बेतला नेशनल पार्क अंतर्गत रविवार को हाथी के हुई पानी के अभाव में मौत , आनन फानन में पोस्टमार्टम करा कर शव को दफना दिया गया


हाथी के मौत मामले में वन विभाग के पदाधिकारी एव बेतला रेंजर नथुनी सिंह से पूछे जाने पर बने रहे अनजान


 बेतला नेशनल पार्क के पुराने अधिकारी बदलेंगे तभी जानवरों के लिए वरदान होगा नहीं तो इन लोग की मनमानी हमेशा चलती रहेगी और यूं ही हाथियों की मौत होती रहेगी - ग्रामीण


लातेहार बेतला देश एवं विदेशों में बहुचर्चित पर्यटक स्थल बेतला नेशनल पार्क में इन दिनों जंगली जानवरों की मौत की सिलसिला जारी है एक तरफ झारखंड सरकार एवं पर्यटन विभाग की ओर से बेतला नेशनल पार्क को सुंदर एवं सुसज्जित करने में करोड़ो कि खर्च की जा रही है पर बेतला नेशनल पार्क की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है एक तरफ जल्द ही कर्नाटक से तीन पालतू हाथी को लाया गया है  वहीं दूसरी बेतला नेशनल पार्क में शुक्रवार को पानी के अभाव में एक जंगली हाथी की मौत हो गई एवं वन विभाग के पदाधिकारियों ने गुपचुप तरीके से शव को पोस्टमार्टम कराकर दफना दिया गया  है वन एवं वन्य जीवों की रक्षा के नाम पर विभाग कर रही है महज खानापूर्ति  बताते चलें कि बेतला नेशनल पार्क में शुक्रवार को हाथी के मौत मामले में बेतला रेंजर नथुनी सिंह से इस संबंध में पूछे जाने पर कुछ भी बोलने से इनकार किए  साथ ही कुछ बोलने से परहेज करते रहे  जिससे यहां के संवाददाताओं को न्यूज़ कवरेज करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी