नीलांबर पीतांबर विवि के वीसी एसएन सिंह ने टेक्निकल बीड में अयोग्य कंपनी एनसीसीएफ का परीक्षा विभाग में किया चयन

Ranchi : नीलांबर पीतांबर विवि के वीसी एसएन सिंह ने टेक्निकल बीड में अयोग्य कंपनी एनसीसीएफ का चयन किया है. यह कंपनी नीलांबर पीतांबर विवि के परीक्षा विभाग के कामकाज संचालित करेगी. इस बाबत विवि के फिनांशियल एडवाइजर कैलाश राम की ओर राज्यपाल को पत्र लिखकर चयन प्रक्रिया की शिकायत की गयी है. साथ ही इस मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है.

नीलांबर पीतांबर विवि के वीसी एसएन सिंह ने टेक्निकल बीड में अयोग्य कंपनी एनसीसीएफ का परीक्षा विभाग में किया चयन


Ranchi : नीलांबर पीतांबर विवि के वीसी एसएन सिंह ने टेक्निकल बीड में अयोग्य कंपनी एनसीसीएफ का चयन किया है. यह कंपनी नीलांबर पीतांबर विवि के परीक्षा विभाग के कामकाज संचालित करेगी. इस बाबत विवि के फिनांशियल एडवाइजर कैलाश राम की ओर राज्यपाल को पत्र लिखकर चयन प्रक्रिया की शिकायत की गयी है. साथ ही इस मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है.

क्या है पूरा मामला

वित्तीय सलाहकार कैलाश राम के पत्र के मुताबिक वीसी एसएन सिंह ने अपनी चहेती कंपनी एनसीसीएफ का चयन गलत तरीके से किया है. जबकि एनसीसीएफ से पूर्व कार्य कर रही कंपनी यूएसटी परीक्षा विभाग के कार्यों को करने में सक्षम थी.

वीसी ने चहेती कंपनी को काम देने के लिए पूर्व में काम कर रही कंपनी यूएसटी के काम के तरीके पर सवाल करते हुए उसे एक साल पहले हटा दिया है.

इसके बाद वीसी एसएन सिंह ने कंपनी चयन के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू की. इस प्रक्रिया में चार निविदा मिली. जिसमें ओएमआर इंडिया आउटसोर्स लिमिटेड और यूएसटी सॉफटवेयर इंडिया (पूर्व में कार्यरत कंपनी) इंडियन कंपनीज एक्ट 1956 के तहत रजिस्टर्ड थीं.

जबकि दो अन्य कंपनियां केंद्रीय भंडार और एनसीसीएफ भारत सरकार के सहकारी संगठन के विभाग थीं. इसके बाद तत्कालीन कुलसचिव राकेश कुमार ने टेंडर कमेटी का गठन किया. इस कमेटी ने केंद्रीय भंडार और एनसीसीएफ को टेक्निकल बिड में अयोग्य पाते हुए, उसे बीड से बाहर कर दिया.

इसके बाद वीसी की ओर से 9 जुलाई को कंपनी चयन को लेकर बैठक की गयी. इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट रूप से ऑर्डर देते हुए एनसीसीएफ का चयन करने को कहा. इस पर कमेटी के सदस्यों ने आपत्ति दर्ज की. कमेटी की ओर से विरोध के बाद भी कुलपति ने आपत्ति पर ध्यान न देते हुए एनसीसीएफ का चयन किया.

JPSC घोटाला में जेल गये धीरज कुमार ने भरे दो टेंडर

जानकारी के मुताबिक इस टेंडर में केंद्रीय भंडार और एनसीसीएफ कंपनी के नाम से जो टेंडर भरा गया था. उसे एक ही व्यक्ति ने भरा था. टेंडर भरने वाले का नाम धीरज कुमार है. ये धीरज कुमार जेपीएससी घोटाला मामले में जेल में है.एक व्यक्ति के द्वारा दो टेक्निकल बीड डालने का भी विरोध हुआ. इसके बाद भी कंपनी का चयन किया गया.