मधुमक्खी पालन से प्रत्येक को 30-40 हज़ार रुपये तक का सालाना हो रहा मुनाफा

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने की सोच को सार्थक रूप प्रदान करता रुर्बन मिशन

खूँटी : ग्रामीण सामुदायिक जीवन के सार को संरक्षित करते हुए, अनिवार्य रूप से शहरी माने जाने वाली सुविधाओं को गांव में स्थापित कर आजीविका आधारित कौशल विकास, कृषि एवं तकनीकी क्षेत्र में सुधार तथा ग्रामीण इलाकों की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने की सोच को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने 2016 को 'श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन' की शुरुआत की। जिसे रुर्बन भी कहाँ जाता हैं। 

        खूंटी प्रखंड के बिरहु रुर्बन क्लस्टर का उद्देश्य उसके 17 गाँव तक आर्थिक, सामाजिक मज़बूती पहुंचाते हुए उसे शहरों के विकास से जोड़ना है। 

     इन स्कीम में मुख्य रूप से मधुमक्खी पालन, सोलर वाटर पम्प, सोलर स्ट्रीट लाइट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर, मॉडल आंगनवाड़ी भवन और यात्री शेड पर काम किया गया | जबकि बेकरी, लाह की चुडिया, आचार, मोमबत्ती, अगरबत्ती, बांस के हस्तशिल,जैसी ज़रूरी उत्पाद से आय के अवसर मिले , ऐसे काम व्यापक रूप से चल रहे हैं। इनसे रोज़गार के नए विकल्प खुलने के अलावा लोगों को प्राकृतिक संसधानों का उपयोग कर आमदनी बढ़ाने के रास्ते बताए जा रहे हैं।     मधुमक्खी पालन से लोगों को 30-40 हज़ार रुपये तक का सालाना लाभ हो रहा है। इतना ही नहीं, जगह-जगह अबतक कुल 22 सोलर वाटर पम्प लगाए गए हैं, जबकि मॉडल आंगनबाड़ी की बात करें, तो स्मार्ट क्लासेस ने बच्चों का ध्यान ख़ासतौर पर अपनी ओर आकर्षित किया है। आंगनबाड़ी में मौजूद टीवी से ना केवल बच्चों की मौजूदगी बढ़ रहा है, बल्कि बच्चे बड़ी दिलचस्पी से नई कहानियां-कविताएं सुन और सीख पा रहे हैं।      पेपर मेसी जैसी हस्त कलाकृत्यों ने, महिलाओ को ना केवल आर्थिक आज़ादी दी, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के पथ पर अग्रसर किया। इसके साथ ही यात्री शेड की छांव ने लोगों का सफर आसान किया । अब लोग गर्मी-धूप और बारिश से बचते हुए अपनी मंज़िल तक पहुंच पाते हैं। इसके अलावा, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए, तजना नदी के किनारे बिरहु रिवर पार्क बनाया जाएगा। जिसमें तरह-तरह के झूलो का निर्माण किया जाना है।      खूँटी प्रखण्ड के तिरला पंचायत में रुर्बन मिशन के माध्यम से जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास जारी है। *श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन की चौथी वर्षगांठ के अवसर पर योजना में कार्यरत महिला श्रीमती सावित्री महली द्वारा बताया गया कि इस महत्वकांक्षी योजना से निश्चित ही सकारात्मक परिवर्तन देखा जा सकता है। साथ ही इससे अब ग्रामीण जीवन मे नई उम्मीदें जागृत हो रही है।* ग्रामीणों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए 90 लाभार्थियों के बीच 900 मधुमक्खी बक्से वितरित किए गए हैं।    इसके साथ ही रुर्बन क्लस्टर में सब्जियों को ज्यादा समय तक ताजा रखने के लिए एक कोल्ड स्टोरेज का भी प्रावधान किया जा रहा है। इसके अलावा सामुदायिक शौचालय, गार्डवेल निर्माण, मुक्तिधाम का विकास, सामुदायिक भवन, स्टेडियम, आदर्श विद्यालय, सब्जी मंडी, कृषि उपकरण केंद्र, बिरहु रिवर पार्क, आचार/ मशरूम/अगरबत्ती/ मोमबत्ती/ बांस एवं लकड़ी के हस्तशिल्प व पेपर मेसी जैसे उत्पाद के कई प्रसंस्करण इकाइयों पर कार्य करने हेतु आवश्यक कार्य योजना तैयार की जा रही है।    रुर्बन मिशन के तहत मिले इन सुविधाओं ने निश्चित ही लोगों के जीवन को बेहतर बनाया है। उन्हें रोज़गार के नए मौके प्रदान करते हुए, प्रकृति से कदम-ताल करते हुए प्रगति के पथ पर अग्रसर किया है। नए आयामों को छूता हुआ यह मिशन हर उम्र वर्ग के लिए नई सौगात लिए नई आशाओं को जागृत कर रहा है।