महा यज्ञ कीर्तन व हवन के साथ धर्मानुष्ठान कार्यक्रम संपन्न



राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मधुकोड़ा व विधायक गीता कोड़ा भी हुए शामिल, रामर्तिथ के दरबार में टेके मत्था


विधायक गीता कोड़ा के प्रयास से प्रर्यटक स्थल के रूप में निरंतर प्रसिद्व होता रामतिर्थ 


 संतोष वर्मा। जगन्नाथपुर अनुमंडल के प्रखंड़ मुख्यालय क्षेत्र के प्रसिद्ध राम तीर्थ धाम में चल रहे पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान गीता महायज्ञ विशेष हवन कीर्तन एवं पूजन तथा आनंद बाजार के साथ ही रविवार को शांति व भक्तिमय वातावरण में संपन्न हो गया। इस बीच 5 दिनों तक विभिन्न प्रकार के धर्मानुष्ठान कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।प्रथम दिन हनुमान मंदिर की प्रतिष्ठा एवं श्री जगन्नाथ मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन हुआ ।दूसरे दिन बजरंगबली की प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठा की गई तथा श्री राम पद चिन्ह शिलापट्ट को मंदिर परिसर में स्थापित किया गया। 20 अप्रैल को 3 टन वजनी राम शिलापट्ट को विधिवत स्थापित करने के बाद संपूर्ण वैदिक रीति रिवाज के साथ पूजा किया गया। भारी संख्या में श्रद्धालु श्रीराम पद चिन्ह का पूजन एवं दर्शन किए। 21 अप्रैल को गीता महायज्ञ एवं अखंड श्री हरि नाम संकीर्तन का आयोजन किया गया रविवार को संपूर्ण विधि विधान पूर्ण होने के बाद विशेष हवन एवं पूजन कर पूर्णाहुति की गई शाम 4:00 बजे आनंद बाजार प्रसाद के साथ ही पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हो गया। अंतिम दिन के कार्यक्रम में विधायक श्रीमती गीता कोड़ा पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, प्रखंड अध्यक्ष गगन बिहारी प्रधान, टाटा स्टील  के अधिकारीगण सहित लगभग पांच हजार श्रदालुआओं की भीड़ जुटी ।श्रद्धालुओं ने पवित्र वैतरणी नदी में स्नान कर शिव मंदिर जगन्नाथ मंदिर और राम शिलापट्ट की पूजा प्रदर्शन किया। तथा प्रसाद सेवन किए कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के सभी सदस्यों ग्रामीणों द्वारा कंपनी का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। मालूम हो कि झारखंड सरकार द्वारा राम तीर्थ धाम को पर्यटन स्थल की मान्यता प्राप्त है । इसे लेकर  स्थल की सौंदर्यकरण  एवं उतोरतर विकास कार्य लगातार जारी है। समिति द्वारा लगातार विकास कार्य चलाया जा रहा है ।पवित्र वैतरणी नदी के तट पर बसे रामतीर्थ धाम तो तो धार्मिक स्थल होने के साथ ही काफी मनोरम भी है। प्रत्येक वर्ष 14 जनवरी मकर संक्रांति को यहां भारी  मेला का आयोजन होता है नव वर्ष पर पिकनिक मनाने के लिए भारी संख्या में सैलानी जुड़ते हैं ।प्रत्येक सोमवार को शिव भक्तों की भीड़ जुटती है मगर जिस रफ्तार से रामतीर्थ धाम का पर्यटन स्थल रूप रूप में विकास होना चाहिए ऐसा नहीं देखा जा रहा है। शायद सरकार इस परहू उदासीनता बरत रही है क्षेत्र के लोगों ने इस स्थल को शीघ्र ही सही मायने में पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की है।