खूँटी//तालाब निर्माण से आत्मनिर्भर और खुशहाल हो रहे हैं किसान

तालाब निर्माण से आत्मनिर्भर और खुशहाल हो रहे हैं किसान

खूँटी(1फर.): जलछाजन परियोजना अन्तर्गत तालाब , डोभा निर्माण, मेढ़बंदी, जल सोकता, स्ट्रेंच या मेड़, फसल प्रदर्शन इत्यादि का काम किया गया है। गाँव के कुछ किसानों ने इस परियोजना से काफी कुछ सीखा व लाभान्वित हुए है।

     सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने बताया कि इस परियोजना के अन्तर्गत गाँव में कुल 09 डोभा, 03 तालाब एवं 89 हे0 में ट्रेंच-सह-मेड़ का निर्माण किया गया है। साथ ही 27 हे0 क्षेत्र मेड़बन्दी का कार्य वैसे जमीन पर किया गया जिसका उपयोग अभी तक कृषि कार्य के लिए नहीं होता था।

          जलछाजन कार्यक्रम के फलस्वरूप हस्सा गाँव में ग्रामीण पहले से ज्यादा समय खेतों में दे रहे है, जो कि पहले मजदूरी करने जाया करते थे। ट्रेंच-कम-मेढ निर्माण से लगभग 40 हे0 भूमि को कृषि योग्य बनाया गया। तालाबों एवं डोभा के निर्माण के बाद उनके मेढो पर घास बिछाने का काम किया गया, तो गाँव के लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला जिससे वो काफी उत्साहित हुए। क्षमतावर्धन के माध्यम से गाँव के लोगों को रामकृष्ण मिशन में प्रशिक्षण दिया गया। जिसका लाभ उठाकर किसानों ने अपनी आमदनी को बढ़ाया और पहले से ज्यादा खुशहाल हुए हैं। आज वो अपने तालाबों एवं डोभा के पानी का उपयोग कर न केवल अपने जरूरत की चीजे उपजा रहे है, बल्कि आत्मनिर्भर भी हो रहे है।

इसी परियोजना में जब लाभुक अरूण कुमार मांझी का तालाब निर्माण हुआ तो बहुत खुश हुए। उन्होने कहा कि इस वर्ष उन्होने इस तालाब में मछली पालन किया था और इससे उन्हे लगभग 10000.00 रू0 की आमदनी हुई। साथ ही वे इस तालाब के पानी का उपयोग अपने खेतों मेें टमाटर और बैगन की खेती के लिए कर रहे है एवं पहले ही साल में अच्छी आमदनी हुई। जिससे वे काफी उत्साहित है और अपने बच्चों को अच्छे स्कूल में भी दाखिला करवा दिया है। अरूण कुमार मांझी कहते है कि इस परियोजना के कारण लोग जल संरक्षण के प्रति जागरूक हुए है और उनके जीवन स्तर में भी सुधार हुआ है।