पलामू जिले के छतरपुर प्रखंड अंतर्गत लठैया सुशीगंज गांव में गोवा से मजदूरी कर लौटे एक मजदूर के परिवार में दो लोगों की मौत

पलामू जिले के छतरपुर प्रखंड अंतर्गत लठैया सुशीगंज गांव में गोवा से मजदूरी कर लौटे एक मजदूर के परिवार में दो लोगों की मौत हो गयी है. दोनों रिश्ते में पिता-पुत्री थे. एक के शव को दफना दिया गया है, जबकि एक के शव को जला दिया गया है. घर की एक महिला संबंधित बीमारी से पीड़ित है. महिला के पति ने उसका इलाज नहीं कर झाड़फूंक करा रहा है. हालांकि स्वास्थ्य विभाग बीमार महिला और उसके पति की खोजबीन में जुटा हुआ है. एक सप्ताह के भीतर पिता-पुत्री की मौत से ग्रामीणों में खौफ में है. ग्रामीण मौत के पीछे कोरोना से हुई मौत मान कर चल रहे हैं. 

जिले के सिविल सर्जन डा. जाॅन एफ कनेडी ने बताया कि सुशीगंज निवासी गहनु भुइयां (55) की मौत गत 14 मार्च को हुई है, जबकि उसकी बेटी करमी भुइन (30) की मौत 20 मार्च को हुई. गहनु की बहू सविता देवी बीमार है. हालांकि गहनु का बेटा प्रमोद भुइयां और उसकी पत्नी मामले को अंधविश्वास मान लिए हैं और झाड़फूंक कराने हैदरनगर के बाद गढ़वा के मझिआंव चले गए. उनकी खोजबीन की जा रही है. गढ़वा के सिविल सर्जन को भी इसकी जानकारी दी गयी है. दोेनों के मिलने के बाद उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर उनकी स्वास्थ्य जांच की जायेगी. इसके बाद ही पता चल पाएगा कि मामला क्या है? उन्होंने कहा कि प्रमोद गोवा मजदूरी करने गया था, लेकिन जानकारी मिली है कि उसकी तबियत पूरी तरह ठीक है. ऐसे में कोरोना से मौत हुई या किसी अन्य बीमारी से, इसकी जांच किए बिना स्पष्ट रूप से जानकारी नहीं दी जा सकती.   

ग्रामीणों के अनुसार गहनु का बेटा प्रमोद भुइयां गोवा मजदूरी करने गया था. वहां से होली पर्व में शामिल होने के लिए गत 7 मार्च को घर पहुंचा. इसी बीच पहले गहनु बीमार हुआ. उसे सर्दी-खांसी हुआ था और बुखार लग रहा था. 14 मार्च को उसकी मौत हो गयी. इसी बीच उसकी बेटी करमी भुइयां (पति जगु भुइयां) भी बीमार पड़ गयी. उसे भी सर्दी-खांसी हुआ था और बुखार लग रहा था. 20 मार्च को उसने भी दम तोड़ दिया. महज सात दिन के अंदर अज्ञात बीमारी से पिता-पुत्री की मौत हो गयी. इसके अगले दिन मृतक की बहू बीमार पड़ गयी. 

पंचायत के मुखिया पंकज पासवान ने बताया कि गहनू भुइयां 12 मार्च को सर्दी, खांसी व तेज बुखार हुआ से बीमार पड़ा और उसकी 14 मार्च को मौत हो गयी. इसी बीच उसकी बेटी करमी देवी को भी वही समस्या हुई. उसे लोग अनुमंडलीय अस्पताल ले गये. इलाज कराकर वह 20 मार्च को घर लौट आयी. घर में उसी दिन उसकी मौत हो गयी.

गहनू और करमी की मौत और सविता के बीमार होने की सूचना मिलने पर छतरपुर के चिकित्सा प्रभारी डॉ राजेश अग्रवाल सुशीगंज पहुंचे. उन्होंने सविता का इलाज करने के लिए उसे ढूंढा, लेकिन वह नहीं मिली. मालूम हुआ कि घर वाले इस बीमारी को भूत-प्रेत का प्रकोप समझ कर झाड़-फूंक कराने उसे हैदरनगर ले गये हैं. 

इधर, गांव वाले पिता-पुत्री की मौत हो कोरोना का कारण मान रहे हैं. उन्होंने करमी के शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग जिले के उपायुक्त से की है. चिकित्सा प्रभारी डॉ राजेश अग्रवाल ने बताया कि घर पहुंचने पर बीमार सविता नहीं मिलीं इसलिए उसकी जांच नहीं हो पायीं यह भी नहीं मालूम हो पाया कि उसे क्या बीमारी है? उन्होंने कहा कि घर के दो सदस्यों की मौत हुई है.