तमिलनाडु में फसे झारखंड बिहार के मजदूर दाने दाने के हैं मोहताज, सरकार से लगाई गुहार

पलामू:-  तमिलनाडु के कोठलुर जिले में थर्मल पावर प्लांट  में काम कर रहे झारखंड बिहार के लगभाग 500 मज़दूर  को 3 महीने से पैसा नही मिला है.  अब लॉक डाउन होने के बाद उन्हें राशन मिलना भी बंद हो गया।

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मज़दूरों ने वीडियो जारी कर सरकार से रहम की भीख मांगी है , मज़दूरों ने वीडियो में कहा है कि सरकार किसी तरह से उन्हें वहां से निकाल ले और उनके घर पहुँचा दे।  मज़दूरों ने विडिओ के माध्यम से बताया है कि उनके पास एक भी पैसा नही बचा है, न ही राशन।  उधार खाने का सामान ले रहे थे ,मगर एक सप्ताह का पैसा नही देने पर दुकानदार ने उधार देना भी बंद कर दिया है । अब वो भूखे प्यासे रहने को मजबूर हैं। प्लान्ट का कोई भी अधिकारी उनकी बातों को नही सुन रहा है। ज्यादातर मज़दूर बिहार के रहने वाले है। कुछ मजदूर झारखंड के भी है। जिसमे हैदरनगर के रजबन्धा गांव के भी मज़दूर है। सभी मज़दूरों ने सरकार से अपील की है कि उनकी जान बचा ले। अगर वो कोरोना से बच भी गए तो भूख से मर जाएंगे। मज़दूरों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ,झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से रहम की भीख मांगी है।