खूँटी//डीएवी सुंदरी को बच्चों को मिला सफलता के सूत्र

बच्चों के साथ अभिभावक भी समझे अपना कर्तव्य- देवाशीष

खूँटी (21जन.): खूंटी जिला के सुंदारी ग्राम स्थित डी ए वी उच्च विद्यालय में आज विद्यार्थियों के साथ ग्रामीण परिवेश में व्यक्तित्व विकास एवं समेकित शिक्षा पर संवाद हुआ ।

       मैनेजमेंट गुरु और आई आर एफ संस्था के निर्देशक कुमार देवाशीष ने ग्रामीण क्षेत्रों में सतत् विकास उद्देश्यों पर काम करते हुए बच्चों से चर्चा की। उन्होंने 

 सफलता की कुंजी और स्वयं के भीतर व्यक्तित्व के बारे में चर्चा की कि “मेरे व्यक्तित्व रुपी वृक्ष की जड़ें क्या क्या हैं” , व्यक्तित्व वृक्ष की जड़ों को हम कैसे मजबूत बना सकते हैं ? हर बच्चे में प्रतिभा का अकूत भंडार है, उसे ही जागृत करना है । और उनका सन्तुलित विकास ही प्रतिभा है। जीवन के आधारों में सदा ही अदृश्य छिपा होता है। वृक्ष दिखाई पड़ता है, जड़ें दिखाई नहीं पड़ती हैं। फूल दिखाई पड़ते हैं, पत्ते दिखाई पड़ते हैं, जड़ें पृथ्वी के गर्भ में छिपी रहती हैं--अंधकार में, अदृश्य में। पर उन अदृश्य में छिपी जड़ों पर ही प्रकट वृक्ष की जीवन की सारी सफलता विफलता  निर्भर है। उसके मजबूती ही हमे अपने लक्षय को प्राप्त करने में  सहायक होती है, जड़ो को सिंचित और उन्हें पोषण सम्बर्धन देते है। यदि हम ऊपर से ही देखें, तो शायद समझें कि फूलों में प्राण होंगे; तो शायद हम समझें कि पत्तों में प्राण होंगे; तो शायद हम समझें कि वृक्ष की शाखाओं में प्राण होंगे। ऊपर से जो देखेगा, उसे ऐसा ही दिखाई पड़ेगा। लेकिन प्राण तो उन जड़ों में हैं, जो नीचे अंधकार में, अदृश्य में छिपी और दबी हैं। इसलिए कोई पत्तों को तोड़ डाले, फूलों को तोड़ डाले, शाखाओं को काट डाले--वृक्ष का अंत नहीं होता। फिर नए अंकुर फूट जाते हैं, फिर नए पत्ते आ जाते हैं, फिर नए फूल खिल जाते हैं। लेकिन कोई जड़ों को काट डाले, तो वृक्ष का अंत हो जाता है। फिर पुराने फूल भी मौजूद हों, तो थोड? ही देर में कुम्हला जाते हैं और पुराने पत्ते भी थोड़ी ही देर में पतझड़ को उपलब्ध हो जाते हैं। और  बच्चे 10वीं के लिये तैयार हो रहे हैं, लेकिन LKG से जो भाव इन तैयारियों में आपने लगाया भविष्य में  वो ही फल पुष्प में पल्वित होंगे ।

संवाद में ऊंची कक्षा के विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया।  उन्होंने छात्रों को समझाया कि उन्हें अपने व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को समझने और उसकी सूची बनाने और उसके क्रमशः संवर्धन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। 

         छात्रों ने इन प्रश्नों के प्रभावी उत्तर बताये। डी ए वी उच्च विद्यालय और आई आर एफ संस्था साथ मिल कर ग्रामीण छात्रों के बहुमुखी विकास के विषय पर शोधरत हैं। संवाद में समाजसेवी डॉ निर्मल सिंह ने बच्चों को भविष्य की संभावनाओं हेतु बेहतर तैयारी का मार्गदर्शन दिया। विद्यालय के प्राचार्य श्री अनिल जी एवं शिक्षकों ने भी चर्चा में सार्थक सहयोग किया।