नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितता सामने आयी है

नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितता सामने आयी है

पलामू: नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितता सामने आयी है. शिकायतों की पुष्ट जानकारी होने के बाद राज्यपाल सचिवालय से विशेष कार्य पदाधिकारी राजकमल मिश्रा ने कार्रवाई की है. पत्रांक एनपीयू-2ध्2012-2987 दिनांक 27.11.2019 के तहत एनपीयू के कुलपति डा. एसएन सिंह को निर्देश दिया गया है कि उठाए गए आपतियों-बिन्दुओं का निराकरण 30 दिनों के भीतर करें. साथ ही रिपोर्ट योजना सह वित्त (अंकेक्षक) विभाग, रांची को भेजते हुए राज्यपाल सचिवालय को अवगत कराए. 

कुलपति को यह भी निर्देश दिया गया है कि अपने स्तर से वेतन में बरती गई अनियमितता की जांच कर कर्मियों से राशि की वसूली करें. पत्र में कहा गया कि वेतनमद में 19,63426 रूपये अधिक का भुगतान किया गया है. उस राशि की वसूली भी की जाए. 

क्या है मामाला?

आरोप है कि संतोष कुमार लिपिक की नियुक्ति तिथि 29.05.1990 है. इनकी नियुक्ति तिथि से 1200-30-1800 का वेतनमान देय था, किन्तु उन्हंे नियुक्ति तिथि से ही 1320त्र30-1560-40-2040 का वेतनमान स्वीकृत किया गया था. जो नियमानुकूल नहीं है. पत्र में कहा गया है कि संतोष कुमार, संजय कुमार सिंह, राजीव मुखर्जी एवं वेदप्रकाश शुक्ला, इन सभी लिपिकों को 01.01.12 नामतिकरण के फलस्वरूप वेतनमान 9300-34800 ग्रेड पे 4600 स्वीकृत किया गया, जो नियमानुकूल नहीं है. इसके बदले उन्हें 5200-20 200 ग्रेड पे 2400 का वेतनमानदेय होना चाहिए.

उच्च शिक्षा निदेशक का यह है गाइड लाइन 

कहा गया है कि इस संबंध में उच्च शिक्षा के निदेशक के पत्रांक 1567 दिनांक 17.12.19 के द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृत एवं रिक्त पद किसी कर्मचारी के नामितिकरण से नहीं भरे जाते हैं, बल्कि सीधी नियुक्ति या समान पद या समान वेतनमान पर कार्यरत कर्मचारियों के स्थानान्तरण से भरे जाते हैं. 

एनपीयू के कुलसचिव ने स्पष्ट किया था 

इस संबंध में एनपीयू के कुलसचिव के ज्ञापांक 362 दिनांक 01.08.09 के द्वारा स्पष्ट किया गया है कि नामितिकरण नियमानुसार नहीं है तथा इस आदेश को निर्गत होने की तिथि से निदेशक (उच्च शिक्षा) के पत्रांक 1567 दिनांक 17.12.19 द्वारा रद्द करने का निर्देश दिया गया है. 

कर्मियों के अनुसार राशि की वसूली का निर्देश 

कहा गया है कि उक्त परिप्रेक्ष्य में कर्मचारियों के नामितिकरण के फलस्वरूप निर्धारित वेतनमान में अधिक राशि वसूली योग्य है. इनमें से संतोष कुमार से 5,50626 रू. संजय कुमार सिंह से 4,50846 रू., राजीव मुखर्जी से 3,41382 रू. और वेदप्रकाश शुक्लस से 4,95120 रू. वसूली योग्य है.