: शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो का आदेश- पारा शिक्षकों के वेतनमान पर पांच फरवरी को ले अंतिम फैसला

बड़ी खबर : शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो का आदेश- पारा शिक्षकों के वेतनमान पर पांच फरवरी को ले अंतिम फैसला, कहा- हमारी सरकार पारा शिक्षकों के साथ है, उनके हित में जो भी निर्णय होगा, हम लेंगे :

झारखंड में अब पारा शिक्षकों के अच्छे दिन आने वाले है। हेमंत सरकार ने पारा शिक्षकों के जीवन में खुशियां लाने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है। स्कूली शिक्षा व साक्षरता मंत्री जगरनाथ महतो ने शुक्रवार को विभाग का पदभार ग्रहण करते ही सबसे पहला हस्ताक्षर राज्य के 65 हजार पारा शिक्षकों के मानदेय भुगतान पर किया। वहीं, पारा शिक्षकों के वेतनमान और सेवा सामंजन पर पांच फरवरी को अधिकारीयों को बैठक कर अंतिम लेने का निर्देश भी दिया है। पदभार ग्रहण करने के बाद शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि पारा शिक्षकों के फरवरी महीने के मानदेय के लिए 72 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिया गया है। वहीं, तीन फरवरी को जनवरी महीने का मानदेय जारी कर दिया जायेगा। 

वेतनमान और सेवा सामंजन को लेकर पांच को कमिटी के साथ बैठक :

राज्य के पारा शिक्षकों के वेतनमान और सेवा सामंजन के लिए गठित कमेटी की बैठक पांच फरवरी को सुबह साढ़े 11 बजे होगी। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने इसे मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि सरकार पारा शिक्षकों के साथ है। उनके हित में जो भी फैसला लेना होगा, वे लेंगे। पारा शिक्षकों के वेतनमान पर कमेटी ने 5200-20,200 के वेतनमान पर ग्रेड पे देने की रिपोर्ट तैयार की है। इस पर पारा शिक्षकों से भी सुझाव लेकर विकास आयुक्त को रिपोर्ट दी गई है। 

स्कूलों के टैब से रघुवर दास का संदेश हटेगा :

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने स्कूलों को दिये गये टैबलेट से पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के संदेश को हटाने का भी निर्देश दिया। प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस मामले में रिपोर्ट तैयार की गई है और इसे मंत्री के स्तर पर निर्णय लेना है। स्कूलों के विलय पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि मर्जन पर उन्होंने शुरू से विरोध किया है। इसकी समीक्षा करेंगे और जरुरत पड़ी तो स्कूलों को फिर से खोलेंगे। बड़े निजी स्कूलों की मनमानी पर भी लगाम लगाने का उन्होंने निर्देश दिया। 

समय पर दी जाये पाठ्य पुस्तकें :

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने स्कूली छात्र-छात्राओं को समय पर पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने चिंता जतायी कि शैक्षणिक सत्र शुरू होने के कई महीने के बाद किताबें मिलने से उन्हें समस्या होती है और पढ़ाई पर असर होता है। इस पर झारखंड शैक्षिक अनुशंधान व प्रशिक्षण परिषद के निदेशक उमाशंकर सिंह ने बताया कि किताबों की छपाई शुरू हो गई है। अप्रैल से शुरू होने वाले सत्र में छात्र-छात्राओं के हाथ में किताबें होंगी। 

गढ़वा कस्तूरबा का मामला गंभीर, दोषी पर होगी कार्रवाई 

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो पदभार ग्रहण के बाद कस्तूबा मामले की जांच के लिए गढ़वा रवाना हुए। उन्होंने कहा कि गढ़वा कस्तूरबा स्कूल की छात्रा के गर्भवती होने और उसका गर्भपात कराने का मामला गंभीर है। इसमें किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा और कड़ी कार्रवाई की जायेगी।