सिविल सर्जन ने कोरोनावायरस पर प्रभारियों को दिया प्रशिक्षण

सिविल सर्जन ने कोरोनावायरस पर प्रभारियों को दिया प्रशिक्षण वायरस हवा में नहीं बल्कि वस्तु पर या किसी जीव पर से फैलता है - सिविल सर्जन खूँटी ।  सदर अस्पताल में आज नोवेल कोरोनावायरस से सम्बन्धित प्राशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने  जिले के सभी प्रखण्ड कार्यक्रम प्रबंधकों को इससे बचाव के बारे में जानकारी दी । जो प्रशिक्षण प्राप्त कर  क्षेत्र में कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करने की दिशा में प्रशिक्षण दिया जाएगा। मौके पर सिविल सर्जन ने बताया कि कोरोना वायरस के प्रति गम्भीर दृष्टिकोण व जागरूकता आवश्यक है।  इस दौरान उन्होंने बताया कि स्वच्छता व सावधानी अत्यंत महत्वपूर्ण है। लगातार हाथ धोते रहें, स्वच्छता बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है। छींकते या खांसते समय अपने चेहरे को ढककर रखें। अगर आपको शक है कि आपमें ऐसा कोई लक्षण है तो नजदीकी अस्पताल में जाएंँ। सांसों की किसी तकलीफ से संक्रमित मरीजों के करीब जाने से लोगों को बचने की सलाह सभी को दी गई। नियमित रूप से हाथ साफ करते रहें, खासकर किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के फौरन बाद, पालतू या जंगली जानवरों से दूर रहने की सलाह भी दी गई है। कच्चा या अधपका मांस खाने से मना भी किया गया है  पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी गई महत्वपूर्ण जानकारी--* इसी क्रम में पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से वीडियो क्लिप का प्रदर्शन कर बताया गया कि इस वायरस का आकार 400 से 500 माइक्रोन होता है तो कोई भी मास्क इसे रोक सकता है। ज्यादा कीमत का मास्क लेने की आवश्यकता नहीं है। यह वायरस हवा में नहीं रहता, यह किसी वस्तु पर या किसी जीव पर ही एक जगह से दूसरी जगह जाता है। इसलिए यह हवा से नहीं फैलता। यह वायरस धातु पर पड़ा हो तो 12 घंटों तक ही जीवित रहता है, किसी ऐसी संक्रमित धातु को छूने के बाद साबुन और पानी से अच्छी तरह हाथ धोए। दिन में कई बार अपने हाथों को धोए। कपड़ों पर यह वायरस 9 घंटो तक रहता है, कपड़ों को अच्छी तरह साबुन से धोएं और धूप में अच्छी तरह सूखने दें। यह वायरस 26 से 27 डिग्री तापमान पर आने पर मर जाता है, इसलिए गर्म पानी पिएँ और सूरज की धूप लें, आइसक्रीम और ठंडे पदार्थ खाने से परहेज करें। गर्म नमक के पानी से गरारे करें, यह वायरस को फेफड़ों तक पहुंचने से रोकता है। भीड़भाड़ वाले स्थानों में जाने से बचें। अंडा व किसी भी प्रकार का मीट मछली आदि का सेवन करने से परहेज करें। साथ ही इसके बचाव व सतर्कता से सम्बन्धित जानकारी लोगों को उपलब्ध कराएं। ताकि आमजनों के बीच जागरूक वातावरण बन सके।इस दौरान उपस्थित प्रशिक्षकों को जागरूकता सामग्री पोस्टर, पम्पलेट व हैंडबिल का वितरण किया गया। जिससे लोगों को इस दिशा में आवश्यक रूप से प्रोत्साहित किया जा सके।