लोक अदालत में 182 मामले का निस्तारण

मेदिनीनगर लोक अदालत में  182 मामले का निस्तारण। रुपये का मामला सेटल।,लोक अदालत बैकल्पिक विवाद निपटारे का सशक्त मंच।प्रभारी न्यायाधीश। पलामू के प्रथम जिला व सत्र न्यायाधीश ने किया द्वीप प्रज्ज्वलित कर लोक अदालत का उदघाटन।   लोक अदालत वैकल्पिक विवाद निपटारे का सशक्त मंच है उक्त बातें पलामू के प्रभारी  जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार ने कही । वे शनिवार को ब्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित  इस बर्ष के प्रथम लोक अदालत के उदघाटन समारोह में बोल रहे थे।उन्होंने कहा कि लोक अदालत में मामले निस्तारण से समय ,शक्ति और पैसे की बचत होती है ।यहां दोनों पक्ष आपसी रजामंदी से मामले निपटाते है। इसलिए उनके बीच जो वैमनस्यता रहता है वह सदा सर्वदा के लिए मिट जाता है ।इसके पूर्ब उन्होंने लोक अदालत का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया ।उन्होंने कहा कि लोक अदालत में मामले निस्तारण से  भाईचारगी बढ़ जाती है ।उन्होंने कहा कि लोक अदालत में किसी भी पक्ष की जीत और हार नहीं होती है। उन्होंने कहा कि पारिवारिक विवाद निपटाने में काफी सफलता मिल रहा है।इस मौके  ने कहा कि  लोक अदालत में जो विवाद का निपटारा होता है उसका अपील नही होता।साथ ही लोक अदालत में जो मामले निपटारा होता है उसमें कोर्ट फीस भी वापस करने का प्रावधान है।उन्होंने कहा कि लोक अदालत में मामले निस्तारण में सभी का योगदान होना जरूरी है ।ताकि बहुत सारे मामले का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से किया जा सके। इस मौके पर प्राधिकार के सचिव अशोक कुमार ने भी लोक अदालत की महत्ता पर चर्चा की और लोगों को अधिक से अधिक मामले निस्तारण कराने की सलाह दी। लोक अदालत में  182मामले का निस्तारण किया गया । वही  70 लाख 83 हजार 924 रुपए का मामला सेटल हुआ।मामले निस्तारण को ले  आठ पीठों का गठन किया गया था। प्रथम पीठ में पारिवारिक व बच्चों से संबंधित मामले का निस्तारण के लिए बनाया गया था।इसमे  पारिवारिक एक वाद का निपटारा किया गया। दूसरा पीठ का गठन एम ए सी टी व बिधुत विभाग के मामले के निस्तारण के लिए बनाया गया था इसमे एक मामले का निस्तारण किया गया ।तीसरा पीठ का गठन सिविल वादों के निस्तारण के लिए किया गया था।इसमे एक भी मामले का निस्तारण  नही किया गया। चौथा पीठ का गठन अपराधियों  बादो के निस्तारण के लिए किया गया था इसमे नव मामले का निस्तारण किया गया। पांचवा  पीठ  का गठन बन बिभाग व उत्पाद विभाग के मामले के निस्तारण के लिए किया गया था इसमें  40 मामले का निस्तारण किया गया।पीठ संख्या छः  प्रिलिटिगेशन से  संबंधित मामले के निस्तारण के लिए बनाया गया था इसमे 61 मामले का निस्तारण किया गया।।पीठ संख्या सात  का गठन  एक्सकुटिभ व रेवेन्यू से सम्बंधित मामले निस्तारण के लिए बनाया गया था इसमे 71 मामले  निपटाये गए।पीठ संख्या आठ में रेलवे से संबंधित एक भी मामले नही निपटाये गए।इस मौके पर डीजे आनंद प्रकाश, मनीष रंजन ,शत्रुंजय कुमार सिंह  ,आसिफ इकबाल ,संतोष कुमार,पी एन पाण्डेय,  अमरेश कुमार,कुमार ,श्यामलाल सरोज, निरूपम कुमार,विक्रांत रंजन, रोहित कुमार, मनोज कुमार ,अमित गुप्ता ,राजेन्द्र प्रसाद,दीपक कुमार,सफदर अली नैयर,एम जेड तारा ,सतीश कुमार मुंडा,,के अलावे अधिवक्ता अखिलेश्वर प्रसाद, वीणा मिश्रा ,  संतोष कुमार पांडेय, दिनेश चंद पांडे,राजेश्वर पाण्डेय,इन्दु भगत,शिव कुमार तिवारी,संतोष कुमार दुबे, के अलावे  अलावे दर्जनों अधिवक्ता व मामले से जुड़े पक्षकार उपस्थित थे।