खूँटी - स्वरोजगार की जागृति बना रहा महिलाओं को सस्वावलम्बी


खूँटी । ग्रामीण महिलाओं में स्वावलम्बी बनने की भावना की जागृति दिनों दिन बढ़ती जा रही है। मसिलाएँ किसी न किसी रूप में स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर कार्यों में लगे हैं । इसका उदाहरण जिले का सुदूरवर्ती गाँव  अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी रहे खेल जगत में देश और राज्य को पहचान दिलाने वाले स्व. जयपालसिंह मुण्डा के गाँव टकरा की महिलाएँ लाह की चूड़ीयाँ बनाकर कुटीर उद्योग को बढ़ावा दे रही हैं। लाह चूड़ी निर्माण के क्षेत्र में खूंँटी जिला के सिलादोन क्लस्टर का है। वहाँं की महिलाएंँ सखी मंडल से बैंक से कैश क्रेडिट लोन (सीसीएल) लोन लेकर लाह चूडी निर्माण का कार्य कर रही है। इससे जीविकोपार्जन के लिए अच्छी आमदनी हो रही है। ग्राम-टकरा की नारी गुंजन आजीविका महिला ग्राम संगठन में कुल 25 सदस्य हैं। ये प्रतिदिन 8 से 10 घंटे कड़ी मेहनत कर चूड़ी का निर्माण कार्य कर रही है। इन्हें इस कार्य के लिए 3 महीने का मुफ्त प्रशिक्षण भी दिया गया है। जिसमें इन्हें प्रति सदस्य को 2500 रुपये का सहयोग राशि प्रदान की गई है। साथ ही बैंक की ओर से 50,000 रुपये का कैश क्रेडिट लोन तथा स्वयं के द्वारा 10,000 रुपये की पूंजी निवेश कर इन्होंने अपना लाह चूड़ी बनाने का कार्य प्रारंभ किया है। 

 ग्रामीण विकास विभाग झारखंड सरकार सखी मंडल की दीदी के जीविका संवर्धन में लगातार प्रयास कर रही है। ग्रामीण विकास विभाग, जेएसएलपीएस खूंटी के सहयोग से ग्राम टकरा की नारी गुंजन आजीविका महिला ग्राम संगठन की महिलाओं के साथ लाह चूड़ी बनाने का कार्य प्रारंभ किया गया। स्वरोजगार सें उन्हें अत्यधिक लाभ प्राप्त हो रहा है, साथ ही स्वरोजगार की दिशा एक सक्रिय कदम बढ़ा कर इनकी मासिक आमदनी का बेहतर स्त्रोत भी है। लाह चूड़ी निर्माण के क्षेत्र में सखी मंडल की दीदियों का उत्साह सराहनीय है।