विधानसभा में जरिया गढ़ को प्रखण्ड बनाने की मांग उठी

 जरिया गढ़ को प्रखण्ड का दर्जा देने से होगा चहुंमुखी विकास कोचे

ब्रजेश कुमार )खूँटी । विधानसभा में तोरपा विधायक कोचे मुण्डा ने आज खूँटी जिले के जरिया गढ़ को प्रखण्ड बनाने की मांग सदन में जोरदार ढंग से उठाया।   शुन्यकाल के दौरान कोचे मुण्डा सदन में बात उठाते हुए कहा कि जरिया गढ़ आज के प्रखण्ड केन्द्र से अत्यधिक दूरी होने के कारण सरकारी लाभ से वंचित हो रहे हैं । प्रखण्ड कार्यालय  सुदूरवर्ती  फेरी , बाजार वाले अल्प जोत किसान, बर्तन बनाने वाले गरीब ग्रामीण भाड़ा दे पाने में ग्रामीण अक्षम हैं। अतः जरिया गढ़ को प्रखण्ड बनाने से क्षेत्र का विकास की गति तेजी से बढ़ेगा । लोग स्वावलम्बी होंगे। प्रखण्ड केन्द्र बनने से रोजगार के साधन बढ़ेंगे। प्रखण्ड स्तर का कार्य आसान होगा। समय और पैसा दोनों बचेगा। दुकानें और व्यवसाय बढ़ेंगे । पलायन रुकेगा। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी तो शिक्षा का स्तर बढ़ेगा। बता दें कि, जरिया गढ़ को प्रखण्ड बनाने की मांग बहुत पुराना है। मांग आज का नहीं  है। लोग इसके लिए भाजपा सरकार के कालखण्ड में की जगह बातें रखी भी जा चुकी है। सदन में इसकी बात उठने से ग्रामीण खुश और जनप्रतिनिधि का आभारी हैं । जिसमें वयोवृद्ध भाजपा नेता समाजसेवी रवि मिश्रा, उपप्रमुख महावीर गोप, संकर्षण साहु, सचिन पाढ़ी, पंचानन दास, ब्रजेश कुमार, विनय गुप्ता, सभी छः पंचायत के मुखिया नीनी पहनाईन, मीना देवी, पुष्पा आईंद, पुर्व मुखिया जुरा पाहन के साथ क्षेत्र के लोग खुश हैं।  

हिन्दुस्तान सवेरा” लिख चुका है इसकी बात--

क्यों जरूरी है जरिया गढ़ को प्रखण्ड बनाना

जरिया गढ़ थाना क्षेत्र कर्रा प्रखण्ड केन्द्र से लगभग तीस किलोमीटर तक दूर हो जाता है। ग़रीबी और दूरी लोगों के विकास का बाधक बनता है। किसी तरह जीवनयापन करने वाले लोगों के लिए सरकारी लाभ से वंचित और ठगे महसूस करते हैं। प्रखण्ड कार्यालय से एक दिन में कार्य सम्पादित हो पाना मुश्किल होता है। यह सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र होने से किराया भाड़ा दे पाने में ग्रामीण अक्षम हैं। ग्रामीणों का मुख्य धंधा फेरी करना , बाजार करना, अल्प जोत किसान, बर्तन बनाना आदि है । ऐसी अभावग्रस्त जीवन में सरकारी लाभ और सहायता के लिए ग्रामीण दौड़े, या दो जून की रोटी का जुगाड़ के लिए । ऐसी स्थिति में क्षेत्र और भी पिछड़ता हुआ ग़रीबी के आगोश में धँसता जा रहा है । लोग पलायन करने लगे हैं। यह गाँव क्षेत्र रमणीय और भरा पूरा हुआ करता था और आज का वर्तमान परिदृश्य परिस्थिति का मारा उजड़ा बियाबान प्रतित होता है। लोग बेरोजगार हैं। पूँजी का अभाव और तकनीकी समस्या जीवन को नोच रहा है।  प्रखण्ड केन्द्र बनने से बहुत हद तक समस्या से निजात मिल सकेगा । रोजगार के साधन बढ़ेंगे। प्रखण्ड स्तर का कार्य आसान होगा। समय और पैसा दोनों बचेगा। दुकानें और व्यवसाय बढ़ेंगे । पलायन रुकेगा।आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी तो शिक्षा का स्तर बढ़ेगा। गाय बकरी चराने के जगह अभिभावक बच्चों को पढ़ाई पर ध्यान देंगे। यानि चहुंमुखी विकास तब होगा जब यहाँ जरिया गढ़ प्रखण्ड बनेगा।