खूँटी //आगामी 5 फरवरी को पंचघाघ जलप्रपात में मनाया जाएगा पर्यटन पर्व

सभी के लिए है पर्यटन पर्व- उपायुक्त

खूंटी के पर्यटन स्थलों पर लाखों की संख्या में सपरिवार जुटते हैं सैलानी

खूंटी (21जन.) : आगामी 5 फरवरी को पर्यटन पर्व मनाया जाएगा, इसके लिए खूंटी जिले का प्रसिद्ध पंचघाघ जलप्रपात का चयन किया गया है।

जिले में कई दर्शनीय पर्यटन स्थल हैं जहां दिसंबर से ही लाखों की संख्या में सैलानी सपरिवार पिकनिक का आनंद उठाने आते हैं। खूंटी जिले में पर्यटन स्थलों की भरमार है। दिसंबर का महीना आते ही इन पर्यटन स्थलों में सैलानियों की भीड़ जुटने लगती है। इसके साथ ही जिले के पर्यटन स्थलों में पर्यटकों का आना प्रारंभ हो गया है। यहां एक से बढ़कर एक पर्यटन स्थल और फॉल है। इसमें पंचघाघ जल प्रपात, पेरवांघाघ, लटरजंग डैम, रानी फॉल, बाबा आम्रेश्वरधाम, उलिहातू, सोनमेर मंदिर, डोम्बारीबुरु, पेलोल डैम मुख्य रूप से शामिल है। इन पर्यटन स्थलों को प्रकृति ने मानो फुर्सत से गढ़ा है। विशेषकर दिसंबर एवं जनवरी का महीना काफी खास होता है। जहां हर दिन दूरदराज के इलाकों से पर्यटक पहुंचते है।

प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा पंचघाघ जलप्रपात लाखों की संख्या में पर्यटकों को कर रहा आकर्षित

पंचघाघ जलप्रपात झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुमार है। जो राजधानी से 52 किमी तथा खूंटी जिला मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर दूर रांची-चाईबासा मुख्य मार्ग से डेढ़ किलोमीटर पश्चिम दिशा में स्थित है। पंचघाघ जलप्रपात आसानी से पहुंचा जा सकता हैं। यहां की प्राकृतिक सौंदर्य व मनोरम छटा लोगो को बार-बार आने के लिए आकर्षित करती है। कलकल करती नदी जब गहराई में गिरती है तो वह दृश्य मन को ठंडक देती है। साल वृक्षों से घिरे पंचघाघ जलप्रपात बरबस ही लोगो को अपनी ओर खींच लेते है। कुछ साल पूर्व बनाया गया स्वीमिंग पुल पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। साथ ही जलप्रपात समेत आसपास के स्थानों पर लोगों में सेल्फी लेने की होड़ मची रही। 

साल के अंतिम माह व नए साल में बड़ी संख्या में सैलानी पर्यटन स्थलों पर पिकनिक मनाने आते हैं। इसलिए सभी पिकनिक स्थलों पर सुरक्षा की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। पिकनिक मनाने आने वालों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसे ध्यान में रखते हुए आने-जाने वाले मार्गाें पर लगातार पुलिस गश्त की जा रही है। छुट्टी वाले दिनों में पिकनिक स्थलों पर विशेष चौकसी रखी जा रही है। हल्की बारिश और ठंड में भी सैलानियों का जोश कम नहीं हुआ है। वहीं पिकनिक को लेकर पर्यटन स्थलों में जिला प्रशासन की ओर से विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाती है।