खूँटी//बाल सुरक्षा, बाल संरक्षण मुददों पर विधिक जागरूकता शिविर सह परिचर्चा कार्यक्रम


न्याय पाने के लिए एफआईआर करना आवश्यक- नताशा


खूँटी(23जन.) : कल कस्तूरबा ग़ांधी बालिका विद्यालय ,मुरहू में जिला बाल संरक्षण ईकाई एवं बचपन बचाओ आंदोलन के संयुक्त तत्वाधान में  किशोरियों के बीच बाल सुरक्षा, बाल संरक्षण मुददों पर विधिक जागरूकता शिविर सह परिचर्चा  कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

   इस कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव नताशा बारला ने बच्चियों को बताया कि न्याय पाने के लिए FIR करना आवश्यक है। FIR के बारे में विस्तृत जानकारी दी। और कहा कि किसी भी केस के लिए FIR करना बहुत ही आवश्यक है यदि थाना में FIR नहीं लिखी जाती है तो इसकी सूचना तत्काल डालसा को दें। डालसा द्वारा FIR करवाकर केस की अग्रेतर करवाई की जाएगी।

       जिला बाल संरक्षण ईकाई के संरक्षण पदाधिकारी संस्थागत देखरेख शमिमुद्दीन अंसारी ने 

 किशोरियों को बताया कि जिले में बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करने के लिए किशोर न्याय बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम 2015 को मजबूती से लागू करना होगा। इस अधिनियम के तहत जिले मे बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण ईकाई, एवं किशोर न्याय बोर्ड की स्थापना की गई है।

      चाइल्ड लाइन के कोऑर्डिनेटर शाहजहां खान ने किशोरियों को बाल श्रम, बाल विवाह, बाल तस्करी एवं बाल शोषण के बारे में विस्तृत जानकारी दी । और बताया कि इनकी सूचना 1098 (24 x7 )आपातकालीन हेल्पलाइन सेवा में दे सकते हैं।

पीएलए मेंबर राधा रानी ने किशोरियों को बाल शोषण से बचाव के लिए pocso क़ानून के बारे में जानकारी दी।और बताया कि शोषण के खिलाफ चुप्पी साधना भी एक हिंसा है। बचपन बचाओ आंदोलन के श्याम मल्लिक ने बच्चों को बाल दुर्ब्यापार, बाल अधिकार एवं बाल संरक्षण के बारे मे विस्तृत जानकारी दी और कहा कि बाल यौन शोषण के मामले में बच्चों को अपने रिश्तेदारों से भी काफी सतर्क रहने की जरूरत है।

       मौके पर बचपन बचाओ आंदोलन के ब्रजेश मिश्रा, डालसा के पैनल एडवोकेट मदन मोहन, मुकुल पाठक, चाइल्ड लाइन के टीम मेंबर दीनानाथ,कस्तूरबा ग़ांधी बालिका विद्यालय,मुरहू की वार्डेन सुनीता कुमारी गुड़िया एवं अन्य  शिक्षिका उपस्थित थे।