12 वीं के छात्रों के बाद अब 11वीं के पाँंच छात्रों का एडमिट कार्ड नहीं पहुँचा

जवाबदेही से अनदेखी ने कर रहा छात्रों के भविष्य से खिलवाड़

खूँटी : जवाबदेही से मुँह मोड़ना कहें या छात्रों के जीवन से खिलवाड़ करना कहें। आखीर जबतक कर्मी जागरुक न हों तो कैसे निर्माण करेंगे  देश के भविष्य कर्णधार को।खूँटी में अभी बिरसा कॉलेज के 12 वीं के एडमिट कार्ड का मामला थमा भी नहीं था कि फिर 11वीं के पाँंच छात्रों का एडमिट कार्ड ना आना फिर से चर्चा का विषय बन गया। और पाँच फरवरी से परीक्षा आरम्भ भी हो गई। इस बार ग्यारहवीं के कॉमर्स के पांँच छात्रों का एडमिट कार्ड नहीं मिला । जिसके कारण वे परीक्षा नहीं लिख पा रहे हैं । जिसमें फिलिप बडिंग, महेश कुमार महतो, अंकित कुमार मांझी, मयंक पाठक और एडविन मुंडा को एडमिट कार्ड नहीं मिल पाया। ऐसी परिस्थिति छात्रों की निराशा ने हंगामें को बुलावा देती हुई भी दिखाई दे रही है। लगातार इस तरह की घटनाएँं कॉलेज प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है। छात्रों का कैरियर बिना उनकी गलती के ही बिगड़ रहा है। और भविष्य निराशाजनक अंधकारमय नजर आ रहा है । लोगों की जुबान में महाविद्यालय प्रबंधन पर अविश्वसनीयता झलक रही है। ऐसी बातों को सुन पढ़ाई के मामले में चिंतनीय भाव प्रकट कर रहे हैं।छात्रसंघ के सदस्यों के साथ सभी छात्र उपायुक्त के पास पहुँचे, जहाँ छात्रों ने अपनी समस्या सुनाई। आश्वासन तो मिला परंतु पिछले 24 विद्यार्थियों के भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ से  छात्रों के एक साल खोने का डर कम होता नहीं दिखा । आखिर ऐसा कब तक चलेगा और जिले के इकलौते महाविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में कब तक सुधरेगा यह समाज में महाविद्यालय प्रबंधन पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।