बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है ।अशोक कुमार।

 मेदिनीनगर, बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है ।इसकी रोकथाम के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। तभी समाज से इसे मिटाया  जा सकता है ।उक्त बातें पलामू जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अशोक कुमार ने कही ।वे शनिवार को एसोसिएशन फोर एडवोकेसी एंड लीगल इनीशिएटिव द्वारा बाल विवाह विषय पर आयोजित शिविर में बोल रहे थे। उक्त शिविर का आयोजन होटल गैलेक्सी इन में किया गया था।इस मौके पर  प्राधिकार के सचिव ने कहा कि बाल विवाह अपराध है। इसे रोकने के लिए प्रशासन को सहयोग करें ।उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल 2015 को झारखंड बाल विवाह प्रतिषेध नियमावली 2015 की स्वीकृति प्रदान की गई है।उन्होंने कहा कि अभी ब्लॉक में पदस्थापित प्रखंड विकास पदाधिकारी को  बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह करना या करवाना  संगेय और गैर जमानती अपराध है। उन्होंने कहा कि जो माता पिता अपने पुत्र पुत्रियों को बाल विवाह करवाते हैं तो उन्हें 2 वर्ष का कारावास व एक लाख  दंड देने का प्रावधान है ।उन्होंने कहा कि कम उम्र की कन्याओं का विवाह होने पर या करवाना से बालिकाओं के स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ता है।लड़का व लड़की का सही उम्र  होने के बाद ही शादी करें। उन्होंने कहा कि अगर कोई बाल विवाह करता है  या करवाता है तो आप संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, बाल कल्याण समिति ,जिले के उपायुक्त ,महिला और बाल विकास पदाधिकारी ,पंचायत सदस्य, विद्यालय के शिक्षक,व चाइल्डलाइन आदि से भी मदद ले सकते हैं ।उन्होंने कहा कि इस कुप्रथा के खिलाफ लड़ने के लिए लड़कियों का सशक्तिकरण आवश्यक है।उन्होंने कहा कि समुदाय के लोगों को शिक्षित होना जरूरी है । बाल विवाह के कारण आज कितनी कन्या  असमय काल के गाल में समा जा रही हैं ।यह एक चिंतनीय विषय है ।उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र के  लड़की व 21 साल से कम उम्र के लड़कों का शादी करना गैरकानूनी है। इस मौके पर प्रशिक्षण में  संस्था के स्टेट कॉर्डिनेटर रेशमा सिंह ने भी बाल विवाह पर चर्चा करते हुए कहा कि बाल विवाह के कारण स्त्रियों की संख्या घटती जा रही है ।जो एक  चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि हमें आने वाले पीढ़ियों के जीवन सम्हारने मे मदद करना चाहिए न कि बर्वाद करने में।उन्होंने कहा कि बोझ समझकर बच्चियों को कभी भी कम उम्र में विवाह नहीं करना चाहिए ।उन्होंने कहा कि आज बाल विवाह को रोकने के लिए सरकारी स्तर पर भी कई कार्यक्रम चलाए जा रहे है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना लागू किया गया है ।इसके तहत सरकार के तरफ से समय पर शादी करने पर प्रोत्साहन की राशि दी जाती है। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे लोगों में जागरूकता आ रहा है। और हम सबों को इसके लिए आगे बढ़ कर और अधिक काम करने की जरूरत है।ताकि इस अभिशाप से निपटा जा सके। इस मौके पर शिवांगी ने बाल विवाह पर बिस्तार से चर्चा की।मौके पर अधिवक्ता वीणा मिश्रा, संतोष कुमार पांडेय, सचिंद्र कुमार पांडेय, शैलेंद्र कुमार तिवारी, विकास कुमार दुबे ,संतोष कुमार तिवारी ,संजय कुमार पांडेय, नसीमुद्दीन खान  पुलिस अधिकारी में अनिल सिंह ,लाल  बाबू,प्रेमचंद्र महतो,मनोज कुमार,गुलटन मिस्त्री,मनोज कुमार,उपेंद्र राय,राजीव नयन,खलील अख्तर,समेत दर्जनों लोग उपस्थित थे।