सांसद लक्षमण गुलिवा ने किया जिला को खुले में शौचमुक्त जिला घोषित पश्चिम सिंहभूम जिला दसवां जिला बना शौचचमुक्त बेस लाईन सर्वे के आधार पर जिला में एक लाख चालिस हजार शौचालय निर्माण का मिला था लक्ष्यः उपायुक्त


संतोष वर्मा। पश्चिमी सिंहभूम जिला ‘खुले में शौचमुक्त घोषित‘

पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा के गांधी मैदान में आयोजित स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के खुले में शौचमुक्त घोषणा समारोह में मुख्य अतिथि स्थानीय सांसद श्री लक्ष्मण गिलुवा के द्वारा पश्चिमी सिंहभूम जिले को खुले में शौचमुक्त घोषित किया। इस समारोह के उद्घाटन  भाषण में  उपायुक्त अरवा राजकमल ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम शौचमुक्त होनेवाला 10 वाँ जिला है। जिले को 2011 एवं 2014 के बेसलाईन सर्वे के आधार पर एक लाख चालीस हजार चिन्हित परिवारों का शौचालय निर्माण करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। इसकी समय सीमा अक्टूबर 2018  तक थी जिसे समय से पूर्व जिले के टीम वर्क ने कर दिखाया है। आज चिन्हित 1.40 लाख परिवारो का शौचलय का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। जिले मे वैसे भी लोग हैं जो शौचालय स्वयं आर्थिक कमजोरी के कारण नहीं बना सकते हैं और उनका बेसलाईन सर्वे में नाम छूटा हुआ है वैसे लोगों का शौचालय निर्माण भी ग्राम सभा से प्रस्ताव  पारित कराकर डी0एम0एफ0टी फण्ड  से कराने की प्रक्रिया जारी रहेगी। जिला अब बच्चे की तरह प्रारंभिक कदम उठाने के लायक हो चुका है। यह अब चलकर इस दिशा में आगे बढेगा।अब जिले के 5 हजार लोगों को शौचालय निर्माण तथा रिपेयारिंग के साथ शौचालय के प्रयोग का प्रशिक्षण देने का कार्य किया जायगा। तीन माह के समय जिसमें फोटो उपलोडिंग, शौचालय की जांच तथा उसके उपयोग पर आधारित कार्य किए जाएंगे। पेयजल के सम्बन्ध मे कहा कि जिले में सोलर आधारित पम्प से पाईपलाईन द्वारा जलापूर्ति करने का कार्य पूर्ण किया जायगा। सभी घोषित ओ0डी0एफ0  पंचायतों में इस साल तक पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित कर लिया गया है। आने वाले दिनों में सोलिड वेस्ट को कम्पोष्ट में परिवर्तित करने का कार्य किया जायगा। जिले के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, जलसहिया,एवं जनप्रतिनिधयों के सहयोग से इतना बड़ा 18 प्रखण्डों का जिला में कार्य प्रगति पर आकर जिले को  ओ0डी0एफ0 घोषित करने में सफलता मिली है। अब शौचालय प्रयोग करने की मानसिकता एवं आदत तथा व्यवहार बदलने की जरूरत है। इस अवसर पर स्थानीय सांसद लक्ष्मण गिलुवा ने कहा कि प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट को 2 अक्टूबर 2014 को शुभारंभ कर भारत के नागरिको को खुले में शौचमुक्त के साथ जीवन को सुरक्षित करने की सपना को पश्चिमी सिंहभूम 10 वां स्थान प्राप्त किया है। जिला  टीम वर्क कर हर समस्या का सामना कर सकता हैं। जिला इस टीम वर्क के साथ योजनाओं को जमीन पर उतार रहा है। जनधन योजना  से देश में 6 करोड़ से शुरू होकर  30 करोड़ से ज्यादा गरीबो का बैंक खाता खोलने का कार्य किया है। प्रधान मंत्री आवास योजना  के तहत 2022 तक सभी का अपना पक्का घर हो इस सपना को पूरा करने में जिला आगे बढ रहा है। सभी का सहयोग जरूरी है। 2022 तक 75 वें स्वतंत्रता दिवस पर कोई भी गरीब बिना घर मकान का नहीं रहेगा। बेटी बचाओ ,बेटी पढ़ाओ अभियान में बेटियां $2 से स्नातक हो तब विवाह शादी हो ऐसा सुनिश्चित करना है। इसके लिए सरकार अनेको योजनाएं चला रखी है। इस जिले के विकास प्रतिशत को और आगे बढ़ाना है। शत-प्रतिशत  साक्षरता को बढ़ाने की जरूरत है जिस दिशा में  प्रयासरत है। शौचमुक्त में महिला स्वयं सहायता समूह, जनप्रतिनिधियाँ, जलसहिया,आदि के सहयोग से इस मुकाम तक पहुंचा है। आस-पास  की गंदगी से विभिन्न बिमारी फैलती है।नियंत्रण का शत प्रतिशत लाभ प्राप्त करने के लिए जिला प्रशासन घर-घर पाईप लाईन से पानी पीने का व्यवस्था के सोलर सिस्टम से शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए कार्यरत है। क्डथ्ज् फण्ड मे जिले को  30 प्रतिशत राशि उपलब्ध कराकर प्रधान मंत्री ने खनिज क्षेत्र के जिलो को विकसित करने के लिए कई योजनाएं चलायी जा रही है। कुँआ, चँआ,तालाब, नदी का पानी 70 वर्ष आजादी के बाद भी पी रहे हैं। इस समस्या का समाधान के लिए पाईपलाईन से जलापूर्ति योजना का केन्द्र एवं राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना से गांव के लोगों का भी जीवन  सुरक्षित होगें। गैस  कनेक्सन केन्द्र सरकार द्वारा एवं राज्य सरकार द्वारा  चूल्हा फ्री में दी जा रही है। 10 लाख लोगों को लाभ पहुंचाया जा चुका है। साल के पेड़ पानी संरक्षण करता है जो बुजूर्गो का कहना है एवं वैज्ञानिक  भी स्वीकार करता है। गैस से खाना बनाने से प्रदूषण मुक्त , समय की बचत, समय पर बच्चो का भोजन बनाने में सुविधा होती है। माता-बहनो को लकड़ी धुंआ से बीमारी से बचाया जा सकता है। भारत की आत्मा गांव में बसता है अतः गांव का विकास कर ही देश को विकसित की जा सकती है। गांव के अन्तिम व्यक्ति का विकास कर ही देश का विकास किया जा सकता है। गरीबी को समाप्त करना बड़ी चुनौती है जिसे मुकाम तक पहुंचाने के लिए जन सहभागिता से समाप्त कर सकते है। राज्य में यह जिला एक उदाहरण बने एवं राज्य में अब्वल हो इसके लिए  सहभागिता, प्रशासन, जनप्रतिनिधि को सहयोग करने से सम्भव है। शौचमुक्त करने के इस अभियान के उत्कृष्ट कार्य के लिए उप विकास आयुक्त कमलेश्वर प्रसाद सिंह, बी0डी0ओ0 बंदगांव कामेश्वर बेदिया,बी0डी0ओ0 हाट गम्हरिया सोमनाथ बांकिरा, बी0डी0ओ0 गुदड़ी अरूण तिर्की, अजीविका महिला ग्राम संगठन चैनपुर,विकास स्वयं सहायता समूह जगनाथपुर, डोमलाई अजीविका महिला ग्राम संगठन मनोहरपुर, मुखिया मटकोबेडा माधुरी  हेम्ब्रम,खूंटपानी  जलसहिया  कदमडीहा गोईलकेरा प्रमीला सुरीन, को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को स्वच्छता शपथ दिलाई गई। आमजनों को जिप अध्यक्ष, लालमुनी पुरती अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष अषोक षाडंगी ने भी संबोधित किया । इस अवसर पर चाईबासा नप उपाध्यक्ष,डोमा मिंज ,डी0डी0सी0 ,अनुमण्डल पदाधिकारी, सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, महिला स्वयं सहायता समूह की दिदियां, जल सहिया, मुखिया,सहित अन्य उपस्थित थे।