हजारीबाग// वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में आयोजित caa के सभा में घर घर जाकर जानकारी देने का संकल्प लोगों ने लिया।

 नागरिकता संशोधन कानून न्याय का प्रतीक-डॉ सुमन

हजारीबाग(20जन.) :  भारत माता की चित्र पर माल्यार्पण कर पूर्ब डीजीपी डीके पांडेय, डॉ सुमन हिन्दू जागरण मंच क्षेत्र संगठन मंत्री, सदर विधायक मनीष जायसवाल, मांडू विद्यायक जय प्रकाश भाई पटेल , मेयर रोशनी तिर्की, उप मेयर राजकुमार लाल, आरएसएस के पूर्ब विभाग संघ चालक गंगाधर दुबे , अमरदीप यादव और सुनील साहू ने किया। समारोह को बतौर अध्य्क्ष मनीष जायसवाल ने सम्बोडिथ किया। कहा देश राष्ट्र वाद की ओर बढ़  रहा है। हम सबको घरों से निकलकर लोगो को जगाना होगा। पूर्ब डीजीपी डीके पांडेय ने नागरिकता संशोधन को विस्तार से बताया। आगामी सर्वे , देशहित, भविष्य का भारत, चुनौती के बारे में बताया। सुनील साहू और अमरदीप यादव ने भी संबोधित किया। मुख्य  वक्ता डॉ सुमन ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून 72 साल पूर्व आजादी के समय किये गए। जघन्य अन्याय को खत्म कर पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान में सताये गए अल्पसंख्यंको के प्रति न्याय का प्रतीक है। सही मायने में ये निर्णय बहुत देर से लिया गया। 50 साल पूर्व लिया गया होता तो लाखों लोगों का जीवन चरित्र व उनकी अस्मिता बच जाती।

सीएए की जरूरत क्यों पड़ी

तीन मुस्लिम पड़ोसी देशों में वहां के अल्पसंख्यंको को भयानक रुप से सताया जाता रहा। धीरे धीरे बांग्लादेश, पाकिस्तान व अफगानिस्तान में मुस्लिम समुदाय के अन्याय से अल्पसंख्यंक समुदाय नष्ट होने के कगार पर खड़ा हो गया। कांग्रेस पार्टी पहले ही ये कानून बनाना चाहती थी लेकिन वोट बैंक के कारण नहीं बनाया।

कांग्रेस ने इस मुद्दे को वोट बैंक के खातिर लटकाकर रखा।

पक्षपातपूर्ण मजहबी विभाजन से देश की धर्मनिरपेक्ष छवि को कांग्रेस ने ध्वस्त कर दिया। ऊपर से पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश के अल्पसंख्यंक लगातार हिंसा का शिकार होते रहे लेकिन कांग्रेस ने मुद्दे को कभी हल नहीं किया सिर्फ तुष्टीकरण के चलते लटकाकर रखा।

पड़ोसी देश खुद मुस्लिम मुल्क हैं वहां मुस्लिमों पर अत्याचार नहीं होता, इस कारण CAA से मुस्लिम समुदाय बाहर

जिन तीन देश के हिंसा से प्रभावित अल्पसंख्यंकों के लिए नागरिकता का प्रावधान किया गया है वो खुद मुस्लिम मुल्क हैं। और किसी भी मुस्लिम देश मे सिर्फ गैर मुस्लिमों को हिंसा के बल लर खत्म करने या मजहब स्वीकार करने की मनमानी होती है । अतः वहां मुस्लिम सुरक्षित हैं तो भला उनको नागरिकता की क्या आवश्यकता?

हिंसक प्रदर्शन के पीछे कांग्रेस के 1947 जैसे षड्यंत्र का पर्दाफाश

     नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ किये जा रहे हिंसक प्रदर्शन,राष्ट्रीय सम्पति को नुकसान करने के पीछे कांग्रेस पार्टी द्वारा 1947 जैसे जिन्ना सोच का पर्दाफाश किया है। टुकड़े टुकड़े गैंग,विरोध करने वाले सभी कांग्रेस प्रायोजित है। भारत विभाजन भी नेहरू को सत्ता पर काबिज करने के लिए किया गया। देश विभाजन का एक पक्ष ये भी है। नेहरू के प्रधानमंत्री बनने की लालसा ने 1947 में देश तोड़ दिया गया आज उनकी चौथी पीढ़ी राहुल गांधी को सत्ता में लाने के लिए नागरिकता कानून के आड़ लेकर देश को अस्थिर किया जा रहा है। काँग्रेस अफवाह फैलाकर देश की शांति भंग करने की साजिश कर रही है।

संविधान खतरे में नहीं बल्कि कुछ लोगों का गद्दारी की धंधा खतरे में है

          नागरिकता संशोधन कानून किसी भी सूरत में संविधान की भावना को ठोस नहीं पहुंचाता है। निराधार ही देश के विपक्षी पार्टियों जनता को उकसाकर देश में आग लगाने की कोशिश की गई जिससे लोगों का असली चरित्र उजागर हो गया है। जब कश्मीर से 7 लाख हिंदुओं को भगा दिया गया हिंसा के बल पर तब किसी को आज के विपक्षी पार्टियों की समर्थित सरकार थी तब तो किसी को संविधान खतरे में नजर नही आया! 1984 के राजीव गांधी के नेतृत्त्व में हजारो सिक्खों का नरसंहार हो गया तब तो किसी वामपंथी,पाखंडी सेकुलर गिरोह ने कुछ प्रतिक्रिया नहीं दी। इंदिरा में 1975 में 20 महीने तक आपातकाल लगाकर संविधान को तार तार कर दिया था। देश में सत्ता के बल पर हजारों बार कांग्रेस ने संविधान की आत्मा को नष्ट की है। इतिहास इसका साक्षी है। निहितार्थ कुछ लोगों की गद्दारी सामने आ गई है। 

72 साल बाद देश सही रास्ते पर चल रहा

          आज़ादी के बाद से लगातार देश मे पक्षपात की राजनीति हुई। देश को कैंसर के तरह कांग्रेस पार्टी ने घाव दिए और कभी उसे हल करने की कोशिशें नहीं की गई। आज देश के सभी जटिल समस्याओं को शांतिपूर्ण तरीके से वर्तमान राष्ट्रवादी सरकार एक एक करके हल करते जा रही है तो काँग्रेस सहित सभी विपक्षियों के पेट मे दर्द हो रहा।  CAA सहीत सभी मसले शांतिपूर्ण हल हो जा रही और विपक्ष के मुद्दे खत्म हो जा रहे दरअसल यही विपक्ष को हजम नहीं हो पा रहा है। 72 वर्षों बाद अब देश बिल्कुल सही रास्ते मे चल रहा हम सभी देश के सरकार के साथ एकजुटता से खड़े हैं। 

गीता और संविधान की पुस्तक देकर किया समान्नित 

मंच पर अतिथियों को गीता और संभिधान  की प्रति दिया गया। साथ ही  अंग वस्त्र देकर समान्नित किया गया। 

 जुलूस के शक्ल में तिरंगा को हाथों में लेकर अलग-अलग स्थानों से पहुंचे लोग

बाबू वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में आयोजित सीए के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम में  नगर क्षेत्र से विभिन्न मार्गो से होकर लोग आए। हाथों में तिरंगा लेकर जुलूस की शक्ल में कार्यक्रम में शामिल हुए । इचाक जलमा,  छड़वा , हेदलाग, कटकमदाग ,बड़कागांव ,चुरचू  चरही,  सहित सदर प्रखंड से करीब 5,000 लोग शामिल होने आए थे। 

         समारोह को सफल बनाने में प्रवीण कुमार सिंह , महा समिति के पूर्व अध्यक्ष सुधीर कुमार यादव,  वर्तमान अध्यक्ष शशि केसरी,  बृजेश कुमार,  संतोष यादव , रंजीत कुमार, मुकेश उपाध्याय , अजीत गुप्ता,,  रवि यादव,  कैलाश कुमार,  राष्ट्रवादी रोशन , सुनील कुमार, प्रशांत कुमार सिंह , चंदन,  अजय कुमार मेहता ,राजेश मेहता, संजय मेहता, अरविंद मेहता, विनोद मेहता, पंकज मेहता रविंदर यादव , के अलावा रामजी प्रकाश मेहता सहित अन्य लोग शामिल थे। मंच का संचालन मनमीत एकेला ने की।