झारखंड के छात्रों व बुजुर्गों को मुफ्त बस सेवा की तैयारी

रांची : झारखंड में अब भी कई ऐसे गांव हैं, जहां से जिला मुख्यालय तक यातायात के सुगम साधन नहीं है. इसका असर ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं और बुजुर्गों पर पड़ता है. विद्यार्थी आगे की पढ़ाई नहीं कर पाते. वहीं, बुजुर्ग किसान अपनी खाद्य सामग्री हाट बाजार में नहीं बेच पाते. बीमार पड़ने पर बुजुर्गों को ज्यादा कठिनाई होती है. इन सब को देखते हुए अब हेमंत सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों और बुजुर्गों को तोहफा देने की तैयारी में जुट गयी है.सरकार की योजना लागू हो गयी तो ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को जिला मुख्यालय स्थित शिक्षण संस्थान और बुजुर्गों को उनके गांव से जिला मुख्यालय और आसपास के हाट बाजार तक आने-जाने के लिए मुफ्त बस सेवा की सुविधा मिल सकेगी. इसके लिए वैसे विद्यार्थियों और बुजुर्गों की पहचान कर उन्हें सरकार के स्तर पर पास दिया जायेगा. पास दिखा कर वे बस में मुफ्त सेवा का लाभ उठा सकेंगे. परिवहन मंत्री चंपई सोरेन के निर्देश पर विभागीय अधिकारी तैयारी में जुट गये हैं. विद्यार्थियों और बुजुर्गों को निजी बस के जरिये सेवा दी जाने की बात कही गयी है.

परिवहन मंत्री के निर्देश पर प्रस्ताव तैयार करने में जुटे अधिकारी

डीटीओ चिह्नित करेंगे मार्ग, बनेगा छात्र और बुजुर्गों का डाटा

 मंत्री के निर्देश के बाद परिवहन विभाग ने जिलों के डीटोओ को ग्रामीण क्षेत्र के वैसे मार्गों को चिह्नित कर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है, जहां यातायात के सुगम साधन मौजूद नहीं है. वहीं, उस क्षेत्र के विद्यार्थियों और बुजुर्गों का डाटा तैयार करने की जवाबदेही स्थानीय प्रशासन को दी गयी है. रिपोर्ट आने के बाद विभाग प्रस्ताव प्रस्ताव तैयार करेगा कि बस की सुविधा देने पर कितना खर्च आयेगा और निजी बस संचालकों को विभाग किस मद से पैसा दिया जायेगा.ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों और बुजुर्गों को पास के जरिये मुफ्त बस सेवा देने के लिए विभाग के स्तर पर तैयारी की जा रही है. सभी जिलों के डीटीओ और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गयी है. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी.