खूँटी जिले के पर्यटन स्थल 5: मुरहू प्रखंड के पंगुरा जलप्रपात

जिले के पर्यटन स्थल 5: पंगुरा जलप्रपात

खूँटी(30जन.): प्राकृतिक सौंदर्य के प्रेमियों के लिए प्रकृति ने खूंटी जिला को पर्यटन स्थल के रुप में अनेक अनुपम उपहार दिये हैं। इन उपहारों में पंचघाघ जलप्रपात, पंगुरा जल प्रपात, पेरवां घाघ, रानी फाॅल, बिरसा मृग विहार, तजना डैम, पेलौल डैम, लटरजंग डैम व आम्रेश्वर धाम प्रमुख हैं।

        जिला प्रशासन द्वारा जिले के पर्यटन स्थलों के विकास की दिशा में लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। पर्यटन स्थलों के विकास के लिए योजनाएं क्रियान्वित हैं। साथ ही पर्यटकों के मनोरंजन के लिए आवश्यक साधनों की भी व्यवस्था की जा रही हैं।  

मुरहू प्रखंड अंतर्गत वनाच्छादित इट्टी पंचायत के डहकेला गांव के समीप स्थित है- पंगुरा जल प्रपात। इसका उद्गम स्थल इट्टी गांव की एक पहाड़ी नदी है। गांव के आस-पास के पहाड़ियों से निकलती यह नदी जंगलों व पहाड़ियाँ से होकर कलकल-छलछल निनाद करती पंगुरा पहुंचती है, जहाँं कई छोटे-बडे झरनों में तब्दील होकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करती है। यहां दो मुख्य झरने हैं। इसमें से एक झरना 70 फीट एवं दूसरा झरना 40 फीट की उंचाई से गिरता है। इसके अलावे कई झरने हैं जो मनमोहक हैं। इन झरनों के दोनों ओर उंची-उंची पहाड़ियांँ एवं हरे-भरे पेड़-पौधे व वनफुल पर्यटकों को बरबस ही आकर्षित करते हैं। यह बात अलग है कि इस जल प्रपात का पूर्ण अवलोकन करने के लिए नीचे उतरना पर्यटकों के लिए काफी जाखिम भरा है। 

     पंगुरा जल प्रपात का अंतिम व बड़े झरने का दृश्य काफी आकर्षक है। इसे देखने से ऐसा लगता है, मानो पर्वत की उंचाईयों से गिरकर नदी थक चुकी है, और नीचे पहुँचकर जलाशय का रूप धारण कर थोड़ी देर आराम करने के बाद अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान करती है। इस झरने के नीचे स्थित विशाल जलाशय को गांव के लोग सरना स्थल मानते हैं। इस जलाशय में स्नान करने पर पारंपरिक प्रतिबंध है। ग्रामीण बताते हैं कि प्रत्येक वर्ष चैत माह के अमावश्या की रात गांँव के पाहन अपने देवता की पूजा-अर्चना करते हैं।

     मुरहू-बिरबांकी सड़क के किनारे अवस्थित मुरुदडीह गांव से बाँंयीं ओर करीब एक किलो मीटर दूरी तय कर किसी भी वाहन से पंगुरा जलप्रपात पहुंचा जा सकता है। मुरहु मुख्य पथ से मुरुदडीह की दूरी करीब 10 किलो मीटर है।