महाशिवरात्रि के अवसर पर किया गया सत्संग कार्यक्रम

विवाह शुभ होना चाहिए अशुभ नही - बहन पार्वती

खूँटी : महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर सारीदकेल गाँव में एकदिवसीय आध्यात्म कथा का आयोजन किया गया था।  इस अवसर पर अयोध्या के रामकथा योजना मठ फैजाबाद के शिष्या प्रवाचिका पार्वती बहन ने कथा वाचन करते हुए भगवान शंकर और पार्वती के विवाह परिणय उत्सव पर के विवरण प्रस्तुत की । और कहा कि विवाह शुभ होना चाहिए अशुभ नहीं। प्रेम की कोई सीमा या बंधन नहीं , परंतु प्रेम में स्वार्थ या भोग-विलास और खिलवाड़ साधन मात्र नहीं है। यह ब्रंम्हाण्ड की रचना शुभ सात्त्विक रुप में संचालन करने का कर्ता स्वरुप का निर्माण करने वाले होते हैं। भगवान शंकर के अंदर अंतरात्मा में यही रूप को दक्ष कन्या सती ने देखी थी । और इसी गुण और रचना को आत्मसात् करने का भाव जगाया था । इसीलिए दक्ष प्रजापति से विवाह की बात सती ने कही थी।     उन्होंने ईश्वर आध्यात्मिक सत्य कथा को विस्तृत करते हुए बतलाया कि विवाह दो आत्माओं का मिलन है । जिससे संसार का संचालन सुचारू रूप से चलता है। इसीलिए सभी विवाह को शुभ विवाह कहते हैं और शुभ विवाह पर लालसा का भाव स्वार्थ रूप में पनपता है जिससे घरों में कलह और अशांति फैलती है। इस कार्यक्रम में सत्संग की पूरी टीम के साथ ग्रामीण जनता ने सत्संग का आनंद उठाते हुए भजन संध्या का भी आनंद उठाया।