राषटीय लोक अदालत में 1055 मामले का निस्तारण। 21करोड़ 80 लाख 5 हजार 203 रुपये का मामला सेटल

Palamu # राषटीय लोक अदालत में 1055  मामले का निस्तारण। 21करोड़ 80 लाख 5  हजार 203 रुपये का मामला सेटल।,लोक अदालत बैकल्पिक विवाद निपटारे का सशक्त मंच  प्रभारी पीडीजे। पलामू के प्रभारी प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश ने किया द्वीप प्रज्ज्वलित कर लोक अदालत का उदघाटन।   लोक अदालत वैकल्पिक विवाद निपटारे का सशक्त मंच है उक्त बातें पलामू के प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार ने कही । वे शनिवार को ब्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के उदघाटन समारोह में बोल रहे थे।उन्होंने कहा कि लोक अदालत में मामले निस्तारण से समय ,शक्ति और पैसे की बचत होती है ।यहां दोनों पक्ष आपसी रजामंदी से मामले निपटाते है। इसलिए उनके बीच जो वैमनस्यता रहता है वह सदा सर्वदा के लिए मिट जाता है ।इसके पूर्ब उन्होंने लोक अदालत का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया ।उन्होंने कहा कि लोक अदालत में मामले निस्तारण से  भाईचारगी बढ़ जाती है ।उन्होंने कहा कि लोक अदालत में किसी भी पक्ष की जीत और हार नहीं होती है।  इस मौके पर अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष मंधारी दुबे ने कहा कि लोक अदालत में जो विवाद का निपटारा होता है उसका अपील नही होता।साथ ही लोक अदालत में जो मामले निपटारा होता है उसमें कोर्ट फीस भी वापस करने का प्रावधान है।उन्होंने कहा कि लोक अदालत में मामले निस्तारण में सभी का योगदान होना जरूरी है ।ताकि बहुत सारे मामले का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से किया जा सके। इस मौके पर प्राधिकार के सचिव अशोक कुमार ने भी लोक अदालत की महत्ता पर चर्चा की और लोगों को अधिक से अधिक मामले निस्तारण कराने की सलाह दी। लोक अदालत में  मामले का निस्तारण किया गया । वही करोड़  लाख हजार  रुपए का मामला सेटल हुआ।मामले निस्तारण को ले 10 पीठों का गठन किया गया था। प्रथम पीठ में पारिवारिक व बच्चों से संबंधित मामले का निस्तारण के लिए बनाया गया था।इसमे  नव पारिवारिक विवाद का निपटारा किया गया। दूसरा पीठ का गठन एम ए सी टी व बिधुत विभाग के मामले के निस्तारण के लिए बनाया गया था इसमे 10 मामले का निस्तारण किया गया ।तीसरा पीठ का गठन सिविल वादों के निस्तारण के लिए किया गया था।इसमे एक भी मामले का निस्तारण नही किया जा सका। चौथा पीठ का गठन अपराधियों  बादो के निस्तारण के लिए किया गया था इसमे  कोर्ट में लंबित19 मामले का निस्तारण किया गया। पांचवा  पीठ  का गठन वन बिभाग व उत्पाद बिभाग के मामले के निस्तारण के लिए किया गया था इसमें 62मामले का निस्तारण किया गया।पीठ संख्या छह रेलवे से संबंधित मामले के निस्तारण के लिए बनाया गया था इसमे रेलवे के 10 मामले का निस्तारण किया गया।पीठ संख्या सात में प्रिलिटिगेशन से  संबंधित मामले के निस्तारण के लिए बनाया गया था इसमे 354 मामले का निस्तारण किया गया।।पीठ संख्या आठ का गठन  एक्सकुटिभ व रेवेन्यू से सम्बंधित मामले निस्तारण के लिए बनाया गया था इसमे सदर एसडीएम के न्यायालय के  125 मामले  के निपटाये गए।पीठ संख्या नव  हुसैनाबाद अनुमंडल कोर्ट में बनाया गया था वहाँ 121 मामले का निस्तारण नही किया गया । व  पीठ संख्या 10  छतरपुर अनुमंडल कोर्ट से सम्बंधित मामले के निस्तारण के लिए बनाया गया था। इसमे  83 मामले 107 के निपटाये गए।इस मौके पर कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश बंशीधर तिवारी,शत्रुंजय कुमार सिंह, निरुपम कुमार,मनोज कुमार अमित गुप्ता ,एम जेड तारा,सफदर अली नैय्यर,विक्रांत रंजन दीपक कुमार,सतीश मुंडा,के अलावे बन बिभाग,उत्पाद बिभाग, बैंक के अधिकारियों के अलावे दर्जनों अधिवक्ता व मामले से जुड़े पक्षकार उपस्थित थे।