जनगणना 2021 को लेकर जिला स्तरीय फील्ड ट्रेनरों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

  • मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना में मोबाईल ऐप का प्रयोग की दी गई जानकारी

भारत की प्रथम डिजिटल जनगणना होने के कारण पूर्व की जनगणनाओं से भिन्न--- उप विकास आयुक्त

खूँटी । जनगणना 2021 के कार्यों का सफल निष्पादन हेतु जिला गामीण विकास अभिकरण के सभागार में आयोजित जिला स्तरीय फील्ड ट्रेनरों जिला स्तरीय फील्ड ट्रेनरों के लिए  प्रशिक्षण शिविर आज समाप्त हो गया। 

    इस दौरान जिला स्तरीय ट्रेनों को विभिन्न सम्बन्धित विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया ताकि उनके द्वारा प्रगणकों को उचित रूप से प्रशिक्षित किया जा सके। साथ ही बताया गया कि अगला प्रशिक्षण सत्र 2 मार्च एवं 3 मार्च को दिया जाना है।

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को जनगणना प्रशिक्षण में नजरी नक्शा तैयार करना तथा भवनों और जनगणना मकानों का नंबर लेना, मकान सूचीकरण और मकानों की गणना सूची को भरना, परिवार के लिये सुविधा की उपलब्धता, उनके द्वारा धारित परिसंपत्तियां, मकान सूचीकरण और गणना का सार तैयार करना और दस्तावेजों को जमा करना आदि के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया तथा प्रशिक्षणार्थियों के शंकाओं का समाधान भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में किया गया। 

     उप विकास आयुक्त अरविंद कुमार मिश्र ने कहा कि यह जनगणना भारत की प्रथम डिजिटल जनगणना होने के कारण पूर्व की जनगणनाओं से भिन्न हैं। इस जनगणना में प्रगणकों को स्वयं के मोबाईल फोन का उपयोग करते हुए परिवारों से डिजिटल रूप से आंकड़े संकलित करने का कार्य किया जायेगा। इसके अलावे जनगणना के काम में लगाए गए अधिकारियों व पदाधिकारियों को विभिन्न भाषाओं में जानकारी उपलब्ध कराने के लिए जनगणना निगरानी और प्रबंधन पोर्टर की व्यवस्था की गयी है। जनगणना के पहले चरण में प्रगणक मुख्यतः मकानों की स्थिति, परिवार के पास उपलब्ध सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों से संबंधित आंकड़े एकत्रित किया जाना हैं। ऐसे में आप सभी से आग्रह होगा इस प्राशिक्षण के उपरांत अपने अधिनस्थ कर्मियों को भी जनगणना हेतु आप सही तरीके से प्रशिक्षित कर सकेंगें।  सभी को इससे जुड़ी विस्तृत जानकारी देने हेतु किया गया है। सही प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात हीं सरल तरीके से जनगणना का कार्य करने में आप सभी सहूलियत होगी। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद आप सभी अपने-अपने क्षेत्र में प्रवेक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। अपर समाहर्ता ने बताया कि प्रगणक जितना बेहतर कार्य करेगा उतना ही बेहतर तरीके से जनगणना कार्य संपन्न होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण को गंभीरता से लें क्योंकि आपका यह अहम दायित्व है। साथ ही उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को जनगणना से संबंधित सभी बारीकियों के बारे में विस्तार से बताया। बताया गया कि संपुष्ट करना है कि कोई भी क्षेत्र छूटा अथवा दोहराया न गया हो। इन सब के अतिरिक्त अन्यान्य विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।

     प्रशिक्षण के दौरान भूमि सुधार उप समाहर्ता सह मास्टर प्रशिक्षक जितेंद्र सिंह मुंडा ने कहा कि भारत के इतिहास में यह पहली जनगणना जिसे मिश्रित माध्यमों , मोबाईल ऐप व वैकल्पिक रूप से कागज की अनुसूचियों के सहायता से संपादित किया जाएगा। जिसे मोबाईल ऐप की सहायता से समस्त डाटा अनुसूचियों व आईसीआर प्रोसेसिंग हेतु बिना किसी अतिरिक्त संभार तंत्र (लाॅजिस्टिक्स) के प्रोसेसिंग के लिए तत्काल तैयार किया जा सकेगा।  मोबाईल ऐप के जरिये आंकड़ा संग्रहण होने से प्रासंगिक आंकड़ों की आईसीआर प्रोसेसिंग का भार भी कम करने में सहायता मिलेगी। इससे जनगणना के आंकड़े और परिणाम का शीघ्र व ससमय प्रकाशन किया जा सकेगा।  कार्यपालक दंडाधिकारी सह मास्टर ट्रेनर श्रीमति कनक ने जिला स्तरीय फील्ड ट्रेनरों को बताया कि ऐप  सीएमएमएस पोर्टल पर प्रगणना ब्लाॅक आवंटन के बाद ही मोबाईल का पंजीकरण करें। तथा आवंटित क्षेत्र का सत्यापन अवश्य कर लें। किसी भी तरह की दिक्कत होने पर अपने चार्ज अधिकारी से संपर्क कर समस्या का निराकरण करें। और डाटा लाॅक वास्तविक करते रहें ‌‌। क्षेत्रीय कार्य करने से पहले संभावित मकानों की संख्या सावधानी पूर्वक भरा जाना चाहिए।