ऑउटसोर्सिंग कर्मियों का मामला बन गई भाजपा के गले की घंटी

ऑउटसोर्सिंग कर्मियों का मामला बन गई भाजपा के गले की घंटी


आऊटसोर्सिंग कर्मियों का भुगतान जल्द हो_राकेश


ये कहना तब गलत नहीं होगा, जब ऑउटसोर्सिंग के खिलाफ मुखर जेएमएम के सुप्रीमो हेमंत सोरेन ने विधानसभा में मेदिनीनगर सदर अस्पताल में हटाए गए 375 कर्मचारियों का मामला उठाने के संकेत दे दिए हैं... जब हेमंत से मुलाकात कर पलामू के ऑउटसोर्सिंग कर्मीयों ने अपनी व्यथा सुनाई। पलामू में बेरोजगारी को मिटाने और सरकारी के छलीय व्यवहार के खिलाफ हल्ला बोल चुकी युवा पलामू के चेहरे राकेश तिवारी ,रुद्र शुक्ला ने विपक्ष के नेता हेमंत सोरेन से मुलाकात कर कंपनियों की मनमानी और सरकारी षडयंत्र की जानकारी दी एवं सौतलेपन के शिकार पलामू के युवाओं को रोजगार देने के बजाय बेरोजगारी बढ़ाने के कार्य से अवगत कराया। जिसे जान हेमंत सोरेन ने विधानसभा में मामले को जोर-शोर से उठाने का वायदा किया। उनकी माने तो एक लाख रोजगार देने के नाम पर ढींढोरा पीटने वाली सरकार का यही सच है। एक तरफ कौशल विकास के नाम पर युवाओं को बरगला कर उन्हें अपना प्रचारक बना रही है, फिर जब वो छः माह, सालभर पर अपना मेहनताना मांग रहे हैं तो उन्हें बिना एक पैसा का सालों खटवा कर रोजगार छिन लिया जा रहा है। हेमंत ने बताया कि जनता के साथ छलावा कर कॉरपोरेट कंपनियों के साथ सांठगांठ कर उन्हें फायदा पहुंचाने के साथ अपनी जेबें भरने का काम कर रहे हैं।

झामुमो के सबसे बड़े चेहरे हेमंत ने विधानसभा में मामले को उठाने का जिम्मा सिल्ली विधायक अमित महतो को सौंपा है। जिनसे मुलाकात कर युवा पलामू ने ऑउटसोर्सिंग के कर्मीयों को अधिक वेतन देने का झूठा दिलासा देकर पहले प्रशिक्षण के नाम पर, फिर नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी करने की तरीके की जानकारी दी। जिसपर युवा विधायक अमित महतो ने सरकार के चेहरे को सामने लाने का भरोसा दिया।

युवा पलामू ने ये लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ने के लिए कमर कस लिया है। बता दें कि सदर अस्पताल में बालाजी कंपनी के साढ़े सात सौ से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर बैठे थे, जिन्हें युवा पलामू ने तब समर्थन दिया था जब ये मामला आया कि रोजगार के नाम पर इन्हें ठगा जा रहा है और छः माह पर एक माह का वेतन और तीन-चार हजार थमाकर बारह-सोलह हजार पर हस्ताक्षर कराया जाता है। जिसे सिविल सर्जन ने झूठा आश्वासन देकर हड़ताल तो खत्म करा दिया, पर शाम तक साढ़े तीन सौ अधिक कर्मचारियों को निकालने के भी आदेश जारी कर अपनी नीतियों को जगजाहिर कर दिया। जिसके बाद कौशल विकास और रोजगार देने के झूठे खेल का पर्दाफाश पलामू में हो गया। पलामू सरकारी उपेक्षा का सबसे बड़ा शिकार जिला है, जहाँ के युवा इस खेल को समझने भी लगे हैं... और विरोध का स्वर बुलंद भी कर रहे हैं... वहीं JCM के केंद्रीय संघटन सचिव धीरज दुबे ने साफ कह दिया है कि ये लड़ाई अब हम सब को मिलकर लड़ेंगें हमेशा पलामू,गढ़वा को छलने का काम किया जाता है चाहे वो नियोजन नीति हो आऊटसोर्सिंग का मामला हो या पारा का मामला हो JMM सबको अधिकार दिलाएगा इधर नौ में छः विधानसभा पर काबिज होने वाली भाजपा के लिए यह शुभ संकेत नहीं है... क्योंकि सामने 2019 का वर्ष है... जो भविष्य तय करेगा, सरकार के काम.काज और नीतियों का।