खूँटी// निर्मल हृदय से किया गया कार्य होता है सफलीभूत - डॉ सिद्धनाथ ब्रजेश कुमार खूँटी(16 जन.): मेगा मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का उद्घाटन गुरुवार को संस्था के सभी साधक परिवार द्वारा दयानंद नेत्रालय अनिगड़ा, खूँटी एसजीवीएस के दयानंद नेत्रालय परिवार के सहयोग से किया गया ‌‌। महात्मा एन डी ग्रोवर व परम पूज्य रणछोड़दास जी बापू महाराज के स्वप्न को साकार करने के लिए एसजीवीएस, खूंटी के तत्वावधान में दयानन्द नेत्रालय, खूंटी में नि: शुल्क नेत्र आपरेशन का 16जनवरी को शुभारंभ किया गया। यह निःशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी शिविर 15 अप्रैल 2020 तक चलेगा। कार्यक्रम के पहले दिन ही बड़ी संख्या में रोगी, मोतियाबिंद जांच और सर्जरी के लिए पहुंचे थे । जिनकी उपस्थिति में रणछोड़ जी बापू जी के चित्र के सामने विधिवत पूजन अर्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया ‌। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि आर एस एस के क्षेत्रीय संघचालक सिद्धनाथ सिंह ने कहा कि निर्मल मन से किया गया कार्य हमेशा समाज के हित के लिए होता है। उन्होंने कहा कि पद्मभूषण कड़िया मुण्डा जी के आशीर्वाद से जनजातीय सेवा के प्रयास सेवा भारती को एक आयाम दिया गया है। एसजीवीएस, खूंटी तथा रणछोड़ दास जी बापू चैरिटेबल अस्पताल-राजकोट, गुजरात का इस पुण्य कार्य के लिए उन्होंने भूरि भूरि प्रशंसा की। मुख्य वक्ता दीना बेन ने रणछोड़ दास जी बापू की संस्था के उद्देश्यों को विस्तार पूर्वक बताया तथा नि: शुल्क मोतियाबिंद आपरेशन पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया की सेवा और समर्पण को ही गुरु जी ने मुक्ति का मार्ग बताया था। रोगी की सेवा से बढ़ कर कोई सेवा कार्य नहीं है, और उन्होंने विभिन्न स्थानीय संस्थाओं और आम जनता से इस विशाल शिविर की सफलता के लिए सहयोग माँगा। सभा को संबोधित करते हुए क्षेत्र के साधक संस्था के सहयोगी चंद्रमोहन राय पद ने संबोधित करते हुए बताया कि प्रत्येक वर्ष संस्था द्वारा लाखों मरीजों का निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन किया जाता है । इसमें से पिछली बार 275000 मरीजों का निशुल्क ऑपरेशन किया गया था। उन्होंने बताया कि सन 1950 ईस्वी में चित्रकूट में पहला नेत्र जांच शिविर संस्था के द्वारा प्रारंभ हुआ था । पूज्य बापू जी के साथ रहीे मुंबई से आई दमयंती बहन ने कहा कि हमारे आश्रम में और कार्यों में कोई जाति भेदभाव नहीं होता है इसमें सभी जाति धर्म संप्रदाय के लोगों की सेवा की जाती है। निःशुल्क मोतियाबिंद फेको सर्जरी शिविर के भोजन का खर्च रायपत परिवार के द्वारा किया जा रहा है। सभी मरीजों को आने जाने की व्यवस्था, भोजन, इलाज, दवा और यंत्र पूरी तरह से निःशुल्क दिए जाएंगे। सभी सेवाएं अगले तीन माह तक, स्वामी दयानन्द नेत्रालय, खूंटी में प्रातः 9 बजे से संध्या 4 बजे तक प्रदान की जाएंगी। साथ ही, एक हॉल का भी निर्माण किया गया है इसका नामकरण रणछोड़ जी बापू के नाम हो गया। जिसका बनाने का पूरा खर्च चंद्र मोहन रायपत ने किया। कार्यक्रम को तोरपा विधायक कोचे मुण्डा तथा डीएवी स्कूल खूंटी के प्राचार्य टीपी झा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का समापन स्थानीय विद्यालय के बच्चों द्वारा शांति पाठ कर किया गया। कार्यक्रम में चंद्रकांत रायपत, प्रसून रायपत, ऋषिकेश जी, दीना बैन, प्रवीण भाई वसानी, कुमारी जिगना बेन ने रोगियों और आगंतुकों का स्वागत किया और कृतज्ञता व्यक्त की। पद्मभूषण कड़िया मुण्डा जी ने आयोजकों को अपनी शुभकामना दी। इस कार्यक्रम में प्रमुख रुप से रांची से रांची के सांसद संजय सेठ, खूंटी के सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार, टोरियन स्कूल का प्रिंसिपल, सुनील मिश्रा, प्रसुन्न रायपथ, प्रवीण भाई वसानी, मुंबई से आई दमयंती बहन, और साधक परिवार के अलावे सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

निर्मल हृदय से किया गया कार्य होता है सफलीभूत - डॉ  सिद्धनाथ

ब्रजेश कुमार

खूँटी(16 जन.): मेगा मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का उद्घाटन गुरुवार को संस्था के सभी साधक परिवार द्वारा  दयानंद नेत्रालय अनिगड़ा, खूँटी एसजीवीएस के दयानंद नेत्रालय परिवार के सहयोग से  किया गया ‌‌।

         महात्मा एन डी ग्रोवर व परम पूज्य रणछोड़दास जी बापू महाराज के स्वप्न को साकार करने के लिए एसजीवीएस, खूंटी के तत्वावधान में दयानन्द नेत्रालय, खूंटी में नि: शुल्क नेत्र आपरेशन का 16जनवरी को शुभारंभ किया गया। यह निःशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी शिविर 15 अप्रैल 2020 तक चलेगा। 

    कार्यक्रम के पहले दिन ही बड़ी संख्या में रोगी, मोतियाबिंद जांच और सर्जरी के लिए पहुंचे थे । जिनकी उपस्थिति में रणछोड़ जी बापू जी के चित्र के सामने विधिवत पूजन अर्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया ‌।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि आर एस एस के क्षेत्रीय संघचालक सिद्धनाथ सिंह  ने कहा कि निर्मल मन से किया गया कार्य हमेशा समाज के हित के लिए होता है। उन्होंने कहा कि पद्मभूषण कड़िया मुण्डा जी के आशीर्वाद से जनजातीय सेवा के प्रयास सेवा भारती को एक आयाम दिया गया है। एसजीवीएस, खूंटी तथा रणछोड़ दास जी बापू चैरिटेबल अस्पताल-राजकोट, गुजरात का इस पुण्य कार्य के लिए उन्होंने भूरि भूरि प्रशंसा की। मुख्य वक्ता दीना बेन ने रणछोड़ दास जी बापू की संस्था के उद्देश्यों को विस्तार पूर्वक बताया तथा नि: शुल्क मोतियाबिंद आपरेशन पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया की सेवा और समर्पण को ही गुरु जी ने मुक्ति का मार्ग बताया था। रोगी की सेवा से बढ़ कर कोई सेवा कार्य नहीं है, और उन्होंने विभिन्न स्थानीय संस्थाओं और आम जनता से इस विशाल शिविर की सफलता के लिए सहयोग माँगा। सभा को संबोधित करते हुए क्षेत्र के साधक संस्था के सहयोगी चंद्रमोहन राय पद ने  संबोधित करते हुए बताया कि प्रत्येक वर्ष संस्था द्वारा लाखों मरीजों का निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन किया जाता है । इसमें से पिछली बार 275000 मरीजों का निशुल्क ऑपरेशन किया गया था। उन्होंने बताया कि सन 1950 ईस्वी में चित्रकूट में पहला नेत्र जांच शिविर संस्था के द्वारा प्रारंभ हुआ था । पूज्य बापू जी के साथ रहीे मुंबई से आई दमयंती बहन ने कहा कि हमारे आश्रम में और कार्यों में कोई जाति भेदभाव नहीं होता है इसमें सभी जाति धर्म संप्रदाय के लोगों की सेवा की जाती है।

     निःशुल्क मोतियाबिंद फेको सर्जरी शिविर के भोजन का खर्च रायपत परिवार के द्वारा किया जा रहा है। सभी मरीजों को आने जाने की व्यवस्था, भोजन, इलाज, दवा और यंत्र पूरी तरह से निःशुल्क दिए जाएंगे। सभी सेवाएं अगले तीन माह तक, स्वामी दयानन्द नेत्रालय, खूंटी में प्रातः 9 बजे से संध्या 4 बजे तक प्रदान की जाएंगी। साथ ही, एक हॉल का भी निर्माण किया गया है इसका नामकरण रणछोड़ जी बापू के नाम हो गया। जिसका बनाने का पूरा खर्च चंद्र मोहन रायपत ने किया।

     कार्यक्रम को तोरपा विधायक कोचे मुण्डा तथा डीएवी स्कूल खूंटी के प्राचार्य टीपी झा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का समापन स्थानीय विद्यालय के बच्चों द्वारा शांति पाठ कर किया गया। कार्यक्रम में चंद्रकांत रायपत, प्रसून रायपत, ऋषिकेश जी, दीना बैन, प्रवीण भाई वसानी, कुमारी जिगना बेन ने रोगियों और आगंतुकों का स्वागत किया और कृतज्ञता व्यक्त की। पद्मभूषण कड़िया मुण्डा जी ने आयोजकों को अपनी शुभकामना दी।

     इस कार्यक्रम में प्रमुख रुप से रांची से रांची के सांसद संजय सेठ, खूंटी के सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार, टोरियन स्कूल का प्रिंसिपल, सुनील मिश्रा, प्रसुन्न रायपथ, प्रवीण भाई  वसानी, मुंबई से आई दमयंती बहन, और साधक परिवार के अलावे  सैकड़ों लोग उपस्थित थे।