मनरेगा अंतर्गत बिरसा मुंडा बागवानी योजना ने जोहन को पलायन से रोका

भविष्य में आम बेचकर अपनी आर्थिक स्थिति को करेंगे सुदृढ़- जोहन

Brajesh Kumar खूँटी । जोहन तोपनो जिले के तोरपा प्रखंड अंतर्गत उड़ीकेल पंचायत के जिबिलोंग ग्राम के रहने वाले हैं। बेरोजगारी एवं साधन विहीनता से परेशान होकर वह पलायन करने की सोच रहे थे।  पर, अब वह प्रखंड क्षेत्र के अन्य युवा किसानों में शामिल हैं जो वर्ष 2018-19 में  मनरेगा से जुडे़। और बिरसा मुंडा बागवानी योजना के तहत अपने एक एकड़ जमीन में आम के उन्नत किस्म आम्रपाली के 112 पौधों का रोपन किया। जोहन जैसे किसानों ने आनेवाले वर्षों में आम का फल बेचकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को और बेहतर करने का सपना संजोया है। साथ ही आम बगान में सब्जी की खेती से अधिक से अधिक आमद प्राप्त करने की योजना बना रहे हैं। जोहन ने बताया कि वह बेरोजगारी एवं साधन विहीनता से परेशान होकर काम की तलाश में पलायन करने की सोच रहे थे। इसी दरम्यान ग्राम सभा द्वारा उनकी जमीन पर मनरेगा योजना के तहत आम बागवानी योजना का प्रस्ताव पारित किया गया। इससे पलायन करने की उनकी सोच बदल गई। उन्होंने अपनी एक एकड़ भूमि पर आम्रपाली के पौधे लगाए। प्रखंड एवं जिला प्रशासन के सहयोग से मनरेगा के तहत उन्हें सिंचाई के लिए एक कुआँ भी स्वीकृत किया गया। सिंचाई का साधन हो जाने के बाद जोहन ने अपने आम के बागीचे में पत्तागोभी, फूलगोभी, टमाटर, मिर्चा, मूली आदि सब्जी फसलों की खेती की। इन उत्पादों को स्थानीय बाजार में बेचने से उन्हें अच्छी आमदनी प्राप्त हुई। जोहन के परिवार में उनकी पत्नी, दो बच्चे एवं उनके माता-पिता हैं। बड़ा परिवार होने के कारण घर मुश्किल से चल पाता था। आम बगान में अन्तः फसल लेने के बाद प्राप्त आमदनी से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति  धीरे- धीरे मजबूत होनेे लगी है। वह कहते हैं कि भविष्य में आम बगान से प्राप्त होने वालेे आम की बिक्री कर अपनी आर्थिक विकास को गति देने का काम करेंगे।