चैहाहों पर पवन की किस्मत को दाद देने लगे हैं। मगर यह राजनीति है साहब कब किस करवट बैठे यह कहना मुश्किल है। अब तो आने वाला वक्त ही बतायेगा कि पवन चलेगी, लालटेन जलेगी या कोई अन्य गुल खिलेगा।