खूँटी//सड़क निर्माण से बिहड़ जंगलों के बीच बसे लोगों का दूरी हुई कम

सड़क निर्माण से बिहड़ जंगलों के बीच बसे लोगों  का दूरी हुई कम

खूँटी(1फर.) : अड़की प्रखण्ड के सुदूर बीहड़ों के बीच बसे बाड़ी निजकेल पंचायत के गांव मारंगबुरू, सरयाद, माईलचिंगी, माउबेड़ा, सांडीदिरी ऐसे गांवो का नाम है, जहाँ पहुंचना काफी मुश्किल हुआ करता था। 

           जिला प्रशासन के प्रयासों से खूंटी ने विकास की रेखा रूपी 8.725 कि0मी0 लंबी सड़क बनाकर पूरे इलाके की तसवीर ही बदल दी है। साल के हरे भरे जंगलो के बीच काली चकाचक सड़क सहज जीवन का रास्ता बनाता नजर आता है। इस सड़क से होकर गुजरने वाले लोग तजना नदी पर बने पुल और जंगलो के बीच सड़क पर रूककर फोटो खीचवाने से नहीं चुकते । एक सड़क ने इन जंगलो में बसने वाले ढाई हजार आदिवासियों के जीवन में रंग भरने का काम किया है ।

मुरहू और अड़की प्रखण्ड से हैं जुड़े गांव---

इस सड़क के बनने से अब इसके किनारे बसे गांवो के लोग रायतोड़ांग , कोवा, मुरगीडीह, पंगुरा होते हुए मुरहू पहुंचते है। वही लोग आसानी से राजा बाजार होते हुए अड़की प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचते है। अब गांवो के लोगो में भय नहीं बल्कि आशा और नई उम्मीद की झलक दिखती है। गांव तक बोरिंग की गाड़ियां आसानी से पहुंच पाती है। इन गांव के लोग सोयको, अड़की और मुरहू के बाजरो तक आसानी से पहुंच रहे है। सवारी गाड़ियां इन गांवो तक जाती है। यह सड़क प्रशासन और आमजनों के बीच के दायरे को कम करने में सहायक बनी है।