एनआरसी के खिलाफ समाहरणालय परिसर मे विशाल जनसभा का आयोजन

नागरिकता का संघी प्रकल्प हिटलर की किताब से चुराया गया है : संजय पासवान

  • मोदी सरकार द्वारा देश की ज्वलंत मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए नागरिकता संशोधन के नाम पर विभाजनकारी नीति एनआरसी, सीएए और एनपीआर लाया गया है: शैलेन्द्र

कोडरमा - सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ सामाजिक एकता मंच के बैनर तले सोमवार को कोडरमा समाहरणालय परिसर मे विशाल जनसभा आयोजित की गई। सभा की गई इसके पूर्व उर्मिला चौधरी आवास के पास भगत सिंह चौक से हजारों हजार की संख्या में  मोदी शाह की दादागिरी नही चलेगी,नागरिकता संशोधन बिल वापस लेना होगा,धर्म के नाम पर इंसान को बांटना छोड़ दो आदि नारों के साथ पूरा कोडरमा का भ्रमण करते हुए सभा स्थल पर पहुँच कर सभा मे तब्दील हो गई।जिसकी अध्यक्षता प्रेम पांडेय वहीं संचालन गुलाम जिलानी व प्रकाश अम्बेडकर ने संयुक्त रूप से किया। सभा को झारखंड के वामपंथी नेता शैलेन्द्र कुमार, आदिवासी नेत्री दयामनी बारला, सामाजिक कार्यकर्ता इबरार अहमद, प्रो० हसन रजा, अशोक वर्मा, सीपीएम राज्य सचिव मंडल सदस्य संजय पासवान, रमेश प्रजापति, सीपीआई नेता और जिप सदस्य महादेव राम, राजद नेता अमिताभ चौधरी, खालीद खलील, अनवारूल हक, कांग्रेस नेता मनोज सहाय उर्फ पिंकु तुलसी मोदी, सामाजिक कार्यकर्ता असीम सरकार, श्यामदेव यादव, सीपीआई नेता प्रकाश रजक, आप के संतोष मानव आदि ने सम्बोधित किया. सभा को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा देश की ज्वलंत मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए नागरिकता संशोधन के नाम पर विभाजनकारी नीति एनआरसी, सीएए और एनपीआर लाया गया है. जिसके खिलाफ पूरे देश मे आग लगी हुई है. लाखों युवा और छात्र सहित आम जनता विशेषकर महिलाएं सड़कों पर है. वक्ताओं ने कहा कि भारत की आत्मा जो धर्मनिरपेक्षता का सिद्धांत है उसकी हत्या की जा रही है. सीपीएम नेता संजय पासवान ने कहा कि नागरिकता का संघी प्रकल्प हिटलर की किताब से ही चुराया गया एक पन्ना है। यह पूरा प्रकल्प हुबहू हिटलर के उस प्रकल्प की ही नक़ल है जब 1939-45 के बीच हिटलर ने यहूदियों के लिये हमेशा उन्हें पीले रंग के बैज को पहन कर निकलना जर्मनी में बाध्य कर दिया गया था।जैसे यहाँ पर एनआरसी के बाद मुस्लिम अल्पसंख्यकों के करने की साजिश है। हिटलर ने जब यहूदियों के जनसंहार की होलोकास्ट योजना पर अमल शुरू किया तो पीले बैज वालों को कहीं से भी पकड़ कर तैयार रखे गये यातना शिविरों में भेज देने में उसे जरा भी समय नहीं लगा । भारत में भी बिल्कुल उसी तर्ज़ पर डिटेंशन कैंप्स के निर्माण का काम शुरू हो गया है । इनकी योजना के अनुसार मुस्लिम और ग़ैर-मुस्लिम को अलग-अलग छांटा जाएगा । इनमें ग़ैर-मुस्लिम को तो नागरिकता संशोधन क़ानून के तहत नागरिकता दे दी जाएगी और मुस्लिमों को डिटेंशन कैंप में भेज कर आगे उनके साथ जो संभव होगा, वैसा सलूक किया जाएगा । इस प्रकार, भारत में हिटलर के परम भक्त मोदी-शाह-आरएसएस ने हिटलर के कामों की हूबहू नक़ल करते हए ही अभी एनपीआर और इसके साथ सीएए और एनआरसी का पूरा जन-संहारकारी प्रकल्प तैयार किया है. भारत की अमन पसंद जनता भाजपा आरएसएस के मंसूबे को कभी पुरा नहीं होने देगा और देश की एकता के लिए कुर्बानी देने के लिए हमेशा तैयार रहेगा। धन्यवाद ज्ञापन गुलाम जिलानी ने किया। रैली व सभा मे हजारों की संख्या मे लोग शामिल थे और हांथों मे नो एनआरसी, नो सीएए, नो एनपीआर और रिजेक्ट नागरिकता संशोधन कानून लिखा तख्तीयां लिए चल रहे थे. सभा मे संविधान बचाओ देश बचाओ, लोकतंत्र बचाओ, आवाज दो हम एक हैं, समाज को बाटना बंद करो आदि नारे लगाये जा रहे थे. वहीं सभा के बीच बीच मे प्रसिद्ध आजादी गीत भी गाये जा रहे थे।