आंगनबाड़ी केंद्र में हुई गोद भराई सह मुंह झुठी का कार्यक्रम



चाईबासा संवाददाता।मंदिर टोला आंगनवाङी केंद्र तथा डीपासाई स्थित आदिवासी टोला आंगनवाङी केंद्र में मुँह जुठ्ठी सह गोद भराई कार्यक्रम का आयोजन  बाल विकास परियोजना के तरफ से किया गया। इस अवसर पर आंगनवाङी केंद्र मंदिर टोला के स्कुल पूर्व शिक्षा के लिए नमांकित 3-6 वर्ष के बच्चे, ग्रामीण तथा समाजिक संगठन एस्पायर कार्यकर्त्ता के साथ मिलकर स्वास्थ्य, शिक्षा व पोषण के प्रति जागरुकता लाने के उद्देश्य से केंद्र के पोषक क्षेत्र तथा आसपास में जागरुकता रैली निकाली गई। गोद भराई तथा बाल मजदुर, स्कुली शिक्षा आदि पर आधारित स्लोगन लगाये गये। इसके बाद शिव मंदिर आंगनवाङी केंद्र में अभिभावक बैठक तथा डीपासाईआदिवासी टोला आंगनवाङी केंद्र में महिलाओं तथा किशोरियों के बीच बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें गोद भराई तथा मुँह जुठ्ठी कार्यक्रम की आवश्यकता व उद्देश्य के बारे बताया गया। बैठक में आंगनवाङी सेविका दिप्ती साहु, मुकलित देवी, एस्पायर कार्यकर्त्ता  बिशाल गोप तथा निकहत परविन के द्वारा ग्रामीणों को जानकारी दी गई कि हर शिशु का जन्म संस्थागत हो। साथ ही जन्म से लेकर 6 माह तक सिर्फ माँ का दुध ही शिशु को दिया जाये। बैठक में जच्चा बच्चा की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री जननी सुरक्षा योजना, लक्ष्मी लाडली योजना, प्रसव पूर्व जाँच, टीकाकरण पौष्टिक पाकेट पैषाहार का सेवन, व्यक्तिगत व सार्वजनिक साफ सफाई के बारे बताया गया। बैठक में शिव मंदिर टोला के सामुदायिक भवन में एस्पायर द्वारा संचालित गैर आवासीय सेतू पाठ्यक्रम केंद्र में नियमित बच्चों की उपस्थित, यहां पढ़ने वाले स्कुल से दुर तथा बाल मजदुरी करने वाले बच्चों की शैक्षाणिक व परिवारिक स्थितियों पर चिंतन किया गया। तथा ग्रामीणों से अपील की कई कि नमांकित सभी बच्चों को विधालय व सेतू पाठ्यक्रम केंद्र में अभिभावक भेजे। बैठक में डीपासाई नव प्राथमिक विधालय परिसर में 18 अप्रैल को खोले जाने वाले गैरआवासीय सेतू पाठ्यक्रम केंद्र की ग्रामीणों को जानकारी दी गई। साथ ही 23 अप्रैल में ग्राम विकास व आदिवासी विकास समिति के गठन के लिए जगन्नाथपुर पंचायत भवन में होने वाले आमसभा में महिलाओं की भागीदारी होने की बात कही गई। साथ ही जगन्नाथपुर में एक और सहिया की जरुरत तथा सहिया चुनाव को लेकर बैठक में बीटीटी राधा कुमारी ने ग्रामीणों को जानकारी दी। इस अवसर पर महिला पर्यावेक्षिका जोंगा लमाय सहित एनआरबीसी, आंगनवाङी के बच्चे, किशोरी, सहायिका, व महिला पुरुष उपस्थित थे।