बिजली बिभाग के बिरोध में जगन्नाथपुर रहा बंद, लोग हुए परेशान



मामलाः फीडर निर्माण व बिजली के पोल तथा तार बदलने के नाम पर संवेदक धन्नजय सिंह द्वारा बगैर काम किये ही निकाल लिया लाखों रूपये


12 ट्रास्फर्मर में सूईच नहीं, जंहा तहां झुलते सड़े तार व जर्जर अवस्था में लगा है पोल


आये दीन हो रही है हादसा, विभाग है मौन


आये दिनों कई दिनों तक रहते है जगन्नाथपुर वासी अंधेरे में


ग्रामीणों ने की राशी घोटाले की जांच करने व संवेदक के बिरूद्व मामला दर्ज करने की मांग


भास्कर न्यूज जगन्नाथपुर। जगन्नाथपुर प्रखंड मुख्यालय में प्रयाप्त बिजली सुविधा के लिए चार वर्षो से अधर में पड़ा अलग फीडर निर्माण कार्य पूरा करने व सड़े गले जर्जर अवस्था में लगे तार व बिजली के खंबों का मरम्मत किये बगैर संवेदक धन्नजय सिंह द्वारा लाखों रूपये निकाल लिये जाने के बिरोध में शनिवार को जिला कांग्रेस के प्रधान महासचिव के अह्वान पर जगन्नाथपुर बंद किया गया.इस बंद को लेकर बाजार के सभी दुकानदार व ग्रामीणों ने सहयोग देकर जगन्नाथपुर अनुमंडल के बिजली विभाग के एसडीओ व संवेदक धन्नजय सिंह के बिरूद्व बिरोध प्रदर्शन कर आंदोलन को और आगे बढ़ाने का निर्णय लिया.कहा गया की बिजली विभाग पदाधिकारी और संवेदक धन्नजय सिंह फीडर के अधुरे पड़े कार्य व बिजली मरम्मत के नाम पर बगैर काम किये निकाल गये लाखों रूपये की राशी का हिसाब दें, अन्यथा जगन्नाथपुर के ग्रामीण एक जूट होकर पूर्व की तरह पुनः उग्रआंदोलन चलायेगी और बिभाग के एसडीओ और संवेदक को बंधक बनाने पर मजबुर नहीं करें.आज जगन्नाथपुर वासियों को कई कई दिन अंधेरा में दिन गूजारना पड़ता है,जबकी ग्रामीण क्षेत्र में बिजली रहती है.बिजली विभाग जगन्नाथपुर वासियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है.इधर सरकार को भी आड़े हाथ लेते हुआ कहा कि बिजली ठीक से मिलती नहीं,और बिजली बिल में अप्रत्याशीत बढ़ोतरी कर दी गई है.


क्या है मामला


जगन्नाथपुर अनुमंडल के प्रखंड मुख्यालय के जगन्नाथपुर वासियों को प्रयाप्त बिजली मिले इस मांग को लेकर ग्रामीणों द्वारा वृहत रूप से आंदोलन चलाया गया था.इसी आंदोलन के बाद तत्कालिन उपायुक्त के पहल व बिजली बिभाग के कार्यापालक अभियंता द्वारा जगन्नाथपुर में बिजली व्यवस्था बेहतर करने के लिए अलग से फिडर निर्माण करने की स्वीकृति वर्ष 2013 में ही दी गई थी.अलग फीडर निर्माण करने की स्विकृति मिलने के बाद जगन्नाथपुर अनुमंडल के बिजली विभाग के तत्कालिन एसडीओ मनोज कुमार सिंह व संवेदक धन्नजय सिंह के द्वारा फीडर निर्माण के लिए प्राकलन तैयार कर विभाग के पास भेजा गया था.इस प्राकलन राशी का ब्यौरा जाते ही बिभाग द्वारा राशी की आंवटन कर दी गई थी, इसके बाद अलग फीडर का निर्माण कार्य स्विकृति मिलने के एक वर्ष बाद काम शुरू कर दिया गया था संवेदक धन्नजय सिंह द्वारा तत्कालिन एसडीओ के देख रेख में.लेकिन कार्य पुरी हुई नही और आवंटीत राशी खर्च हो जाने की बात कह दी गई.महज बीस प्रतिशत ही फीडर निर्माण का कार्य कर अधुरा छोड़ दिया गया जो आज तक अधुरा पड़ा है.लेकिन विभाग के एसडीओ और संवेदक धन्नजय सिंह द्वारा कितने राशी खर्च किया गया इसका लेखा जोखा आज तक नहीं दिया गया.इसके बाद फीडर निर्माण कार्य का हिस्सा बताते हुए संवेदक धन्नजय कुमार सिंह और तत्कालिन एसडीओ मनोज कुमार सिंह द्वारा विभाग से तार और पोल बदलने के लिए अलग से 18 लाख रूपये का प्राकलन तैयार कर राशी की मांग की.विभाग नें 18 लाख रुपये लकड़ी के पोल और जर्जर तार, इंसुलेटर तथा ऐंगल व सूईच बदलने के लिए दिये.लेकिन नवाज हुसैन द्वारा विभाग को इंसूलेटर और ऐंगल निजी राशी से खरिद कर दिया उसके बावजूद विभाग के अभियंता व संवेदक धन्नजय सिंह द्वारा ना लकड़ी के बिजली वाली पोल बदला और ना ही जर्जर अवस्था में झुलते हुए तार को बदला और बगैर काम किये ही 18 लाख रूपये निकाल लिये गये.नतिजा जिसके कारण कई लोगों की मौत हो गई,कई मवेशी मरे और जगन्नाथपुर वासियों को इसका खामियाज भुगतना पड़ रहा है.अंतः थक हार कर इस मामले को लेकर ग्रामीणों द्वारा बिभाग के अधिकारी को थाना में ही बंधक बनाया गया था लेकिन उस वक्त भी तत्कालिन एसडीओ और संवेदक द्वारा ग्रामीणों को झुठा आश्वासन देकर भागते फीरते रहे.इधर 27/2/17 को जब चरमराती बिजली व्यवस्था से तंग आकर ग्रामीणों ने बिभाग पर दबाब बनाना शुरू किया तो बिभाग के तत्कालिन एसडीओ मनोज कुमार सिंह और संवेदक धन्नजय सिंह ने ग्रामीणों से 15 दिन के अंदर फीडर निर्माण कार्य पूरा करने के आश्वासन पर जगन्नाथपुर के ग्रामीणों के साथ सर्वे की गई.लेकिन सर्वे के बाद फिर नदारद हो गये आज तक कार्य को शुरू नहीं किया गया.इन्ही मामले को लेकर किया गया जगन्नाथपुर बंद.


क्या हो रहा नुकसान

जगन्नाथपुर में अलग फीडर निर्माण नहीं होने से आये दीन तीन तीन दीन तक लगातार बिजली नहीं रहती है,जिसके कारण जगन्नाथपुर शहरी क्षेत्र के लोग अंधकार में रहते है.साथ ही बच्चों का पढ़ाई भी प्रभावित हो जाता है,बाजार भी प्रभावित होता है.इतना ही नही सरकारी कार्य भी प्रभावित रहते है.


अलग फीडर का निर्माण होते जगन्नाथपुर से बिजली की आंखमिचौली हो जायेगी बंद


जगन्नाथपुर अनुमंडल के प्रखंड मुख्यालय के डीपासाई पावर ग्रीड से जगन्नाथपुर का अलग फीडर का निर्माण होने कार्य पुरा हो जाने से क्षेत्र में हो रही बिजली आपूर्ति की समस्या का पूर्ण रुप से समाप्त हो जायेगी. और लोगों को प्रयाप्त बिजली मिलना शुरू हो जायेगा.साथ ही लो वोल्टेज और सरडाउन से भी निजात मिल जायेगी.इतना ही नहीं विभाग को फोल्ट खोजने में भी आसान हो जायेगा.


जगन्नाथपुर के चौदह गांव रहता है प्रभावित


जगन्नाथपुर प्रखंड मुख्यालय में यदी किसी खराबी या तेज अंधर पानी होने पर यदी बिजली चली गई तो जगन्नाथपुर पंचायत का चौदह गांव अंधेरे में रहती है.जबकी अन्य गांव में बिजली रहती है.


क्या क्या है गरबड़ी

सभी जगह झूल रहें है जर्जर अवस्था में तार,जिसे लोग आसानी से खड़े होकर पकड़ लेते है.

लकड़ी के पोल और कंक्रीट पोल भी छतीग्रस्त कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा.

जगन्नाथपुर में लगें है चौदह  ट्रास्फर्मर जिसमें बारह ट्रास्फर्मर में आज तक बिभाग ने नहीं लगाया है मेन सूईच.